जब मैं 12वीं में थी, तब ट्यूशन भी जाती थी. मुझे रास्ते में रोज ही एक लड़का दिखता था. वो मेरे घर से थोड़ी दूर ही रहता था. वो मुझे रोज देखता था. बाद में मुझे मालूम हुआ कि उसका नाम विक्की था. विक्की बहुत हैंडसम था उसकी हाईट भी काफी मस्त थी. वो मुझे रोज देखकर स्माइल करता और मेरे पीछे पीछे मेरे घर तक आ जाता. मैं घर में आ जाती, तो वो सीटी की धुन पर कोई न कोई गाना निकालते हुए आगे बढ़ जाता. मुझे उसका यूं मेरे पीछे आना बड़ा अच्छा लगने लगा था. फिर एक दिन मैं उसे देख कर मुस्कुरा पड़ी तो उसने मेरे करीब आकर मुझे प्रोपोज़ कर दिया. मैंने कहा- मुझे थोड़ा टाइम चाहिए सोचने के लिए! उसने कहा- हां मुझे भी लगता है कि तुमको मेरे बारे में जानकारी होनी चाहिए. ऐसा करो, तुम मुझे अपना फोन नम्बर दे दो. इससे हम दोनों एक दूसरे को समझ सकते हैं. ये कहते हुए उसने मेरा नंबर मांग लिया मैंने भी दे दिया. अब हम दोनों की बातें चालू हो गई थीं. शाम को चार बजे उसने मुझे कॉल किया. मैंने- हैलो कौन? विक्की- क्या कर रही हो. मैं उसकी आवाज पहचान गई और बोली- मैं बस पढ़ रही थी … अब बस शॉपिंग करने मार्किट जा रही हूँ. विक्की- मतलब तुम मेरी आवाज ...