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Showing posts from June, 2021

Most Popular

मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

चलती रेलगाड़ी में दो चुदक्कड़ भाभियों की चुदाई

ट्रेन Xxx कहानी में पढ़ें कि ट्रेन में दो विवाहित महिलाओं से मेरी मुलाक़ात हुई. उन्होंने मुझे कैसे अपने साथ सेक्स के लिए पटाया? मैंने उन दोनों भाभियों को चोदा. दोस्तो, मेरा नाम अयाज़ है. मैं राजस्थान के अलवर से हूँ. मेरे लंड का नाप साढ़े सात इंच है और ये काफी मोटा है. मेरी पिछली कहानी थी: अनजान आंटी और उनकी सहेली की चुत चुदाई आज मैं आपको एक सच्ची ट्रेन Xxx कहानी बताने जा रहा हूँ, यह घटना कुछ समय पहले ही मेरे साथ हुई थी. बात उस समय की है, जब मैं लखनऊ गया था. वापस आते वक़्त मैं ट्रेन में सफ़र कर रहा था. मैंने ट्रेन एसी फर्स्ट में अपनी सीट बुक कराई थी, जिसमें मैंने मेरा पर्सनल केबिन बुक कर रखा था. मैं थका हुआ था और सो रहा था. मैंने करीब 4 घंटे अच्छे से नींद ली और जब उठा, तो उस समय रात के एक बज रहे थे. मैंने सोचा अब नींद नहीं आ रही तो कुछ काम ही कर लेता हूँ. मैं लैपटॉप निकालकर अपना काम करने लगा. थोड़ी ही देर बाद किसी ने मेरे केबिन का गेट बजाया. मैंने उठकर गेट खोला, तो देखा कि बाहर दो महिलाएं थीं, जो कि मेरे केबिन का गेट खटखटा रही थीं. मैंने पूछा- जी बोलिए! उनमें से एक लेडी बोली- क्या आपके केबिन क...

बिपाशा की चूत में लंड दिया

Antarvasna, kamukta: मुझे दिल्ली जाने के लिए देर हो रही थी मैंने मां से कहा कि मां जल्दी तैयार हो जाइए तो मां कहने लगी बस बेटा थोड़ी देर में तैयार हो जाती हूं। मुझे अपनी मीटिंग के सिलसिले से दिल्ली जाना था और मां ने मुझे कहा कि मैं भी तुम्हारे साथ दिल्ली चलती हूं। दिल्ली में मेरी दीदी रहती हैं और वह वहां पर काफी वर्षों से रह रही हैं उनकी शादी को 5 वर्ष हो चुका है। दीदी ने अपनी कॉलेज की पढ़ाई दिल्ली से ही की थी। मां कुछ ही देर में तैयार हो चुकी थी और उसके बाद हम लोग अपनी कार से दिल्ली के लिए निकल पड़े। रास्ते में मां और मैं बातें कर रहे थे हम दोनों नागपुर से सुबह के वक्त निकले थे और जब हम दिल्ली पहुंचे तो मैंने मां को दीदी के घर पर छोड़ दिया था और वहां से मैं अपने काम के सिलसिले में चला गया और मुझे वहां से लौटने में शाम हो चुकी थी। जब मैं शाम को लौटा तो जीजा जी भी घर पर आ चुके थे और उस दिन जीजा जी से थोड़ी देर तक मेरी बात हुई फिर मैं आराम करने के लिए रूम में चला गया। अगले दिन हम लोगों को सुबह ही दिल्ली से नागपुर के लिए निकलना था। दीदी ने कहा कि कुछ दिन तुम दिल्ली में रह लो लेकिन मुझे कुछ...

माँ की चूत पर बेटे की नजर- 3

मादरचोद लड़के की कहानी में पढ़ें कि कैसे मॉम और बेटा एक दूसरे के साथ सेक्स करना चाहते थे लेकिन रिश्ता आड़े आता था. यह दुविधा कैसे दूर हुई? दोस्तो, आप रोहन और उसकी मॉम के बीच सेक्स सम्बंधों पर आधारित सेक्स कहानी को पढ़ रहे हैं. मादरचोद लड़के की कहानी के पिछले भाग माँ ने जवान बेटे का लंड चूसा में अब तक आपने पढ़ा था कि रोहन की मॉम ने अपने पति के साथ सुबह सुबह जमकर चुदाई का मजा लिया और झड़ते समय कुसुम के मुँह से अपने बेटे का नाम निकल गया और वो ओह रोहन कहते हुए झड़ गई. इसके बाद उन दोनों में रोहन को लेकर बातचीत हुई … कुसुम ने रोहन के द्वारा लिखे लैटर को अपने पति शेखर को दिखाया और अब तक हुई सभी घटनाओं का जिक्र किया. अब आगे मादरचोद लड़के की कहानी: शेखर अपनी पत्नी के मुँह से अपने बेटे के बारे में ये सब सुन कर चौंक गया. फिर उसने कुसुम से पूछा- क्या तुम भी रोहन से साथ सेक्स करना चाहती हो? इस पर कुसुम शेखर से इतना ही बोल पाई- शेखर, मैं आपको धोखा नहीं देना चाहती. मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं. पर रोहन का क्या करूं, उसको समझाना मुश्किल है. शेखर ने कुसुम से कहा कि कुसुम तुम दोनों के मन में जो हो, वो करो … मेरी...

मेरा लंड शनाया की चूत के अंदर

Antarvasna, hindi sex story: हर रोज की तरह जब मैं शाम के वक्त अपने ऑफिस से घर लौट रहा था तो उस वक्त मुझे शनाया दिखी। शनाया जो कि हमारी कॉलोनी में ही रहती है शनाया से मैं बहुत प्यार करता हूं लेकिन उससे मैं कभी अपने प्यार का इजहार कर नहीं पाया था। शनाया को मैं बचपन से जानता हूं हम दोनों काफी अच्छे दोस्त भी हैं। जब शनाया मुझसे मिली तो वह मुझे कहने लगी कि राजेश मुझे तुमसे कुछ जरूरी काम था तो मैंने शनाया से कहा कि हां शनाया कहो ना तुम्हें क्या जरूरी काम था। शनाया ने मुझे बताया कि उसे नौकरी की बहुत ज्यादा जरूरत है मैंने शनाया को कहा कि मैं अपने ऑफिस में तुम्हारी जॉब की बात कर लेता हूं। शनाया ने कहा कि ठीक है राजेश तुम अपने ऑफिस में मेरी जॉब की बात कर लेना। मैं कुछ समझ नहीं पाया था क्योंकि शनाया की फैमिली में तो सब कुछ ठीक था लेकिन अचानक से शनाया ने मुझसे नौकरी की बात कही तो मुझे कुछ भी समझ नहीं आया की आखिर उसके घर पर चल क्या रहा था। जब मुझे असलियत का पता चला तो मैं काफी हैरान था। मुझे पता चला कि शनाया के पापा और मम्मी के बीच बिल्कुल भी नहीं बनती थी जिस वजह से उन लोगों के बीच में काफी ज्यादा ...

बहन की सुहागरात से पहले उसकी कुंवारी चुत चोदी

भाई बहन Xxx कहानी में पढ़ें कि शादी के बाद मैं अपनी बहन को लेने गया तो लॉकडाउन में हम दोनों फंस गए. मुझे मेरी बीवी की चूत याद आ रही थी. दोस्तो, आज मैं अपनी पहली सेक्स कहानी लिखने जा रहा हूँ. ये भाई बहन Xxx कहानी 22 मार्च 2020 की है, उस दिन जनता कर्फ़्यू लगाया गया था. इस जनता कर्फ्यू से दो ही दिन पहले 20 मार्च को मेरी और मेरी बड़ी बहन सलमा का निकाह हुआ था. बाइस मार्च को मैं अपनी आपा को लेने और अपनी बीवी को छोड़ने महू गया था क्योंकि जीजाजी की बहन से मेरी शादी हुई थी और उनकी शादी मेरी बहन से हुई थी. हमारे यहां ऐसा चलन है. चूंकि कोरोना की खबरें फ़ैल रही थीं और माहौल सही नहीं था, तो उस दिन मैं ही दोनों को छोड़ने और लेने गया था. मैं इंदौर में जॉब करता हूँ और उज्जैन में मेरा घर है. अगले दिन तेईस तारीख की देर शाम को मैं बहन को लेकर वापस इंदौर पहुंचा. उस दिन मुझे ऑफिस का कुछ काम था, तो मैंने सोचा था कि रात को काम करके उज्जैन निकल जाऊंगा. लेकिन उसी रात को 8 बजे पूरे देश में लॉकडाउन घोषित हो गया तो मैं मेरी बहन वहीं इंदौर में फंस गए. इंदौर के इस एक कमरे के घर में मैं औऱ बहन ही थे, खाने पीने का सब इंतजा...

मनीषा की चूत फतह की

Antarvasna, sex stories in hindi: दीपक को मैंने घर बुला लिया था दीपक की तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए मैंने उसे घर आने के लिए कहा वह उस दिन घर आ गया था। मेरा छोटा भाई जो की दिल्ली में नौकरी करता था उसकी तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए मैंने उसे कहा कि तुम घर आ जाओ और फिर वह दिल्ली लौट आया था। जब वह दिल्ली लौटा तो उसकी तबीयत काफी ज्यादा खराब थी इसलिए हमे उसे हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ा। कुछ दिनों तक वह हॉस्पिटल में डॉक्टरों की देख रेख में रहा उसके बाद हम लोग उसे घर ले आए थे। जब वह घर आया तो उसके बाद मुझे इस बात की खुशी थी कि वह अब ठीक हो चुका है काफी दिनो तक उसकी तबीयत खराब रहने के बाद वह अब ठीक था। मैंने दीपक से कहा कि तुम दिल्ली में रहकर ही काम करो तो दीपक भी मेरी बात मान गया। पापा के देहांत के बाद घर की जिम्मेदारी मेरे ऊपर ही थी और मैं घर की जिम्मेदारियों को बखूबी निभा पा रहा हूं। मैं चाहता था दीपक हमारे साथ ही रहे दीपक ने भी मेरी बात मान ली और वह हम लोगों के साथ दिल्ली में ही रहने लगा। कुछ समय तक तो दीपक ने नौकरी नहीं की लेकिन जब दीपक की नौकरी लग गई तो वह भी काफी खुश था और हम लोग भी इस बात से बह...

माँ की चूत पर बेटे की नजर- 2

माँ बेटे की चुदाई कहानी में पढ़ें कि बेटे की वासनापूर्ण नजर भाम्प कर माँ की चूत भी गीली हो उठी. एक दिन बेटे ने माँ को नंगी देखा तो … हैलो फ्रेंड्स, आप रोहन और उसकी मॉम के बीच शुरू होने वाली सेक्स कहानी का मजा ले रहे थे. माँ बेटे की चुदाई कहानी के पिछले भाग जवान बेटे की कामवासना में अब तक आपने पढ़ा था कि रोहन जब अपनी मॉम की मादक आवाजों को सुनकर उसके कमरे के दरवाजे को खोल कर अन्दर देखने लगा. तो उसे अपनी मॉम एकदम नंगी हालत में बिस्तर पर अपनी चुत में उंगली करती हुई दिखीं. जैसे ही उसने ये नजरा देखा, उसी वक्त उसकी मॉम के मुँह से उसने अपना नाम सुना और वो स्खलित हो गई. अब आगे माँ बेटे की चुदाई कहानी: रोहन को समझ में आ गया था कि आग दोनों तरफ से बराबर लगी हुई है. अब बस पहल करने की देर है. यही सोच कर रोहन की बांछें खिल गई थीं कि उसकी मॉम भी उसके बारे में वैसा ही सोचती है, जैसा वो सोच रहा है. दोपहर में कुसुम रोहन को लंच के लिए बुलाने आई तो उसने देखा कि रोहन चादर ओढ़े सो रहा था. लेकिन उसका बम्बू अभी भी तम्बू बनाए खड़ा था. एक पल को तो कुसुम उस तम्बू को देख कर मुस्कुरा उठी, फिर पास जाकर उसके लंड के उभा...

प्रज्ञा की गरम सिसकियाँ

Antarvasna, desi kahani: मैं ट्रेन से सफर कर रहा था और जब मैं ट्रेन से सफर कर रहा था तो उस वक्त मां का मुझे फोन आया और मां ने मुझे कहा कि बेटा तुम कहां पहुंचे तो मैंने उन्हें बताया कि मैं जयपुर पहुंच चुका हूं। मां ने कहा कि बेटा तुम जब जालंधर पहुंच जाओगे तो मुझे फोन कर देना मैंने मां को कहा कि हां मां मैं आपको बता दूंगा। मां मेरी बहुत ही चिंता करती है और जब मैं जालंधर पहुंचा तो मैंने मां को फोन कर दिया था और उनसे मेरी काफी देर तक बात हुई। मैं अमदाबाद में जॉब करता हूं और मैं अपने परिवार से अलग जालंधर में रहता हूं मुझे वहां पर चार वर्ष हो चुके हैं। मैं अब अपना बिजनेस शुरू करना चाहता हूं मैं जब जालंधर पहुंच गया था तो मैंने मां को फोन कर के यह बात बता दी थी कि मैं जालंधर पहुंच चुका हूं। मां से मेरी काफी देर तक बात हुई और मुझे मां से बात करके अच्छा भी लगा। मैं अपना बिजनेस शुरू करना चाहता था तो जल्द ही मैंने नौकरी छोड़ दी थी और उसके बाद मैंने अपना बिजनेस शुरू कर लिया। मैं जालंधर में कपड़ों की फैक्ट्री खोलना चाहता था और मैंने जब फैक्ट्री खोली तो उसके बाद मेरा काम भी अच्छे से चलने लगा था और मै...

सरिता भाबी को लंड की जरूरत थी- 2

न्यूड भाबी चुदाई कहानी में पढ़ें कि दूध वाला अपने गाँव चला गया तो भाबी को लंड मिलना बंद हो गया. गली के कुछ लड़के जवान हो चुके थे. एक लड़का भाभी को पसंद आया. साथियो, एक मस्त किरदार सरिता भाभी की मदमस्त जवानी को न जाने कितने लंड चोद कर मजा ले रहे थे, इसका वर्णन आपको सेक्स कहानी में लिख रहा था. न्यूड भाबी चुदाई कहानी के पिछले भाग भाभी ने दूध वाले का लंड खा लिया में अब तक आपने पढ़ा था कि दूध वाले ने भाभी को खूब चोदा था. उसके बाद वो गांव चला गया तो भाभी ने मोहल्ले के दो जवान लौंडों पर अपनी वासना भरी नजर गड़ा दी. एक दिन वो लौंडा भाभी को चोदने उनके घर में आ गया था. अब आगे न्यूड भाबी चुदाई कहानी: सरिता भाभी ने रोमी को देखा तो उससे कहा- क्यों बे … मुझे चोदने आया है? रोमी को भाभी के मुँह से इतनी खुली बात सुनकर साहस आ गया और वो बोला- हां … मैं तुमको खूब चोदना चाहता हूँ. तुमको चोदने का मेरा पूरी रात का प्लान है. सरिता भाभी ने उसको देखते हुए कहा- ठीक है … मैं भी चुदवाऊंगी, पर एक शर्त है. आज रात के बाद मैं तुमको फिर कभी नहीं चोदने दूंगी. रोमी तो खुश हो गया और उसने झट से अपना लंड बाहर निकाल लिया. सरिता भा...

निहारिका की चूत से पानी निकाल दिया

Antarvasna, sex stories in hindi: मैं काफी दिनों से पापा और मम्मी से नहीं मिल पाया था तो सोचा कि अपने ऑफिस से छुट्टी लेकर पापा और मम्मी से मिल आता हूं। पापा भी अब अपने ऑफिस से रिटायर हो चुके थे और वह ज्यादातर घर पर ही रहते हैं। मैं मुंबई में नौकरी करता हूं और मैं चाहता था कि कुछ दिनों के लिए अपने घर सूरत चला जाऊं। मैं कुछ दिनों के लिए अपने घर चला गया और कुछ दिनों तक मैं सूरत में ही रहा उसके बाद मैं वहां से वापस मुंबई लौट आया। एक दिन मेरे दोस्त ने मुझे फोन किया और उसने मुझे अपनी पार्टी में इनवाइट किया क्योकि उस दिन उसका जन्मदिन था। मेरा दोस्त जो पहले मेरे ऑफिस में ही जॉब किया करता था लेकिन अब वह अपना बिजनेस शुरू कर चुका है। उसका बिजनेस बहुत ही अच्छे से चल रहा है वह काफी ज्यादा खुश भी है जिस तरीके से उसका बिजनेस चल रहा है। मैं उस दिन अपने दोस्त राजेश की पार्टी में चला गया और जब मैं उसकी पार्टी में गया तो वहां पर उसने मुझे अपनी एक फ्रेंड निहारिका से मिलवाया निहारिका से मिलकर मुझे अच्छा लगा। उस दिन मैं निहारिका से पहली बार ही मुलाकात कर रहा था और मुझे उससे बात करके ऐसा लग रहा था जैसे कि म...