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Showing posts from March, 2020

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मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

भाई बहन की चुदाई की सेक्सी स्टोरी-1

मध्यमवर्गीय खुश परिवार की… रमेश (26 साल) और सुरेश (24 साल) दो भाई थे. दोनों जॉब करते थे और दोनों के दफ्तर पास पास थे, इसलिए दोनों भाई रोज़ एक ही कार से ऑफिस जाते थे. रमेश रोज़ सुरेश को उसके दफ्तर के बाहर पिक एंड ड्राप कर लेता था. एक दिन शाम को दोनों भाई घर वापिस आये तो दोनों ही काम से थके हुए थे. घर का दरवाज़ा खुला था, दोनों अन्दर आये और हॉल में लगे सोफे पर गिर गए. अन्दर से मयूरी (24 साल) आई जो कि बड़े भाई रमेश की पत्नी थी और दोनों को देख कर मुस्कुराते हुए बोली- आ गए दोनों? छोटा भाई सुरेश बोला- हाँ भाभी! मयूरी- तुम दोनों काफी थके हुए लग रहे हो? सुरेश- हाँ भाभी, आज का दिन काफी हेक्टिक रहा. मयूरी- ओह.. अच्छा, मैं तो मंदिर जा रही हूँ, तो मुझे वापिस आने में 30 से 45 मिनट लग जाएंगे. मैं काजल को बोल देती हूँ, वो तुम्हें पानी वानी पिलाएगी. मयूरी ने काजल को आवाज़ लगाई और दोनों को पानी देने को बोल कर चली गई. मयूरी बहुत ही खूबसूरत औरत थी. अभी रमेश और मयूरी की शादी को एक साल ही हुआ था. वो देखने में किसी हीरोइन से कम नहीं लगती थी. गोरी, लम्बी, पतली कमर, बड़ी-बड़ी चूचियां, प्यारी सा चेहरा और जानलेवा मुस्क...

छोटी बहन संग रोज बुर चुदाई(Chhoti Bahan sang Roj Bur Chudai)

हाय दोस्तो, कैसे हैं आप लोग.. मैं हूँ हिरेन.. मैं पहली बार इस पटल पर मेरी हकीकत लिखने जा रहा हूँ। उम्मीद है कि आप लोगों को अच्छा लगे। पहले मैं अपना परिचय करवाता हूँ। मेरा नाम हिरेन है.. मैं गुजरात से हूँ। मेरा घर गुजरात के एक शहर अहमदाबाद में है। कहानी को आगे बढ़ाऊँ उससे पहले मैं अपने लन्ड के बारे में बताना चाहता हूँ। मेरा लण्ड 6 इन्च का काला है.. चुदाई के लिये काफी है। मैं बीए फ़ाइनल में पढ़ता हूँ। मेरे परिवार में मैं, मेरे पापा, मेरी दो बहनें हैं। एक बहन मेरे से बड़ी है और एक छोटी है। मेरे पापा सेना में हैं.. वो जम्मू में हैं, वो अक्सर घर से बाहर ही रहते हैं। जब मैं बारहवीं में पढ़ता था.. उसी वक्त मेरी माँ ने मेरे पापा को तलाक दे दिया था। मेरी बड़ी बहन का नाम पायल है, जो पुणे में पढ़ाई करती है, वो मेरे से तीन साल बड़ी है। वो भी एक बड़ी शौकीन लड़की है उसने काफी ब्वॉय-फ़्रेन्ड बदले हैं। मेरी छोटी बहन का नाम चारू है वो मेरे से दो साल छोटी है.. वो कॉलेज के पहले वर्ष में है। मेरी बहन चारू सांवली है.. उसका फ़िगर 32-28-33 का है, वो कमाल की माल लगती है। टी-शर्ट और जीन्स में बहुत ही कामुक लगती है। मैं और...

कास्टिंग काउच में चोद दिया(Casting Cauch me Chod Diya)

हैलो दोस्तो, मेरा नाम प्रिंस है, मैं मुंबई में रहता हूँ और बॉलीवुड की एक बहुत बड़ी फिल्म प्रोडक्शन कम्पनी में काम करता हूँ। मेरा काम कास्टिंग करना और प्रोडक्शन कंट्रोल करना है। अब मैं कॅस्टिंग में हूँ, तो हर रोज मुझे काफ़ी लोगों का इन्टरव्यू लेना पड़ता है। मैं आपको कम्पनी का नाम नहीं बता सकता। हमारी बॉलीवुड कम्पनी में बड़े-बड़े फिल्म स्टार से लेकर नए अभिनेता तक आते हैं। पुरुष अभिनेताओं की बात ही कुछ और है, पर लड़कियों को आज भी हमारे कहे अनुसार ही काम करना पड़ता है। मैं इस मामले में बहुत नसीब वाला हूँ मुझे हमेशा नई-नई लड़कियों से मिलना पड़ता है और जो ऑडिशन पास कर लेती हैं, वो बाद में लीड रोल या साइड रोल के लिए चुन ली जाती हैं। मैंने अब तक बहुतेरी लड़कियों के साथ सम्भोग किया है, जिनमें आज काफ़ी नाम बना चुकी हैं, पर मेरे पास आज भी चुदवाने आती रहती हैं। मैं आपको पिछले हफ्ते आई एक लड़की की कहानी बताता हूँ। उस का नाम बदल दिया है, आप उसका नाम सोनिया मान लो। सोनिया बहुत ही आकर्षक जिस्म की मलिका है। उसको देख कर मेरा दिमाग़ घूम गया। वो मेरे पास आई, मुझे ‘हैलो’ बोला और उसने अपना बॉयोडाटा और कुछ फोटो ...

मेरी आप-बीती : भैया ने भी मुझे चोद दिया -1 (Meri Aapbiti : Bhaiya Ne Mujhe Chod Diya- Part 1)

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम महेश कुमार है और मैं आपकी चहेती पायल शर्मा का देवर हूँ। आप लोगों ने  पायल शर्मा के नाम से मेरी लिखी हुई कहानियों..  जो अन्तर्वासना पर प्रकाशित हुई हैं उनको पढ़ा.. और बहुत पसन्द किया.. इसके लिए धन्यवाद। दोस्तो, आप लोगों के बहुत सारे मेल आ रहे हैं.. सभी का जवाब देना मुश्किल है.. इसलिए आपको बता देना चाहता हूँ कि ये आपबीती मेरी प्यारी भाभी पायल की है.. मगर मेरी लिखी हुई है और उन्होंने मेरे कहने पर ही ये कहानियाँ अपने नाम से आप तक पहुँचाई हैं। क्योंकि यह कहानी भाभी की जुबान में ज्यादा अच्छी लगेगी। अब इसके आगे की कहानी लिख रहा हूँ वो भी पायल भाभी की जुबानी है.. आनन्द लीजिएगा। दोस्तो.. मेरे और महेश जी के सम्बंध के बारे में तो आप पढ़ ही चुके हैं.. कुछ दिन के बाद भैया की छुट्टियाँ खत्म हो गईं.. और भैया चले गए। भैया के जाने के बाद भाभी और मम्मी-पापा के दबाव के कारण मैं ऊपर भाभी के कमरे में सोने लगी और इसका फायदा महेश जी को मिला। मैं उनसे बहुत बच कर रहती थी.. मगर फिर भी मौका लगते ही वो जबरदस्ती मेरे साथ सम्बन्ध बना ही लेते थे और मैं कुछ भी नहीं कर पाती। करीब दो मही...

मुझे शर्म आती है !-2

मुझे शर्म आती है !-1 भाई बहन की चुदाई की इस कहानी के पिछले भाग में अभी तक आपने पढ़ा कि बहन ने अपने भाई को मुठ मारते देखा. सुबह उठी तो पूरा बदन अनबुझी प्यास की वजह से सुलग रहा था। लाख रग़ड़ लो तकिये पर लेकिन चूत में लंड घुसकर जो मजा देता है उसका कहना ही क्या। बेड पर लेटे हुए मैं सोचती रही कि मुकेश के कुंवारे लंड को कैसे अपनी चूत का रास्ता दिखाया जाए। फिर उठकर तैयार हुई, मुकेश भी स्कूल जाने को तैयार था। नाश्ते की मेज हम दोनों आमने-सामने थे। नज़रें मिलते ही रात की याद ताज़ा हो गई और हम दोनों मुस्करा दिए, मुकेश मुझसे कुछ शरमा रहा था कि कहीं मैं उसे छेड़ ना दूँ। मुझे लगा कि अगर अभी कुछ बोलूँगी तो वह बिदक जाएगा इसलिए चाहते हुए भी ना बोली। चलते समय मैंने कहा- चल, आज तुझे अपने स्कूटर पर स्कूल छोड़ दूँ। वह फ़ौरन तैयार हो गया और मेरे पीछे बैठ गया। वह थोड़ा सकुचाता हुआ मुझसे अलग बैठा था, वह पीछे की स्टेपनी पकड़े था। मैंने स्पीड से स्कूटर चलाया तू उसका संतुलन बिगड़ गया और संभालने के लिए उसने मेरी कमर पकड़ ली। मैं बोली- कस कर पकड़ ले, शरमा क्यों रहा है? ‘अच्छा दीदी!’ और उसने मुझे कसकर कमर से पकड़ लिय...

मुझे शर्म आती है !-1. (Mujhe Sharam Aati hai- Part 1)

भाई बहन की चुदाई कैसे शुरू हो जाती है, इस कहानी में पढ़ें! मेरा नाम पिंकी है मेरा छोटा भाई मुकेश बारहवीं में पढ़ता है। वह गोरा चिट्टा और क़रीब मेरे ही बराबर लंबा भी है और वह मुझे दीदी कहता है। मैं इस समय 20 की हूँ और वह 18 का। मुझे मुकेश के गुलाबी होंठ बहुत प्यारे लगते हैं, दिल करता है कि बस चबा लूँ। पापा मिस्त्री है और माँ प्राइवेट जॉब में हैं। माँ जब जॉब की वजह से कहीं बाहर जाती तो घर में बस हम दो भाई बहन ही रह जाते थे। एक बार माँ तीन दिनों के लिए बाहर गई थी। रात को हमने डिनर के बाद कुछ देर टीवी देखा फिर अपने-अपने कमरे में सोने के लिए चले गये। क़रीब एक घंटे बाद प्यास लगने की वजह से मेरी नींद खुल गई। बोतल देखी तो ख़ाली थी, मैं उठकर रसोई में पानी पीने गई तो लौटते समय देखा कि मुकेश के कमरे की लाइट जल रही थी और दरवाज़ा भी थोड़ा सा खुला था। मुझे लगा कि शायद वह लाइट ऑफ करना भूल गया है, मैं ही बंद कर देती हूँ। मैं चुपके से उसके कमरे में गई लेकिन अंदर का नज़ारा देखकर मैं हैरान हो गई। मुकेश एक हाथ में कोई किताब पकड़कर पढ़ रहा था और दूसरे हाथ से अपने तने हुए लंड को पकड़कर मुट्ठ मार रहा था। मैं क...