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मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

योग के बहाने भोग तक का सफर

 योग के बहाने भोग तक का सफर-1



दोस्तो, लॉकडाउन के बाद ज़िंदगी की गाड़ी वापस पटरी पर आ ही रही थी कि एक बार फिर से कोरोना ने इस गाड़ी पर ब्रेक लगाने शुरू कर दिये हैं.

आप सबसे विनती है कि अपने घरों में ही रहें और स्वयं को सुरक्षित रखने के साथ ही दूसरों को भी सुरक्षित रखें.


आपने मेरी लॉकडाउन की कहानियों को पसंद किया, आपके मेल मिलते रहे, अच्छा लगा।


अब मैं आपके लिए अपनी नयी सेक्स चुदाई कहानी हिंदी में लाया हूं. उम्मीद है आपको पसंद आयेगी.


आज की कहानी प्रकाश और अनीता की है।


प्रकाश की सर्राफ़ा बाज़ार में पुरानी शॉप थी. ज्वेलरी और ब्याज का बड़ा काम था। आस पास के गावों में उसका ब्याज का व्यापार खूब चलता था। पैसे की कोई कमी नहीं थी।


उनका एक ही बेटा था. उसे भी प्रकाश की बहन, जो देहारादून में रहती थी, अपने साथ ले गईं और एक नामी स्कूल में दाखिला करा दिया।

दिन भर शॉप पर बैठने का काम था और खाने पीने का शौक भी, तो प्रकाश शुगर का मरीज़ हो गया।


डॉक्टर ने रोज कम से कम पाँच किलोमीटर पैदल घूमने को कहा।


लॉकडाउन में घूमना तो बंद था, बाजार भी बंद था तो प्रकाश और अनीता को दिन रात सेक्स सूझता था।

अनीता बहुत सेक्सी और भरे बदन वाली थी।


गोरा रंग, भारी मम्में और दिमाग में हर समय सेक्स- ये था अनीता का मिजाज़।

अपनी किटी पार्टियों और व्हाट्सएप्प पर अनीता के नॉनवेज जोक्स की धूम रहती थी।

अनीता बहुत खुशमिजाज़ होने के कारण हर एक को अपना दोस्त जल्दी बना लेती थी।


प्रकाश तो हरदम उसके आगे पीछे ही घूमता रहता था।

बस एक काम प्रकाश अनीता को नाराज कर के करता था. वो था हफ्ते में दो बार ड्रिंक करना।

वो जमकर देर रात तक अपने जिगरी दोस्त विजय के साथ पीता और फिर अक्सर वहीं सोफ़े पर पसर जाता।


दारू पार्टी हमेशा उनके घर पर ही होती थी. विजय प्रकाश के मुक़ाबले कम पीता था, इसलिए रात को खुद ड्राइव करके घर चला जाता।

उनकी पार्टी के दिन अनीता या तो देर रात तक बाजार में घूमती या अपने बेडरूम को बंद करके पॉर्न मूवी देखती।


उसके पास उस रात के साथी उसके सेक्स टोयज़ होते थे। प्रकाश भी रात को बेडरूम में न आकर ड्राइंग रूम में ही सो जाता था।

बाकी के दिनों में प्रकाश और अनीता की सेक्स लाइफ बहुत रोमांचक होती थी।


अनीता की कामवाली सुबह 8 बजे आती और शाम का खाना बनाकर 7 बजे चली जाती थी।

प्रकाश भी शॉप से 7 बजे तक आता था, दोनों साथ बाथटब में आधा घंटा मस्ती करते थे।


नहाते समय अनीता बीयर ले लेती थी तो दोनों टब में लेटकर बीयर का मजा लेते थे।

अनीता को सिगरेट की लत लग गयी थी पर उसने प्रकाश से वादा कर लिया था कि वो एक दिन में पाँच से ज्यादा सिगरेट नहीं पीएगी।


बाथटब में लेटे लेटे वो एक सिगरेट जरूर पीती थी। नहाने के बाद दोनों कभी बहुत हल्के कपड़ों में लॉन्ग ड्राइव पर निकल जाते या फिर बिना कपड़ों के पॉर्न मूवी देखते।


अनीता को 69 में सेक्स करना बहुत पसंद था।

उसका चूसने का रसीला अंदाज प्रकाश को दीवाना बना देता था।


प्रकाश पक्का चोदू था, वो सेक्स पावर बढ़ाने के लिए सप्लिमेंट्स भी लेता था। उसने अपनी नसबंदी करवा ली थी तो अनीता को कोई डर भी नहीं था।


वो जब अनीता की टाँगें चौड़ी कर उसकी चुदाई करता तो अनीता तो निहाल हो जाती। उसको अनीता के मम्में बहुत पसंद थे; वो उन्हें चूस चूसकर लाल कर देता था।


शुरू में तो अनीता को दर्द होता था मगर अब बिना चूत और मम्में चुसवाए अनीता की चुदाई पूरी नहीं होती थी।


प्रकाश दिन में शॉप पर अन्तर्वासना सेक्स स्टोरी खूब पढ़ता और रात को अनीता को चटकारे लेकर सुनाता।


वो अक्सर अनीता से कहता कि एक बार ग्रुप सेक्स करते हैं, मगर अनीता हँसकर टाल देती।

हालांकि उसने भी थ्रीसम और ग्रुप सेक्स की पॉर्न मूवी खूब देखी थीं।


यही नहीं बल्कि अपनी जवानी के दौर में अनीता अपनी छोटी बहन, जो उससे मात्र डेढ़ साल छोटी थी, के साथ लेस्बियन रह चुकी थी। दोनों एक दूसरे के साथ खूब रगड़ा रगड़ी कर चुकी थीं।


अनीता की छोटी बहन सुप्रिया शादी के बाद से बैंकॉक में रह रही थी और खुले सेक्स चुदाई का आनंद ले रही थी।

दोनों बहनें अपने अनुभव शेयर करती थीं। अनीता को सारे सेक्स टॉयज़ उसी ने दिये थे।


एक बार अनीता उसके पास 15 दिनों के लिए रहकर आ चुकी थी।

वहाँ उसने सुप्रिया और उसके पति की खुल्लम खुल्ला चुदाई देखी थी।

एक रात तो नशे में सुप्रिया और उसके पति ने उसके सामने ही चुदाई की और उसे भी आमंत्रित किया।


उस दिन एक बार तो अनीता का मन किया कि वो भी उनकी चुदाई में शामिल हो जाये, तो वो उनके बीच चूमा चाटी में शामिल भी हो गयी।

सुप्रिया ने उसकी चूत चाटी और सुप्रिया के पति ने उसके मम्में चूसे।


बात इससे आगे बढ़ती कि उससे पहले हिंदुस्तानी संस्कारों और ग्लानि ने अनीता को दूसरे कमरे में जाने के लिए मजबूर कर दिया और वो बात वहीं पर रुक गयी।


अगली सुबह सुप्रिया ने इस हरकत के लिए उससे माफी मांगी।

मगर वापस आने से पहले वो एक बार सुप्रिया के साथ मसाज पार्लर में न्यूड मसाज करवा आई थी।


तब से उसके और सुप्रिया के बीच सेक्सी बातें बढ़ गयी थीं।


अभी पिछले महीने प्रकाश ने एक नवयुवक बैंक मैनेजर रमण को ऊपर दो कमरे किराये पर दे दिये थे।

रमण बहुत हंसमुख और अच्छे व्यक्तित्व का था।


ऊपर जाने का रास्ता बिल्कुल अलग से था, मगर अपनी सुविधा के लिए प्रकाश ने एक जीना अंदर से भी बना रखा था जो हमेशा अब बंद ही रहता था।


रमण की पत्नी गर्भवती थी और अपनी ससुराल में जालंधर ही रहती थी। रमण खाना बाहर ही खाता था और सुबह का नाश्ता अपने आप बना लेता था।

वो रात को लेट ही आता था।


घर का ऊपर वाला जीना बाहर से होने के कारण रमण के कारण प्रकाश व अनीता को कोई व्यवधान नहीं होता था।


प्रकाश को गप्पें मारने के लिये रमण के रूप में एक दोस्त मिल गया था।

वो कभी कभार रमण को नीचे बुला लेता था. फिर तीनों खाना साथ खा लेते थे।


बस उस वक्त अनीता को कपड़े थोड़े से तमीजदार पहनने पड़ते थे।


अब रमण को रहते हुए यहां डेढ़ महीना हो गया था। उसकी और अनीता की शर्म भी धीरे धीरे खुलने लगी थी।


रमण आकर्षक व्यक्तित्व का था और बहुत बातूनी था। वो पंद्रह दिनों में एक बार जालंधर जाता और पंद्रह दिनों की चुदाई का कोटा पूरा करके लौटता था।


बाकी के दिनों में वो पॉर्न मूवी और अपना हाथ जगन्नाथ कर लेता।

रमण का बदन कसरती था। वो सुबह रोजाना एक घंटा योगा और कसरत करता था।


वैसे तो अनीता और रमण की कोई नजदीकी नहीं थी, पर सुबह जब एक बार अनीता लॉन में जाती तो रमण ऊपर बालकनी में कसरत कर रहा होता।

दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कराते और नमस्ते का आदान प्रदान होता।


वो बात अलग थी कि रमण का लंड अनीता के बिना ब्रा के मम्में देख कर टाइट हो जाता था और अनीता भी मन ही मन उसके कसरती बदन की तारीफ करती।

हंसी हंसी में कई बार रमण ने अनीता से कहा भी था कि भाभी आप भी सुबह योगा किया करो, मैं सिखा दूँगा।


अब प्रकाश ने भी मॉर्निंग वॉक पर जाना शुरू कर दिया था। उसे पूरा एक घंटा लगता था वापस आने में।

अनीता उसे बाहर लॉन में ही टहलती मिलती।

दोनों फिर साथ ही अंदर आते थे।


प्रकाश को सुबह की चाय अनीता के साथ ही पीनी अच्छी लगती थी।

मगर उसे एक और भी सनक थी कि अनीता रात की ही मिनी नाइट ड्रेस में उसके बगल में बैठे।

तो अनीता को अपना गाउन उतारना पड़ता था।


वहीं प्रकाश भी टी शर्ट उतार कर ही बैठता था। वो चाय पीते पीते अनीता को छेड़ता रहता था।

इस बीच अगर कोई फोन आ जाये तो प्रकाश उसे नहीं अटेण्ड करता था।


अनीता भी एक सिगरेट उस समय जरूर पीती थी। प्रकाश इस पर कोई आपत्ति नहीं करता था।

प्रकाश एक के बाद दूसरी चाय पीकर ही उठता था तो अनीता फ्लास्क में दो तीन कप चाय लेकर ही बैठती थी।


अगर मूड बनता तो प्रकाश एक सेशन फटाफट सेक्स का भी कर लेता था।

अनीता सेक्स के दौरान बहुत चिल्लाती थी और सेक्सी चुदाई की बातें बोलती थी।

बस उसकी यही अदा प्रकाश को उसका दीवाना बनाए रखती थी।


हालांकि जब से रमण आया था, अनीता को अपनी आवाज धीमी रखनी पड़ती थी.

मगर कैसे भी हो, रमण ने एक बार प्रकाश को टोक ही दिया था कि भाईसाहब ... आराम से कर लिया करो, क्यों भाभीजी को ज्यादा तकलीफ देते हो!


इस पर प्रकाश ने हंस कर कह दिया कि बिना चीखे-चिल्लाये तेरी भाभी का पानी निकलता ही नहीं।

ये बात फिर हंसी में आयी-गयी हो गयी थी।


जब से प्रकाश ने घूमना शुरू किया था, सुबह का सेक्स तो लगभग बंद ही हो गया था उनका।


अब रात को भी प्रकाश जल्दी सोने के चक्कर में रहता था। अब अनीता तो दिन में भी सो लेती थी और फिर बेड पर धमाल भी कम हो गया तो अनीता को जल्दी नींद कैसे आती?


इसलिए अनीता प्रकाश के सोने के बाद मोबाइल पर सेक्स स्टोरी पढ़ती या पॉर्न देखती। अब वो अपनी चूत की आग उंगली से बुझाती, क्योंकि वाइब्रेटर से प्रकाश की आँख खुल जाने का डर रहता।


कुल मिलाकर अब अनीता की सेक्स की भूख बुझती नहीं थी।

वो कई बार अब प्रकाश को बेड पर आते ही फोरप्ले से उत्तेजित करती और सेक्स के लिए उकसाती।


कभी सुबह की चाय के समय बिना कपड़ों के आ जाती थी। कुल मिलाकर अब उसको सेक्स के लिए प्रकाश को उकसाना पड़ता था और किसी तरह उसकी चुदाई हो जाती थी.


उस दिन सुबह जब अनीता उठी तो उसे सेक्स की तलब लगी हुई थी.

वो रात को बिना कपड़ों के सोई थी लेकिन प्रकाश उसके मम्में चूसता चूसता उनींदा हो गया था, तो उसने अनीता से वादा किया कि कल रात वो दोनों जमकर सेक्स करेंगे और अगले दिन वो सुबह घूमने नहीं जाएगा।


उनके बीच ये तय हुआ कि शनिवार की रात को घमासान सेक्स चुदाई होगी और रविवार को प्रकाश घूमने नहीं जाया करेगा।

पहले शनिवार को दारु पार्टी होती थी, उसके लिए अब सन्डे की रात तय हुई।


तो सुबह उठकर अनीता ने एक सिगरेट सुलगाई और छल्ले उड़ाते उड़ाते उसने रमण से गप्पें लड़ाने का प्लान बनाया।


वो आज बाहर बिना ब्रा-पैंटी के घुटनों तक की मिडी पहन कर आई थी। लॉन में ईज़ी चेयर पर पैर रख कर आँख बंद करके लेट गयी।


ऊपर रमण वर्जिश कर रहा था। रमण इस जॉब से पहले मुंबई में पार्ट टाइम जिम ट्रेनर था। उसे जिम का अच्छा तजुरबा था।

आकर्षक व्यक्तित्व होने से जिम में लेडिज क्लाइंट को सिखाना उसी की ज़िम्मेदारी थी।


शादी तय होने के बाद उसे वो जॉब छोड़ना पड़ गया था और अब वो इधर इंदौर में जॉब कर रहा था. रमण ने ऊपर से झाँका।

अनीता का गोरा बदन, पैरों और हाथ में रेड नेल पेंट, खुले शॉर्ट घुंगराले बाल... कुल मिलाकर एक अल्हड़ मस्त सी लड़की लग रही थी वो!


रमण ने प्यार से उसे गुडमॉर्निंग बोला। रमण ने उसे जूस पीने के लिए ऊपर आमंत्रित किया।


प्रकाश को आने में अभी आधा घंटा था तो अनीता बोली- चेंज करके आती हूँ.

रमण ने हंसकर कहा- आ जाइए ... आप इस समय अपनी उम्र से काफी छोटी लग रही हैं।


अनीता हंस पड़ी और अंदर जाकर ब्रा पैंटी पहनकर अंदर के जीने से ऊपर आ गयी।

उसने मेन गेट बंद कर लिया था।


आज वो पहली बार अकेली ऊपर आई थी।


रमण ने ऊपर एक छोटा सा जिम बना रखा था और दो मशीनें लगा रखी थीं।


सबसे पहले अनीता ने अपना वजन चेक कर लिया और बोली- लॉकडाउन में मेरा वजन बढ़ गया है.

रमण ने उससे कहा कि वो भी ऐसा कहना चाह रहा था, पर अनीता बुरा न मान जाये इसलिए नहीं कहा।


फिर उसने अनीता को दोनों मशीनों पर वर्कआउट करना सिखाया और दो-तीन योग क्रियाएँ बतायीं।

रमण ने अनीता को कहा कि वो अगर मन लगाकर एक महीना लगातार वर्क आउट करे और डाइट कंट्रोल करे तो उसे वजन में काफी फर्क नजर आएगा और चेहरे पर भी निखार बढ़ जाएगा।


रमण ने मस्का मारते हुए कहा कि अनीता तो वैसे ही बहुत खूबसूरत है, और निखर जाएगी।

ये सुनकर अनीता के गाल लाल हो गए।


रमण ने उसे जूस पीने को दिया।


अनीता का मन कर रहा था कि वो मशीनों पर एक्सरसाइज़ करे, मगर मिडी में वो ऐसा नहीं कर सकती थी।

वो तो अच्छा हुआ कि वो ब्रा पैंटी पहन आई थी।


प्रकाश के आने का समय भी हो रहा था इसलिए वो रमण को थैंक्स बोलकर और ये कह कर कि वो प्रकाश से बात करके उसे बताएगी, फिर वहां से आ गयी।

रमण ने उसे एक चॉकलेट गिफ्ट किया।


अनीता खुशी खुशी नीचे आई और फटाफट चाय बनाकर प्रकाश का इंतजार करने लगी।


आज वो बहुत मूड में थी. थोड़ी देर में ही प्रकाश आ गया।

अनीता ने प्रकाश के आते ही अपने कपड़े उतार दिये और प्रकाश के भी उतरवा दिये।

प्रकाश बोला कि चाय तो बना लेती पहले?


अनीता बोली- पहले मेरी चूत को अपना दूध पिलाओ फिर तुम्हें चाय मिलेगी।

वह सिगरेट सुलगा कर सोफ़े पर टाँगें चौड़ी कर लेट गयी और छल्ले उड़ाने लगी।

प्रकाश एक आज्ञाकारी बच्चे की तरह उसकी चूत चूसने के लिए नीचे झुका।


मगर ये क्या .... चूत में जीभ लगाते ही उसे चॉकलेट का स्वाद आया!

अनीता ने अपनी चूत में चॉकलेट भर रखी थी।

प्रकाश चटकारे ले लेकर पूरी जीभ अंदर घुसा घुसाकर चॉकलेट का मजा लेने लगा.


उसके मुंह में ढेर सारी चॉकलेट आ गयी थी तो उसने ऊपर उठ कर अनीता के मुंह से अपना मुँह लगाकर थोड़ी चॉकलेट उसके मुँह में डाल दी।

अनीता ने पास रखी चॉकलेट अपने मम्मों पर भी लगा ली।


अब प्रकाश उसके मम्मों पर टूट पड़ा। अनीता ने प्रकाश को सोफ़े पर धक्का दिया और थोड़ी सी चॉकलेट उसके लंड पर लगा दी और फिर उसका लंड पूरा अपने मुंह में ले लिया।


आज वो पूरे मूड में थी।

वो इतने ज़ोर शोर से लंड चूस रही थी कि प्रकाश बौखला गया। वो बोला- छोड़ दे इसे, नहीं तो तेरे मुँह में ही निकल जाएगा इसका लावा!

अब अनीता प्रकाश के ऊपर चढ़ गयी। उसने लंड अपनी चूत में कर लिया और लगी करने उसके लंड की घुड़सवारी।


वो उछल उछलकर मजे ले रही थी। प्रकाश उसके गोरे मम्में मसल रहा था।

तभी एक झटके से दोनों का एक साथ हो गया। आज दोनों को चरमसुख की प्राप्ति हुई।

वहीं रखे तौलिये से दोनों ने एक दूसरे को पौंछा।


फिर अनीता ने चाय सर्व की।

चाय पीकर प्रकाश नहाने चला गया और अनीता उसके लिए टिफ़िन और नाश्ता बनाने किचन में घुस गयी।


नाश्ता कराते समय अनीता ने प्रकाश से जिम करने के लिए पूछा तो प्रकाश ने सहर्ष हाँ कर दी।


दिन में अनीता ने रमण को फोन करके बताया कि सुबह से वो उसके साथ ही वर्क आउट करेगी।

रमण की राय पर उसने अपने लिए ड्रेस, योगा मेट और छोटा तौलिया बाजार से खरीद लिया।


वो आज बहुत खुश थी. लौटते समय उसने पार्लर से वेक्सिंग, फेशियल, पैडिक्युर और मैनिक्युर भी करा लिया. घर आकर उसने अपनी चूत की भी वेक्सिंग कर ली।

आज वो रात को बेड पर प्रकाश को पूरा निचोड़ना चाहती थी।


उसने नेल पैंट का गुलाबी रंग का नया शेड लगाया जो उसकी चमकती त्वचा पर बहुत खिल रहा था।

वो मार्केट में से कुछ गुलाब के फूलों की पंखुड़ी भी खरीद लायी थी।


शाम को डिनर तैयार करके उसने बीयर की दो केन ठंडी कर ली, फिर बाथटब को भरकर उसमें गुलाब जल की शीशी को डाल दिया. ऊपर से गुलाब की पंखुड़ियां डाल दीं.


आज रात उसने पहनने के लिए एक फूलदार प्रिंटेड ब्रा-पैंटी सेट चुना।


प्रकाश को पकौड़ी बहुत पसंद थीं तो उसने पनीर और प्याज़ की पकौड़ी भी कच्ची करके रख लीं।


अनीता ने सेक्स चुदाई और ठुकाई का पूरा माहौल तैयार कर लिया था. अब वो बस प्रकाश के आने का इंतजार कर रही थी.

बहुत दिनों के बाद आज वो खुलकर चुदना चाह रही थी.



योग के बहाने भोग तक का सफर-2


प्रकाश शॉप से घर आया तो अनीता ने उसे दरवाजे पर ही चूम लिया।

वह समझ गया कि मैडम आज मूड में हैं.


प्रकाश कपड़े बदल कर मुँह-हाथ धोकर आया तो उसे चाय तैयार मिली; साथ में गर्म गर्म पकौड़े।


अनीता उसकी गोदी में बैठ गयी।

प्यार की चुस्कियों के बीच चाय-पकौड़े निबटाकर दोनों टीवी देखने लगे।

कब नौ बज गए, पता ही नहीं चला।


अनीता ने प्रकाश से कहा कि चलो नहा लेते हैं।


कपड़े उतार कर जब दोनों बाथरूम में पहुंचे तो गुलाब की खुशबू से पूरा बाथरूम महक रहा था।

बाथटब के निकट मोमबत्तियां जल रहीं थीं।


अनीता ने लाइट बंद कर दी।


मोमबत्ती की धीमी रोशनी में दोनों गुलाब की पत्तियों वाले पानी के टब में उतरे।


प्रकाश ने अनीता को खुशी से चूम लिया; दोनों पानी में लेट गए।


अनीता नागिन की तरह प्रकाश से लिपट गयी. उसके हाथ में प्रकाश का लंड मचल रहा था।


प्रकाश ने अपनी छाती से अनीता के मम्में भींच रखे थे। दोनों के होंठ मिले हुए थे।

अनीता प्रकाश की जीभ अपनी जीभ से चुभला रही थी। अनीता ने हाथ बढ़ाकर बीयर की केन उठा ली।


दोनों आधे घंटे तक एक दूसरे के बदन को चूमते चूसते हुए बीयर पीते रहे। अब बाहर निकलने का समय था।


अनीता उठी और बोली- मुझे पेशाब जाना है।

प्रकाश बोला- मेरे ऊपर ही कर दो।


अनीता झिझकी मगर दोनों को ही एक दूसरे पर पेशाब करना अच्छा लगता था।

उसने प्रकाश के कंधे पर अपना पैर टिका लिया और अपनी अमृत वर्षा प्रकाश के ऊपर कर दी।

पेशाब की गर्म धारा प्रकाश के चेहरे और सीने पर पड़ने लगी।


प्रकाश अनीता के पेशाब से पूरा नहा गया।

उसने बाद में अनीता की चूत को चूमा और खड़ा हो गया और दोनों चिपट कर शावर लेकर बाहर आए। दोनों ने सिर्फ टॉवल लपेट रखा था।


अनीता ने फटाफट डिनर माइक्रोवेव में गर्म किया और टेबल पर ले आई।

प्रकाश ने उसका टॉवल खींच दिया तो अनीता ने प्रकाश को भी नंगा कर दिया।

टॉवल तो उतरने ही थे क्योंकि गीले टॉवल पहन कर बैठते कैसे।


फिर अनीता उसे खाना परोसने के लिए जैसे ही झुकी, प्रकाश ने उसके मम्में मुँह में ले लिए।

अनीता बोली- ऐसे तो डिनर कर लिया हमने डिनर!! फटाफट डिनर कर लो, फिर बेड पर देखूँगी तुम्हारी जवानी।


डिनर निबटा कर प्रकाश बेड रूम में चला गया और अनीता टेबल उठा कर किचन को व्यवस्थित करने लगी।


तभी प्रकाश आ गया।

उसने अनीता को गोदी में उठाकर ले जाने की कोशिश की तो अनीता बोली- अब मैं मोटी हो गयी हूँ; कल से जिम करूंगी। दो महीने बाद उठा कर ले जाना।


वो दोनों बेड रूम में चले गए।

प्रकाश ने अनीता को आहिस्ता से लिटाया और उसके मम्में चूसने लगा।


अनीता भी मचल उठी; उसने प्रकाश के कान के पीछे जीभ से चाटना शुरू किया।


प्रकाश और उत्तेजित हो गया और नीचे होकर उसने अनीता की टांगों के बीच में अपना मुंह दे दिया।

अनीता इस सेक्स सेशन को जल्दी खत्म करना चाहती थी क्योंकि दस बज चुके थे। ज्यादा लेट होने से प्रकाश सुबह घूमने नहीं जाता और फिर उसका जिम भी शुरू नहीं हो पाता।


तो अनीता ने प्रकाश को नीचे लिटाया और उसका लंड पूरा मुंह में लेकर सुपारा खूब दबाकर चूसने लगी।

प्रकाश को तो लगा कि जैसे वो अनीता के मुंह में ही छूट जाएगा। उसने अनीता से कहा कि अंदर करना है।


अनीता प्रकाश के ऊपर चढ़ गयी और खूब ज़ोर ज़ोर से उछलने लगी।

वो बहुत गंदे बोल लेती थी तो वो बोली- ले जानी ... मेरी चिकनी चूत का मजा ले। देख आज तेरा लंड का जूस निकालती हूँ अभी! घुसा अपने लंड को जितना घुसा सकता है ... नीचे से धक्के लगा मेरे शेर ... और ज़ोर से ... आज फाड़ दे मेरी मुनिया को। बुझा दे प्यास ... देखूँ ताकत तुम्हारे लौड़े की।


थोड़ी ही देर में ही प्रकाश का लावा फूट गया।

अनीता झटके से उसके ऊपर से उतरी और पास रखे टॉवल से अपनी चूत से निकलते वीर्य को पौंछा और वाशरूम में चली गयी।


अनीता को इतना ही चाहिए था. हालांकि उसकी चूत प्यासी थी लेकिन अब वो दूसरे राउंड के प्लान में रात काली नहीं करना चाहती थी.


सुबह प्रकाश 6 बजे घूमने चला गया।


उसके जाते ही अनीता ने रमण को फोन मिलाया।

रमण उठा हुआ था और बोला- आ जाइए।


अनीता ने टी शर्ट और लेगिंग पहनी। चेहरे मोहरे को चमकाया और हल्का सा बॉडी स्प्रे लगाकर ऊपर चली गयी।


रमण ने मुस्कराकर उसका स्वागत किया। रमण ने पहले तो उसे वार्म-अप एक्सर्साइज़ कारवाई फिर अपने साथ योगाभ्यास करने को कहा।


अनीता रमण को देखकर योग करने लगी।

वह रमण से बोली- मुझे तो वजन कम करना है, तो उसके लिए एक्सर्साइज़ बताओ।


रमण ने उसे खड़े होकर और बैठकर बिना कमर मोड़े पंजे छूने की एक्सर्साइज़ बताई।

अनीता उसे नहीं कर पा रही थी तो रमण ने बड़े संकोच से कहा- भाभी जी, मुझे आपकी कमर और पेट को थामना होगा।


इस पर अनीता मुस्करा कर बोली- आप कहीं भी छू लो, मुझे कोई ऐतराज नहीं। बस आप मुझे अनीता कहो, भाभी जी नहीं।

दोनों में ये तय हुआ कि वो एक दूसरे का नाम लेकर ही बुलाएंगे.


अब रमण ने अनीता की कमर को और घुटनों को मुड़ने से रोकने के लिए साधा।

अनीता को व्यायाम करने में दिक्कत तो हो रही थी, मगर पहले दिन के हिसाब से वो अच्छा कर पा रही थी।


उसको लेगिंग में कसाव लग रहा था। उसने रमण से पूछा कि क्या वो शॉर्ट्स पहन ले?

रमण ने कहा कि इससे बढ़िया क्या है अगर उसको संकोच नहीं है तो।


अनीता भागकर नीचे गयी और एक शॉर्ट्स पहन आई।

शॉर्ट्स ज्यादा टाइट तो नहीं थी, पर ज्यादा ढीली भी नहीं थी।

पर अब रमण को उसकी पैंटी की झलक मिल जाती थी।


अनीता थोड़ी देर में थक गयी तो वो आराम करने बैठ गयी।

रमण ने उसे कुछ मर्दाना वर्जिश और योगासन करके दिखाये।


थोड़ी देर में ही रमण का शरीर पसीने से चमकने लगा। अनीता को उसकी मर्दानगी भा रही थी।


अनीता ने उससे कुछ हाथों की एक्सर्साइज़ पूछी तो रमण ने उसे बाहें चारों ओर घुमाने की एक्सर्साइज़ बताई।


अनीता से हो नहीं पा रहा था, तो रमण ने पीछे से अनीता की बांहों को पकड़ा और खुद ही करवाने लगा।

अब उसके और अनीता के बदन आपस में एक दूसरे को छू रहे थे.


अनीता को उसके लंड का उभार भी महसूस हुआ।

जब अनीता को लगा कि वो अपना आपा खो देगी तो वो रमण से बोली- अब बस ... अब थक गयी मैं!


रमण ने उसे सुस्ताने को कहा और दो गिलास में जूस ले आया।

अनीता नीचे ही बैठ गयी।


प्रकाश के आने का समय हो रहा था। अनीता ने रमण से इजाज़त ली और नीचे चली गयी।


उसने सबसे पहले तो शॉर्ट्स बदली, फिर सिगरेट सुलगाई।


अगले दिन सुबह अनीता को पैरों और जांघों में दर्द सा महसूस हुआ, मगर फिर भी वो ऊपर चली गयी।

आज उसने एक कॉटन की टी शर्ट डाली, बिना ब्रा के, मगर शॉर्ट्स के नीचे पैंटी पहन ली।


वार्म-अप के दौरान उसके मम्में झूल रहे थे, इसका उसे ध्यान ही नहीं रहा था।

रमण ने उसकी बात समझ ली और कहा- तुम एक स्पोर्ट्स ब्रा ले लेना।

अनीता बोली- ठीक है, जब भी बाजार जाऊँगी तब ले लूँगी।


इस पर रमण बोला- मुझे साइज़ बता दो मैं लेता आऊँगा।

साइज की बात सुनकर अनीता के गाल लाल हो गए तो रमण हंस दिया।

अनीता हाथों की एक्सर्साइज़ कर रही थी और रमण ट्रेडमिल पर था।


रमण काफी पहले से कसरत कर रहा था, तो उसे पसीना आ गया था।


उसने अनीता को कल की तरह पहले पीछे से हाथ पकड़ कर करवाया, फिर वो आगे आ गया और अनीता के दोनों हाथ मिला कर कसरत कराई।


अनीता ज्यादा व्यायाम के कारण अपना संतुलन खो बैठी और रमण की बांहों में जा गिरी।

उसके मम्में रमण की बलिष्ठ छाती से जा टकराए।


रमण ने उसे संभाला और आराम से नीचे बैठाया।

अनीता ने सॉरी बोलते हुए कहा कि आज उसकी जांघों में बहुत दर्द हो रहा है।


रमण ने उससे कहा कि अगर वो बुरा न माने तो वो मसाज दे सकता है।

अनीता तो यही चाहती थी। वो ना-नुकुर करते हुए लेट गयी।


रमण ने एक मसाज ऑइल से उसकी गोरी गोरी जांघों को मसाज देना शुरू किया।


अनीता को मजा आ रहा था, रमण का हाथ ऊपर जाने की हिम्मत नहीं कर रहा था।


रमण ने अनीता के कंधों को भी टी शर्ट के ऊपर से दबाया।

अनीता ने एक कातिलाना स्माइल देकर कहा कि तुम मसाज तो बहुत अच्छी कर लेते हो, आज छुट्टी ले लो, दिन में ढंग से कर देना।


इतना कहकर अनीता ने रमण के बाल पकड़कर उसे नीचे खींचा और उसके होंठों पर अपने होंठ मिला दिये।

रमण तो जैसे पागल हो गया।


वो उसकी टी शर्ट के अंदर हाथ डालना चाह रहा था मगर अनीता ने रोक दिया.

वो बोली- प्रकाश के आने का वक़्त हो गया। मुझे शॉर्ट्स भी चेंज करनी है।


ये बोलकर अनीता नीचे चली गयी और रमण इस जुगाड़ में लग गया कि कैसे आज की छुट्टी ली जाये।


तभी अनीता का फोन रमण के पास आया और वो बोली- आज रात को प्रकाश की ड्रिंक पार्टी है घर पर, तो मैं प्रकाश को झूठ बोल दूंगी मुझे मूवी देखने जाना है. फिर मैं किसी भी तरह से छुपकर बाहर के जीने से ऊपर आ जाऊंगी.


रमण ये सुनकर खुश हो गया. फिर दिन में अनीता ने भरपूर नींद ली। उसे मालूम था कि आज रात को मसाज का केवल बहाना ही है, रमण उसे चोदे बिना नहीं छोड़ेगा.


अनीता को चिंता थी तो इस बात की कि बिना कॉन्डम के चुदाई वो करवाएगी कैसे?

और रमण से वो कैसे कहे कि कॉन्डम लेकर आना?

खुद बाज़ार से कॉन्डोम लाने में उसे शर्म आती थी।


अब जो होगा देखा जाएगा, ये सोच कर उसने दिमाग शांत किया।

असल में जब औरत बेवफाई करके चुदासी हो जाये तो वो हर तरह का खतरा लेने को तैयार हो जाती है।


शाम को प्रकाश शॉप से टाइम से आ गया।

मूड बढ़िया था, आज दारूबाजी जो होनी थी।


अनीता जींस और टॉप में तैयार थी और बोली- मैं निकल रही हूँ. तुम्हारी टेबल और स्नैक्स तयार हैं। मैंने मेड को बोल दिया है कि वो आज रात 9 बजे तक रुक जाएगी, तुम लोगों के लिए गर्म पकौड़ी सेक देगी। विजय भैया जब जाएँ तब मुझे फोन कर देना मैं तुरंत आ जाऊँगी।


ये बोलकर वो निकल पड़ी।

उसका दिल ज़ोर से धडक रहा था। उसने एक शॉल रख लिया था।


एक मॉल में थोड़ी देर घूम घामकर उसने रमण को फोन किया, वो उसे आकर गाड़ी में ले गया।


घर पहुँचकर रमण ने जीना खोला और बाहर की लाइट बंद कर दी।

अनीता शॉल लपेटकर तुरंत जीने से ऊपर चली गयी।


बाहर विजय की गाड़ी भी खड़ी थी, मगर उसके ड्राइवर ने उनकी ओर ध्यान नहीं दिया।

थोड़ी देर में रमण भी गाड़ी खड़ी करके आ गया।


इस बीच अनीता ने कामवाली को फोन करके पूछ लिया कि विजय आ गया है और उन दोनों की पार्टी चालू है।


रमण ने आते ही अनीता को अपनी बांहों में भींच लिया।

अनीता कटी बेल की तरह उससे लिपट गयी; दोनों के होंठ मिल गए; दोनों एक दूसरे में समा जाने को बेताब थे।


अनीता को अंदाज़ा नहीं था, रमण भी फ्रेंच किस में उसका पूरा साथ दे रहा था।

थोड़ी देर चिपटम चिपटा होने के बाद दोनों अलग हुए।


जल्दी तो उन्हें थी नहीं; अनीता ने कह दिया था कि रात दस बजे तक का समय उनके पास है।


रमण ने बीयर की केन निकाली।

अनीता ने अपने पर्स से सिगरेट निकालकर और सुलगा कर रमण को भी पेश की।

रमण के लिए ये एक अचंभा था। वो सिगरेट पी लेता था, मगर शौकीन नहीं था।

आज तो अनीता उसे अपना मूत भी पिलाती तो वो पी लेता, सिगरेट क्या चीज है।


रमण ने सिगरेट ले ली। अनीता ने आगे झुककर रमण के होंठों से लगी सिगरेट सुलगवा दी।


एक दो कश लगाने के बाद रमण ने फिर अनीता को गले के पास और कान के पीछे चूमना शुरू किया।

वो अनीता के हर अंग को चूमना चाहता था।


उसने अनीता का टॉप उठाया और नीचे से हाथ डालकर उसके पेट पर हाथ फिराने लगा।


अनीता समझ गयी कि अब रमण का लंड बेकाबू हो रहा है।

उसने हाथ नीचे करके उसे टटोला तो वो तो रमण के ट्रेक पैंट से बाहर आने को बेताब था।


अनीता ने महसूस किया कि रमण ने अंदर अंडरवियर नहीं पहना है।

लंड को अनीता ने उसकी लोअर के ऊपर से ही दबा दिया.


रमण को हरी झंडी मिल गयी.

वो अनीता को बेड पर ले आया और दोनों लेटकर फिर से एक दूसरे के होंठों को पीने लगे.


रमण ने अनीता का टॉप निकाल दिया और धीरे से जींस भी नीचे कर दी।

गोरे और सुनहरे बदन की मल्लिका अनीता रेड ब्रा-पैंटी सेट में कयामत लग रही थी।


पैरों में सुनहरी पायल ... होंठों पर लाल लिपस्टिक, चेहरे पर लाली ... कुल मिलाकर रमण का नसीब आज छप्पर फाड़ कर आया था ... बाकी तो उसके लंड को ही फाड़ना था।


अनीता ने रमण के कपड़े खींच दिये।


रमण तो पूरी तैयारी में था।

उसने लोअर व टीशर्ट ही पहनी हुई थी. उसका कसा हुआ बलिष्ठ बदन चमक रहा था।


रमण ने अनीता की ब्रा को नीचे करके एक निप्पल निकाला और दबा कर चूसने लगा।

अब अनीता ने खुद ही दूसरा निप्पल निकाल कर कहा- इसे कौन चूसेगा?


रमण ने अनीता की ब्रा और पैंटी दोनों उतार दीं।

अब हुस्न की मल्लिका अनीता निपट नंगी रमण के आगोश में थी।


रमण बारी बारी से दोनों निप्पल चूसने लगा और अपना हाथ वो नीचे अनीता की चूत की ओर ले गया।

चिकनी और मखमली चूत में गंगा जमुना बह रही थी।


रमण ने आहिस्ता से एक उंगली अनीता की रेशमी चूत में अंदर कर दी।

उंगली चूत में जाते ही अनीता सिहर गयी।


रमण ने अपनी जीभ से अनीता की जीभ चुभलाने के साथ साथ अपनी उंगली की गति बढ़ा दी।


थोड़ी देर में अनीता नीचे सरकी और रमण का लंड अपने मुंह में ले लिया।

रमण को इसकी उम्मीद नहीं थी।


अनीता ने उसकी पूरी चमड़ी नीचे करके उसके सुपारे को थूक में लपेट कर टोपे की उँगलियों से मालिश शुरू की।


रमण तो एक मिनट में ही पागल हो गया।

वो अनीता से गिड़गिड़ाने लगा कि वो उसका लंड छोड़ दे वर्ना माल उसके हाथ या मुंह में ही निकल जाएगा।


अनीता ने हंस कर कहा कि बस इतना ही दम है तुम्हारे औज़ार में? चलो अब मेरी मुनिया को चूस दो।


कहकर उसने अपनी चूत रमण के मुंह की तरफ करके टांगें चौड़ी कर दीं।

रमण ने अपनी जीभ पूरी घुसा दी उसकी चूत में।


अनीता ने अपनी पतली पतली उँगलियों से मेरी प्यासी चुत का मुंह और चौड़ा कर दिया।

रमण ने भी जितना हो सकता था उतनी देर तक उसकी चूत को खूब चूसा।


चूसते चूसते उसने थोड़ा थूक चूत से बाहर आने दिया और अनीता की गांड में उस थूक की मदद से एक उंगली घुसानी चाही।


अनीता हटकर बोली- मेरी प्यासी चुत ही फाड़ लो, गांड की सोचो भी मत!

अब रमण ने उसकी टांगें ऊपर करके चौड़ी कर दीं और अपना फनफनाता लंड उसकी चूत में पेल दिया।


लंड चूत में जाते ही अनीता कसमसा उठी।

रमण का लंड उसके कसरती जिस्म की तरह ही मोटा और सॉलिड था। अनीता को लगा कि किसी हब्शी का लंड उसने ले लिया है।


अब रमण ने उसकी पायलों के पास से उसकी टांगों को पकड़ कर चौड़ी किया और अपने धक्के और गहरे कर दिये।


अनीता अपनी गंदी जुबान पर पूरा काबू रखे हुए थी; न ही वो ज्यादा सीत्कारें लगा रही थीं।

नीचे से प्रकाश और विजय के ठहाके उसे सुनाई दे रहे दे।


वाह री प्रकाश की किस्मत ... उसकी बीवी किसी गैर मर्द से चुदवा रही थी।

इधर वो सीत्कारें निकाल रही थी; उधर उसका पति दारू के नशे में इन सबसे अन्जान ठहाके लगा रहा था।


रमण ने अनीता को खूब पेला.

अब उसने अपने हाथ उसकी टांगों से हटाकर उसके मम्मों पर टिका दिये थे, मसल मसल कर उसने उन्हें लाल कर दिया था।


अब अनीता की बारी थी।

उसने रमण को नीचे किया और उसके लंड के ऊपर चढ़ गयी। उसने अपने हाथ रमण के सीने पर टिकाकर उसकी जमकर घुड़सवारी की।

रमण का मूसल लंड उसकी बच्चेदानी को स्पर्श कर रहा था।


तभी अनीता को कॉन्डोम का ध्यान आया।


उसने रमण से कहा कि उन्होंने कोई सावधानी तो ली नहीं, कोई गड़बड़ हो गयी तो?

रमण बोला- आगे से मैं कॉन्डोम ले लूँगा, मगर आज तो दवाई ही लेनी होगी।


अनीता बेफिक्र होकर और उछलने लगी।

अनीता अब रमण से चुदते हुए पूरा मजा ले रही थी.

कुछ देर के बाद वो ज़ोर से बोली- जानू ... मेरा होने वाला है.


रमण बोला- मेरा भी होने वाला है, अंदर ही निकाल दूँ?

अनीता घबरा गयी और उछलकर हट गयी।

इतनी देर में ही रमण का फव्वारा छूट गया और उसी के लंड के चारों ओर गिर गया।


रमण ने चौंककर अनीता से कहा- ये क्या किया तुमने?

अनीता बोली- प्रकाश का ऑपरेशन हो चुका है, अगर कोई गड़बड़ हो गयी तो मेरी ज़िंदगी बर्बा

द हो जाएगी। प्रकाश मुझे घर से निकाल देगा.


रमण को उसकी चिंता समझ आई मगर अब भी अनीता को दवाई तो लेनी ही थी।

दस बज चुके थे।


तभी प्रकाश का फोन आ गया। वो कह रहा था कि थोड़ी देर में विजय चला जाएगा।

उसकी आवाज़ लड़खड़ा रही थी।

वो बोली- आती हूँ।


अनीता ने रमण को एक जोरदार किस किया।

रमण बोला- एक राउंड और प्लीज!!


मन तो अनीता का भी कर रहा था लेकिन अब उसको प्रकाश का फोन आ चुका था इसलिए वो दस मिनट से ज्यादा लेट नहीं हो सकती थी. वहां से जाना उसकी मजबूरी थी.


अनीता बोली- अभी नहीं, अब कल करेंगे. मुझे जाना है. तुम सो जाना। कल बात करते हैं.

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