नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम सपना है. मैं फिर से अपनी दूसरी कहानी के साथ आ गई हूँ. मेरी पहली कहानी काश वो चुदाई खत्म ना होती आप सबको बहुत पसन्द आई. धन्यवाद. इस कहानी को लेकर मुझे बहुत से मेल मिले. जिन्होंने मुझे मेल किए, उनको बहुत बहुत शुक्रिया. उन मेल में आप सबने मुझसे अगली कहानी लिखने के लिए भी बोला था, तो आज मैं अपनी दूसरी कहानी आप सभी के मजे के लिए लिख रही हूँ. मैंने अपने बारे में पिछली कहानी में सब बता दिया था, जिन्होंने पिछली कहानी नहीं पढ़ी है, वो जरूर पढ़ें.. जिसमें उन्हें मेरे बारे में सब कुछ मालूम पड़ जाएगा. वैसे मैं इधर भी अपने बारे में लिख सकती हूँ.. लेकिन पूरा मजा लेना है तो प्लीज़ एक बार मेरी पिछली कहानी का रस जरूर लीजिएगा. पिछले महीने ही मेरे सास और ससुर जी ने बोला कि तुम दोनों भी एक बार खेत ओर गांव देखने चलो.. तो मैंने भी बोल दिया कि हाँ मैंने तो गांव भी नहीं देखा, प्लीज चलते हैं. इस पर मेरे पति ने ये कह कर मना कर दिया कि उन्हें आफिस में बहुत काम है, अगर तुमको जाना हो, तो तुम जा सकती हो. उनसे अनुमति मिलने के बाद मैं गाँव जाने के लिए तैयार हो गई. उसी दिन शाम की ट्रेन...