मुझे अपने शौहर को और नीचा दिखाने का मौका बना गया था. उस स्थिति में अगर पूरी ट्रेन के मर्द मेरी चूत से अपनी प्यास बुझा लेते तो भी मुझे अफसोस नहीं होता. कहानी का पिछला भाग: ट्रेन के सफर में मेरे शौहर की कारस्तानी-4 थोड़ी देर बाद हम दोनों भी कम्पार्टमेन्ट में पहुंचे. जवान ने मेरे शौहर से कहा- हां! अब तसल्ली हो गई, तुम लोग बिल्कुल क्लीन हो. बस एक बार मैं अपने सीनियर से भी कन्फर्म कर लेता हूं. मेरे शौहर को इशारा करके उसने टिकट मांगा. मेरे शौहर ने निकाल कर उसे टिकट दे दिया. उसने कहा कि वो पांच मिनट में टिकट कन्फर्म करके आ रहा है. मेरे शौहर कुछ नहीं बोले और वो चला गया. लेकिन जब वो 15 मिनट तक वापस नहीं आया तो मेरे शौहर के चेहरे की रंगत उड़ने लगी. मुझे तो समझ आ गया था कि वो कोई न कोई चाल चल के गया है. और सच पूछा जाये तो मुझे अपने शौहर को और नीचा दिखाने का मौका बना गया था. उस स्थिति में अगर पूरी ट्रेन के मर्द मेरी चूत से अपनी प्यास बुझा लेते तो भी मुझे अफसोस नहीं होता. बस वो मुझसे अपनी कारस्तानियों की माफी मांगे. जैसा कि उम्मीद थी, थोड़ी देर में टी टी एक नये आर पी एफ के जवान के साथ आ धमका और मेरे श...