दोस्तो... मेरी पिछली कहानियाँ मस्ती की रात अदल बदल कर मस्ती और सतपुड़ा हिल्स की मस्ती का अपने आनंद लिया. आज की कहानी का विषय हट के है. चुनावों के बाद तबादलों का दौर चला. बैंक मेनेजर बन कर राजन की नियुक्ति आगरा में हुई थी. राजन लखनऊ से आया था. वहां उसका अपना दोस्तों का ग्रुप, पत्नी शोभा, जो एक स्कूल में टीचर है, और एक 5 वर्षीय बेटा था. राजन और शोभा की सेक्स लाइफ बहुत मस्त थी. पर नौकरी की मजबूरी ... उन दोनों के बीच ये तय हुआ कि हर 15 दिनों में दो रात के लिए राजन लखनऊ आया करेगा. पैसे की कोई कमी नहीं थी. शोभा की सरकारी नौकरी थी. लखनऊ में अपना पुश्तैनी मकान था. इसके अलावा किराये की आमदनी भी थी. जब पैसे की कमी न हो और बीवी जवान और सेक्सी हो, तो मर्द बहुत मजा देते हैं. कहावत है ‘पेट भर भोजन और रात को जोगन’ और चाहिए क्या दुनिया में. तो अब बात पर आते हैं कि हर ट्रान्सफर वाले व्यक्ति के सामने जो समस्या आती है वो होती है मकान की. राजन ने अपने स्टाफ और क्लाइंट्स से कोई अच्छा सा छोटा मकान दिलाने को कहा. एक हफ्ता तो वो होटल में रहा, फ्राइडे को रात को लखनऊ चला गया, क्योंकि सेकंड सैटरडे को बैंक बं...