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Showing posts from February, 2020

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मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

अधूरी प्यास की तड़प

दोस्तो... मेरी पिछली कहानियाँ मस्ती की रात अदल बदल कर मस्ती और सतपुड़ा हिल्स की मस्ती का अपने आनंद लिया. आज की कहानी का विषय हट के है. चुनावों के बाद तबादलों का दौर चला. बैंक मेनेजर बन कर राजन की नियुक्ति आगरा में हुई थी. राजन लखनऊ से आया था. वहां उसका अपना दोस्तों का ग्रुप, पत्नी शोभा, जो एक स्कूल में टीचर है, और एक 5 वर्षीय बेटा था. राजन और शोभा की सेक्स लाइफ बहुत मस्त थी. पर नौकरी की मजबूरी ... उन दोनों के बीच ये तय हुआ कि हर 15 दिनों में दो रात के लिए राजन लखनऊ आया करेगा. पैसे की कोई कमी नहीं थी. शोभा की सरकारी नौकरी थी. लखनऊ में अपना पुश्तैनी मकान था. इसके अलावा किराये की आमदनी भी थी.  जब पैसे की कमी न हो और बीवी जवान और सेक्सी हो, तो मर्द बहुत मजा देते हैं. कहावत है ‘पेट भर भोजन और रात को जोगन’ और चाहिए क्या दुनिया में. तो अब बात पर आते हैं कि हर ट्रान्सफर वाले व्यक्ति के सामने जो समस्या आती है वो होती है मकान की. राजन ने अपने स्टाफ और क्लाइंट्स से कोई अच्छा सा छोटा मकान दिलाने को कहा. एक हफ्ता तो वो होटल में रहा, फ्राइडे को रात को लखनऊ चला गया, क्योंकि सेकंड सैटरडे को बैंक बं...

बिना शादी के सुहागरात मनानी पड़ी-2. (Bina Shadi Ke Suhagrat Manani Padi- Part 2)

जैसे ही सचिन मेरे लबों पर चुम्बन करने लगे, मैंने मुँह फेर लिया. वो रुक गये. पर फिर मैंने खुद को समझाया और फीस के बारे में सोचा तो खुद ही उनकी तरह मुँह किया वो मेरी इस हरकत को देख कर खुश हो गये और मेरे लिप्स पर किस किया. फिर उन्होंने मुझे स्मूच करना शुरू कर दिया. अजीब लग रहा था क्योंकि यह सब मेरी लाइफ में पहली बार हो रहा था. उन्होंने बहुत लंबा समूच किया और समूच करते करके मेरे बूब्स पर छुआ और फिर दबाने लगे. उनकी पकड़ और ज्यादा बढ़ती जा रही थी. फिर उन्होंने मुझे गले पर किस किया और फिर मेरी पीठ पर चूमते हुए मेरे ब्लाउज का धागा खोल दिया. उन्होंने मेरे ब्लाउज को उतार दिया और फिर अपना भी कुरता भी उतार दिया. अब वो मेरे पेट पर किस किए जा रहे थे और फिर मुझे घुमा कर मेरे दोनों चूचों को दबाने लगे और ब्रा के ऊपर से ही चूस रहे थे. उन्होंने फिर मेरी ब्रा का हुक खोल दिया और धीरे धीरे ब्रा निकाल दी. मैंने दोनों हाथ से अपने चूचे छुपा लिए और फिर उन्होंने दोनों हाथों पकड़ के साइड कर दिया और मेरे बूब्स पर किस किया. फिर उन्होंने मेरा निप्पल अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू किया. मुझे अजीब सा लग रहा था पर सच बता...

बिना शादी के सुहागरात मनानी पड़ी-1

मेरा नाम पूजा अरोड़ा है, मैं बी टेक 3र्ड इयर की स्टूडेंट हूँ. मेरी उमर 21 साल है. भगवान की कृपा से रंग गोरा और दिखने में सुन्दर हूँ. सुन्दर हूँ.. शायद इससे अच्छा आप यह बोल सकते हो कि मैं एक बार्बी डॉल सी क्यूट हूँ. मैं हरियाणा के छोटे से जिले यमुनानगर से हूँ और बी टेक करने दिल्ली आई हूँ, मेरा कॉलेज गुरुग्राम में है. मेरे परिवार में मेरे पिता जी, माँ और एक छोटा भाई है जो मुझसे बहुत प्यार करते हैं और मैं भी अपने परिवार से बहुत प्यार करती हूँ, शायद यही कारण था कि मैं आज तक किसी ग़लत चक्कर में नहीं पड़ी और ना ही कभी बॉयफ्रेंड बनाया. मेरा फिगर 36-24-36 का है, मैं अपने फिगर को लोगों को आकर्षित करने के लिए नहीं पर अपनी खुशी के लिए मेंटेन रखती हूँ. मेरे कॉलेज के सब लड़के मेरे दीवाने हैं. बहुत लड़कों ने मुझे प्रपोज़ किया है पर मैंने कभी किसी को कभी हाँ नहीं कहा और ना ही कभी किसी लड़के से कभी दोस्ती की. लेकिन किस्मत ने जब जिससे जहाँ मिलना होता है, मिला देती है और शायद किस्मत को ऋषि को मुझसे मिलना था. ऋषि मेरा एक दोस्त है जो मुझे गुरुग्राम में ही मिला. ऋषि दिखने में भी बहुत अच्छा है, मन में एक बार...

मेरा पहला सेक्स: साजन अनाड़ी सजनी खिलाड़ी

मैं राजस्‍थान के एक छोटे से गॉंव का रहने वाला हूँ। यह कहानी तब की है जब मैं अठारह साल का था और शहर के एक अच्‍छे हास्‍टल में रह कर अपनी पढ़ाई कर रहा था। उस समय गर्मी की छुट्टियाँ बिताने मैं अपनी मौसी के गॉंव में जाया करता था। मेरी मौसी एक सम्‍पन्‍न परिवार में ब्‍याही गयी थीं। मेरी मौसी के दो छोटे छोटे बच्‍चे थे। गॉंव में उनका बड़ा आलीशान घर था और एक बड़ा सा फार्म हाउस भी वहीं पास में ही था। पिछली छुट्टियों की बात है। मैं अपनी मौसी के घर हर साल की तरह गर्मी की छट्टियाँ बिताने गया हुआ था। मेरी मौसी के घर मेरे मौसा जी की भानजी भी आयी हुई थी। उसका नाम जूही था। जूही की उमर भी यही कोई 18 साल रही होगी मेरी ही तरह। मैं तो खैर अठारह का होने के बावजूद निरा अनाड़ी ही था। मगर जूही काफी होशियार थी। वहीं मौसी के घर उस गर्मी की छुट्टियों में मेरी जिन्‍दगी के साथ कुछ ऐसा वाकया घटा जिसको मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ। मेरी मौसी के गांव में कुछ दूरी पर एक हाट बाजार लगती थी। एक रोज की बात है कि मेरे मौसी और मौसा घर की कुछ खरीदारी करने के लिए हाट बाजार गए हुए थे। घर में केवल मैं था और मौसा जी की भानजी जूही थी...

मेरी चूत का टैटू

दोस्तो, मैं आपकी अपनी प्यारी प्यारी प्रीति शर्मा... आज आपके लिए अपना एक नया कारनामा लेकर आई हूँ। अभी पिछले दिनों मुझे अपने ससुराल के पैतृक गाँव जाने का मौका मिला। हमारा खानदानी घर उत्तर प्रदेश में लखनऊ से करीब 50 किलोमीटर आगे जा कर है। दिल्ली से लखनऊ ट्रेन से और आगे हमने टेक्सी कर ली। मैं, मेरे पति, मेरी बेटी और मेरे सास ससुर, हम सब घंटे भर में लखनऊ से अपने गाँव वाले घर में पहुँच गए। गाँव में हमारी पुश्तैनी ज़मीन है, मेरे ससुर के दोनों छोटे भाई वहाँ गाँव में रह कर खेतीबाड़ी करते हैं। बड़ा सारा घर है हमारा! अपनी शादी के चार साल में मैं सिर्फ 2 बार यहाँ आई हूँ। एक बार शादी के तुरंत बाद, फिर एक बार कोई मर गया था तब। मगर दोनों बार मैं सिर्फ 1-2 दिन ही गाँव में रुकी, और घर के अंदर ही रही, कभी बाहर घूम कर नहीं देखा। बाहर क्या... मैंने अपना सारा घर भी घूम कर नहीं देखा था। इस बार हम 4-5 दिन के लिए गए थे, कोई फंक्शन भी नहीं था वहाँ, बस इसी लिए बड़े फ्री मूड में गए थे। घर पहुंचे तो सबने हमारा खूब आदर सत्कार किया। पहले तो मेरे ससुर सबसे बड़े और दूसरे मेरे पति, भाइयों में ये भी सबसे बड़े। तो जो भी बुजुर...

दोस्त की बीवी ने बहाने से चूत चुदाई

मेरा नाम राज गर्ग है. मैं दिल्ली में रहता हूँ। मेरा एक वाइफ स्वापिंग क्लब भी था जैसा कि में आपको अपनी पुरानी कहानी में बता चुका हूं क्लब के चलते मेरा डिवोर्स हुआ; यह भी मैं आपको बता चुका हूं. अब मैं एक अच्छी पार्टनर की तलाश में हूँ. डिवोर्स के बाद में बिल्कुल अकेला महसूस करने लगा हूँ क्योंकि जिसे रूटीन में चूत लेने की आदत हो वो कैसा महसूस करेगा ये तो आप समझ सकते हो. मैं आपका ज्यादा समय खराब नहीं करते हुए सीधा कहानी पर आता हूं. ये कहानी मेरे एक दोस्त शीराज और उस की वाइफ ज़ायरा की है; जब मैंने ज़ायरा की मसाज करते करते उसकी चुदाई की है जो कि मेरे दोस्त के घर पर ही उसकी गैरमौजूदगी में हुई। हुआ यह कि एक दिन मेरे दोस्त का कॉल आया कि उसका ट्रांसफर दिल्ली से मुंबई हो गया है तो उसे दो दिन के अंदर मुंबई शिफ़्ट होना था. उसको मेरी कुछ हेल्प चाहिए थी। एक बात और मैं आपको बता दूँ कि जब मैंने अपना वाइफ स्वाइपिंग क्लब शुरू किया था, तब एक बार मेरी पत्नी ने शीराज और ज़ायरा के बारे में भी बात करी थी. क्योंकि मेरी पत्नी शीराज को पसंद करती थी. और ज़ायरा तो बहुत ही शानदार औरत है। उसका कद थोड़ा कम था, मगर गोरी चिट्...