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मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

मेरी गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई


दोस्तो.. मैं सैफ आपकी खिदमत में फिर से एक नई कहानी के साथ हाजिर हूँ. सबसे पहले मैं अपने चाहने वालों को तहेदिल से शुक्रिया करता हूँ कि उन्होंने मेरी पिछली कहानी
प्लेबॉय बनने के लिए चुत चुदाई का टेस्ट
को बहुत पसंद किया.

अब मैं आपको अपने बारे में बताता हूँ. मेरे चाहने वाले तो मेरे बारे में जानते ही हैं कि मैं कितना मस्त हूँ. नए पाठिकाओं और पाठकों के लिए बताना चाहता हूँ कि मैं एक खूबसूरत जिस्म का मालिक हूँ, जिसकी वजह से लड़कियां मेरी तरफ काफी आकर्षित होती हैं. ऊपर वाले के करम से मेरा लंड भी काफी लम्बा और तगड़ा है. मेरा लंड 7 इंच लम्बा और 3.5 मोटा है.

यह बात उन दिनों की है, जब मैं मुंबई पढ़ने गया था. मैं और मेरा दोस्त इलाहाबाद से मुंबई के लिए घर से निकले और एक लम्बे सफर के बाद हम मुंबई पहुँच गए. वहां पर हमारा दोस्त राहुल हम दोनों का इंतजार कर रहा था. उसी ने हमें पिक किया और अपने घर ले गया. वो घर पर अकेला रहता था. हम दोनों नहा कर फ्रेश हुए और बाजार में घूमने के लिए निकल पड़े. मुंबई के बाजार में तो भाई बहुत भीड़ थी. हम सभी घूम कर चले आए और रात में सो गए.

अगले दिन मैं सुबह गार्डन में घूमने गया और वहां पे मैंने देखा कि कई हॉट और खूबसूरत लड़कियां जॉगिंग करने आई हुई थीं. उनको देख कर मेरा जवान दिल मचल उठा और उनको निहारने के चक्कर में मैं डेली सुबह शाम गार्डन में घूमने जाने लगा.

फिर ऐसे कई दिन बीत गए.

एक दिन शाम को मैं गार्डन में बैठा था तो एक छोटा सा करीब 5 साल का लड़का मेरे पास आया और मेरे बगल में बैठ गया. मैं मोबइल में गेम खेल रहा था.
वो लड़का मुझसे बोला- भैया मैं भी खेलूंगा.

तो मैंने उसकी तरफ देखा, वो बहुत क्यूट था.. मैंने उसे मोबाइल दे दिया और वो खेलने लगा. तभी कुछ देर बाद उसकी छोटी बहन भी आ गई, वो भी बैठ गई. वो भी बहुत क्यूट थी, मैंने उसे और उसके भाई दोनों को कैंडी दिलाई. वो दोनों मस्त होकर मेरे पास बैठ कर कैंडी खाने लगे.

तभी एक लड़की जो कि उनकी बुआ थी, उन्हें ढूँढते हुए हमारे पास आई और उन्हें कहने लगी कि बिना बताए कहां चले गए थे. वो उन्हें डांट रही थी.
तो लड़के ने बोला- देखो अंकल, बुआ हमें डांट रही है.
मैंने उस लड़की से कहा- छोड़ो, जाने दो, ये अभी बच्चे हैं.

वो चुप हो गई और मुझे देखने लगी. मेरी तो उस पर से नजर ही नहीं हट रही थी.

क्या कमाल की काँटा माल लड़की थी यार.. उसका फिगर एक नम्बर का था. मेरी तो हालत ख़राब हो गई थी. क्या रेशमी बाल थे उसके.. गोरे गोरे गाल उसकी पतली कमर.. तने हुए बूब्स.. उसके जानलेवा चूतड़.. आह.. यार एक नम्बर का माल था भाई. उसका फिगर साइज 32-26-34 का था. वो एकदम मस्त पटाखा माल थी.

फिर उसने मेरा नाम पूछा, मैंने बताया- जी मैं सैफ.. और आपका क्या नाम है?
उसने बताया कि उसका नाम परवीन है.

वो मुझे कैंडी के पैसे देने लगी. मैंने नहीं लिए. वो बच्चों को ले जाने लगी.

उस बच्चे ने मुझे मेरा मोबाईल दिया और कहने लगा कि कल मैं फिर खेलूँगा.. आप जरूर आना अंकल.
मैंने कहा- ठीक है.
वो सब जाने लगे. मैं पीछे से उसकी मटकती गांड देख रहा था. क्या मस्त थी यार.. कलेजा बाहर निकला जा रहा था.

कुछ देर बाद मैं भी घर आ गया और बाथरूम में जाकर उसके नाम की मुठ मारी और सो गया.

अब ये रोज का नियम हो गया था. हम दोनों गार्डन में रोज मिलने लगे. धीरे धीरे हमारी दोस्ती हो गई.

फिर एक दिन उसने मुझे अपने घर बुलाया, मैं उसके घर गया. घर में उसकी अम्मी और उसकी भाभी और भाभी के ही वे दोनों बच्चे थे. उसका भाई मलेशिया में रहता था. इस वक्त उसकी अम्मी बाजार गई हुई थीं. मैं वहीं सोफे पे बैठ गया था.

उसने मेरा परिचय अपनी भाभी से कराया तो भाभी ने कहा- अच्छा ये वही हैं, जिनके बारे में बच्चे बात करते हैं.
परवीन ने कहा- हां ये वही है.
भाभी ने मुझसे पूछा- क्या करते हो आप?
मैंने बताया कि पढ़ाई करता हूँ.
भाभी- अच्छा.. क्या कर रहे हो?
मैंने- जी, बीएससी.
तो उन्होंने कहा- ठीक है.

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परवीन कॉफ़ी बनाने चली गई तो उन्होंने मुझसे मुस्कुरा कर पूछा- कोई गर्लफ्रेंड है?
मैंने कहा- नहीं.
उन्होंने कहा- क्यों?
मैंने कहा- मैं इतना हैंडसम नहीं हूँ.
भाभी- क्यों झूठ बोल रहे हो.
मैंने कहा- नहीं… सच में कोई नहीं है!

उन्होंने कहा- परवीन कैसे लगती है?
मैंने मुस्कुरा कर कहा- अच्छी लगती है.
उन्होंने कहा- तो उसे ही अपनी गर्लफ्रेंड बना लो न..!
मैंने- पता नहीं वो मानेगी कि नहीं?
भाभी ने कहा- मानेगी.. वो तुमसे बहुत प्यार करती है, पर कहने से डरती है.
मैंने खुश होते हुए कहा- सच!
उन्होंने कहा- हां.

मैंने कहा- भाभी किचन में ही जाकर प्रपोज कर दूँ क्या?
भाभी ने कहा- और क्या.. जाओ आल द बेस्ट.
मैंने कहा- थैंक यू भाभी.

फिर मैं किचन में गया और सीधा जाकर मैंने उसकी कमर को पीछे से पकड़ कर उसके कानों में बोला- आई लव यू.
वो भी प्यार से बोली- आई लव यू टू.
फिर मैंने उसके गालों पर किस किया, वो शरमा गई.

मैंने कहा कि यार जब तुम मुझसे प्यार करती थी तो अब तक बोला क्यों नहीं?
परवीन- बस मैं डर रही थी.

मैंने उसको अपनी तरफ घुमाया और उसके होंठों पर किस किया. करीब 5 मिनट हम दोनों एक दूसरे को चूमते रहे.
वो एकदम गर्म हो गई.

फिर उसने कहा- भाभी देख लेगी.
मैंने कहा- देख लेने दो.. मैं समझ लूँगा.
परवीन- ठीक है..


बाद में फिर हमने कॉफ़ी ली. हम तीनों ने कॉफ़ी पी और कुछ देर बातें की.

फिर मैंने कहा- ठीक है.. मैं जाता हूँ. हम कल मिलते हैं.
उसने कहा- ठीक है.

फिर हम अगले दिन घूमने के लिए निकले.. पहले हम वाटर पार्क गए. वहां पर हम दोनों ने खूब मजे किए. इसके बाद हम पीवीआर में गए, वहां हमने मूवी देखी, इसके बाद हमने एक होटल में रूम बुक किया और हम दोनों कमरे में पहुँच गए. उससे रहा नहीं जा रहा था.. कमरे में आते ही हम एक दूसरे को बेहताशा चूमने लगे.

हमने खूब देर तक किस किया. करीब 30 मिनट तक हम एक दूसरे को किस ही करते रहे. फिर मैं धीरे धीरे उसके कपड़े निकलने लगा. मैंने उसका टॉप उतारा. उसने ब्लैक ब्रा पहन रखी थी क्या मस्त लग रही थी. फिर मैंने उसके बूब्स को मसलना शुरू किया. उसने भी कामुकता से भरी आवाज निकालना शुरू कर दिया.

अगले ही पल मैंने उसकी ब्रा भी निकाल दी. उसके छोटे छोटे चूचे क्या मस्त लग रहे थे.. एकदम संतरे जैसे चूचे थे. मैंने उसके एक चूचे को चूसना शुरू किया और दूसरे को दबाने लगा. फिर मैं दूसरे को चूसता और पहले को मसलता. ऐसे ही दोनों चुचियों के साथ किया. वो एकदम चुदासी और गर्म हो चुकी थी. बार बार परवीन मुझे अपनी चूत की तरफ खींच रही थी.

फिर मैंने उसकी जींस भी उतार दी. अब वह सिर्फ पैंटी में थी. उसकी पैंटी एकदम गीली हो चुकी थी. उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए. मैं भी सिर्फ कच्छे में रह गया था. मैं चित लेट गया. वह मेरे ऊपर आकर मुझे हर जगह चूमने चाटने लगी. धीरे धीरे परवीन मेरे लंड की तरफ को आई और उसे हाथ से पकड़ कर सहलाने लगी.

मैंने उसे मुँह में लंड लेने को कहा तो वह हिचकिचाने लगी. लेकिन मेरे जोर देने पर वह लंड चूसने लगी. जैसे छोटे बच्चे लॉलीपॉप चाटते हैं, वो वैसे ही लंड को चाट और चूस रही थी.

परवीन करीब 10 मिनट तक लंड चूसती रही, फिर वह बोली- सैफ अब बर्दाश्त नहीं होता.. प्लीज़ अब मुझे चोद दो.
मैंने उसे सीधा लिटाया और उसकी पैंटी उतार कर उसकी चूत पर लंड रगड़ने लगा. वह कांपने लगी और कहने लगी- आह.. सैफ फ़क मी यार.. कमऑन.. फक मी.

फिर मैंने भी ज्यादा देर न करते हुए खेल शुरू कर दिया. मैं उसकी चूत में लंड डालने लगा.
वह कहने लगी- सैफ प्लीज़ यार, आराम से डालना.
मैंने कहा- ठीक है.

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मैंने उसकी चूत के छेद पर लंड रख कर धक्का दिया तो लंड का टोपा अन्दर चला गया.
वह जोर से चिल्लाने लगी- सैफ दर्द हो रहा है.. प्लीज़ धीरे सैफ धीरे..

मैं अपने होंठों को उसके होंठों में भर कर किस करने लगा और एक जोरदार झटका दे मारा, जिससे मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ जड़ तक घुस गया. उसकी चीख निकल गई, पर वह मेरे मुँह में ही रह गई. उसकी चूत से खून और आँखों से आंसू निकलने लगे. वह रोने लगी और कहने लगी कि तुम बहुत गंदे हो.. तुमने मेरी जान निकाल ली. तुम्हें सिर्फ अपनी पड़ी है, मुझे कुछ भी हो.. तुम्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है ना.

मैंने उसके आंसू पोंछे और उसे किस करते हुए कहा कि पहली बार थोड़ा दर्द होता है.. तुम परेशान मत हो.. आज के बाद तुम्हें बिल्कुल दर्द नहीं होगा.

मैंने उसके एक चुचे को मुँह में ले लिया और दूसरे को हाथ से दबाने लगा. जिससे वह फिर से गर्म हो गई और मैं अब अपने लंड को आगे पीछे करने लगा.

अब वह भी दर्द भूल कर नीचे से धक्का देने लगी. मैंने उसी पोजीशन में करीब दस मिनट तक चुदाई की. वो अब बिल्कुल गर्म हो चुकी थी. उसकी साँसें तेज हो गई थीं. वह तरह तरह की आवाजें निकालने लगी “अह अह उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह्ह्ह्ह्ह् इस्स्स्स्स्.. कम ऑन चोद दो मुझे.. और अन्दर अह अह और तेज और तेज..”

फिर उसने मेरी कमर को तेजी से पकड़ लिया, जिससे उसके नाख़ून मेरी कमर में गड़ गए और वह अकड़ने लगी. मैं समझ गया कि ये जाने वाली है. तभी वो ढीली पड़ गई. वह झड़ चुकी थी और पसीने से भीग चुकी थी.

पर मुझे अभी और चुदाई करनी थी. मैंने उसे घोड़ी बना दिया और उसके पीछे से चूत चुदाई करने लगा. मैंने काफी देर तक उसकी चुदाई की. उसे अपने लंड पर बैठा लिया और वह ऊपर नीचे होने लगी.

हम दोनों ने लम्बी चुदाई की. वह अब तक कई बार झड़ चुकी थी.
वो बोली- अब मुझे छोड़ दो मैं बहुत थक चुकी हूँ.

मैंने उसे सीधा लिटाया और ऊपर चढ़ कर स्पीड बढ़ा कर चुदाई करने लगा. मेरा माल भी आने को था, तो मैंने उसकी चूत से लंड निकाल कर उसके मुँह में डाल दिया और उसी के मुँह में झड़ गया. उसका पूरा मुँह वीर्य से भर गया.

हम दोनों ऐसे ही कुछ देर लेटे रहे. फिर मैं उठा और देखा कि पूरी चादर और उसकी जांघ खून से सनी हुई है. मैंने ध्यान दिया तो देखा कि उसकी चूत सूजी हुई थी. मैं उसे उठा कर बाथरूम ले गया और उसे अच्छे से साफ किया, खुद को भी साफ किया.

हम दोनों ने थोड़ी देर आराम किया और फिर कपड़े पहन कर होटल से निकल आए. मैंने नोटिस किया कि वह सही से चल नहीं पा रही थी. मैंने उसे एक पेन किलर दी और उसको घर पर छोड़ने चल दिया.

वह मुझ पर नाराज होने लगी, कहने लगी कि तुम बहुत गंदे हो तुम्हें बिल्कुल भी मुझ पर तरस नहीं आया था.
मैंने कहा- सॉरी अब दोबारा आराम से करूँगा.

फिर हम उसके घर पहुँच गए, उसकी माँ घर पर नहीं थी. उसकी भाभी ने नोटिस कर लिया कि जलेबी शीरा पी गई है.
भाभी हमसे कहने लगी- क्या हुआ, आज तुम दोनों ने हद पार कर ही ली.. चलो अब कर ही चुके हो, तो मजा आया कि नहीं?
परवीन बोली- ये बहुत गंदा है, इसने मुझे मार ही डाला था आज.. और मेरे को खून भी निकला था.
तो भाभी ने कहा- पहली बार ऐसा ही होता है, मुझे भी निकला था. अब तुम्हें दर्द नहीं होगा, सिर्फ मजा मिलेगा.

भाभीजान ने हमें दूध दिया, हम दोनों ने पिया और फिर मैं अपने घर आ गया.

दोस्तो, मेरी चुदाई की कहानी कैसी लगी. मुझे मेल जरूर करें ताकि मैं आपको और भी अपने जीवन में हुई घटना को बता सकूं और आप लोगों से साझा कर सकूँ. धन्यवाद.


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