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मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

जिम के चेंज रूम में जल्दी जल्दी चोद दिया आंटी को


xxxvasna के दोस्तों को मेरा सलाम, मेरा नाम अनुज हैं और में अपनी दूसरी स्टोरी लेके आया हूँ आज आपके सा. यह क़रीब 1 महीने पहले की बात है. पहले में अपने बारे में बता दू मेरा नाम अनुज है में सूरत का रहने वाला हु. में 21 साल का हूँ और बहुत भाभियो और लड़कियों को बहन बना का चोदता हु.

तो इस बार में आपको बतऊँगा की कैसे मैंने अपने जिम में आने वाली आंटी को चोदा. दोस्तों पहले में वो आंटी के बारे में बता देता हूँ वो आंटी का नाम प्रिया 34-35 साल की उम्र होगी उसकी. देखने में एकदम गोरी और जीरो फिगर पूरा बॉडी मेन्टेन था.

२ साल से जिम आ रही थी वो रेगुलर. और आप को फिगर क्या बताऊ 32 इंच की गांड इतनी टाइट की मारने में मजा आ जाए और बूब्स इतने बड़े की उसमे ही समां जाये.

तो उस दिन ऐसा हुआ की मैंने 5 महीने से जिम जाना चालू किआ था में रोज वो आंटी को देखता था वो शाम को ही आती थी. जब में जाता था में उनकी गांड को घूरता रहता था और वो जब एक्सरसाइज करती थी तब यही मन करता की अभी पकड के चोद दू. लेकिन मैं यह नहीं कर सकता था स्टार्टिंग में मुझे डर जो लगता था. कैसे बात करू कई बार उनको सोच कर हिला भी लेता था.

लेकिन एक दिन वो जब आयी तब में 5 मिनिट बाद पहुंचा और वो अंदर चेंज कर रही थी और गेट थोड़ा ओपन रह गया था. मैंने उन्हें पुश अप ब्रा और शॉर्ट्स में देखा में एक बार के लिए तो खो ही गया एंड इस बार मने सोच लिया था की अब इन्हे कैसे भी चोदना ही है.

तो उस दिन के बाद एक हफ्ता लंड को हिला के ही काम चलाना पड़ा. फिर हुआ यु की में जब वह सा निकल के घर जा रहा था तभी वो भी निकली एंड उनकी एक्टिवा चालू नहीं हहो रही थी. तभी मैंने उनसे पूछा क्या हुआ उन्होंने बोलै कुछ नहीं तुम जाओ मेरे फ़ोर्स करने में बताया उनकी गाड़ी चालू नहीं हो रही थी और लेट भी हो रहा था उन्हें.

तो मैंने कहा में आपको छोड़ देता हूँ लेकिन उन्होंने बोलै मेरे हस्बैंड मुझे लेने आयेंगे. मैंने बोला में आपको छोड़ दूंगा मेरे बहुत फ़ोर्स करने पे वो मानी और मेरे पीछे बैठ गयी. जिस रास्ते से हम जा रहे थे वो रोड खराब थी और उन्होंने अंदर पुश अप्स ब्रा पहनी थी तो मुझे पूरा फील हो रहा था और में गरम हो रहा था. मन कर रहा था यही गाड़ी रोक के उससे चोदना चालू कर दू लेकिन फिर कैसे तैसे उन्हें घर छोड़ा और में वहाँ से निकल गया.

घर जाके उनके बारे में सोच के वापस मुठ मारी एंड लेकिन फिर भी लंड प्यासा ही रहा क्यूंकि आंटी की बुर जो नहीं मिली.

फिर दूसरे दिन जिम में वो मेरे पास एके मुझे थैंक्स बोली एंड हमारी थोड़ी बात हुई. और अब हम दोनों में रोज थोड़ी न थोड़ी बातें होने लगी थी और हम कुछ कुछ दोस्त बन गए थे. रोज हम बात करते थे एंड साथ में ही वर्कआउट करने लगगे थे.

फिर एक दिन में उससे हवस की नज़र से देख रहा था एंड शयद उसने भी वो नोटिस कर लिया एंड मुझे पता चला तो मैंने नज़र हटा ली जल्दी से.

फिर हुआ यूँ की जब हम बाद में मिले तो उसने पूछा ऐसा क्यों देख रहे था मुझे? में तो डर ही गया लेकिन हम फ्रैंक हो गये थे इसलिए मैंने बोला आपका फिगर बहुत मस्त है इतना अच्छा फिगर सबको नहीं मिलता आपने बहुत महनत से मेन्टेन किआ है. ये सुन के वो हंसने लगी एंड थैंक यू बोली. एंड उस दिन हिम्मत करके मैंने आंटी का नंबर माँगा. उसने तुरंत हाँ कर दी.

फिर हमारी रोज बात होने लग गयी थी अब मुझे धीरे धीरे हवस बढ़ने लगी थी तो मैंने उन्हे एक बार मिलना के लिए पूछ लिया. वो थोडा झिझकी लेकिन फिर रेडी हो गई.

हम बहार काफे में मिले थे और वो जीन्स एंड टी शर्ट में आयी थी. क्या लग रही थी! फिर हम साथ में बैठे और बात करने लगे. फिर २ ३ घंटा बाद हम घर निकल गए.

फिर मैंने घर पहुंच के उन्हें मैसेज किया की आज तो आप बहुत हॉट ही लग रही थी. मन ही मन मैं डर रहा था की यहाँ तक की सेटिंग में भंग ना पड़ जाए. लेकिन मेरा डर गलत था क्यूंकि उसने भी रिप्लाय में वो नॉटी वाली स्माइल भेजी और थैंक यू बोली.

फिर दूसरे दिन जब में जिम में गया उस दिन जिम खाली था. शाम का वक्त था और सिर्फ 5 6 लोग ही वर्क आउट कर रहे थे. और आंटी चेंज कर रही थी. तभी मैंने उसे देखा एंड बिना सोचे समझे अंदर घुस गया वो डर सी गयी एंड बहार जाने के लिए बोली मुझे. लेकिन मैं चेंज रूम से निकलने के लिए नहीं बल्कि उसे चोदने के फुल मूड में था. लंड पेंट में चिभने लगा था और मेरी साँसे एकदम तेज हो गई थी. सेक्स के सब केमिकल बदन में जैसे उबलने लगे थे.

मैंने उन्हें कंधे से पकड़ा और होंठो के ऊपर ही डायरेक्ट किस कर ली. उसने मुझे जोर से धक्का देना चाहां लेकिन मैंने दुसरे हाथ से उन्हें पकड़ा और अपनी गर्म छाती में जोर से दबा दिया. शायद उसे ये बहुत अच्छा लगा क्यूंकि उस पल के बाद में उसने कोई विरोध नहीं किया. और वो भी मेरे होंठो को सामने से चूसने लगी. मेरे बदन में करंट दौड़ रहा था और लंड उसकी चूत के ऊपर के हिस्से में घिस के पूरा बवाल मचा रहा था.

किस करते हुए ही उसने निचे हाथ किया और मेरे बॉल्स को हाथ में पकड के दबा दिये. मेरे को क्या फिल हुआ उसका मैं शब्दों में कोई वर्णन नहीं कर सकता, हाँ इतना कह दूँ की वो सेक्स की फिलिंग मुझे उस से पहले कभी भी किसी को चोदते वक्त नहीं हुई थी.

आंटी ने अब मेरे हाथ को पकड़ा और अपने चुचों पर रख दिया. मैंने हाथ से उसके कंधे को छोड़ा और दुसरे हाथ से ऊसकी गांड को दबा दिया. क्या सेक्सी चिकनी गांड थी, हाथ ही फिसल गया जैसे मेरा! मैंने उंगलिया आंटी की गांड की फांक में डाल के होल को हिलाया. उसने मेरा हाथ पकड के हटा दिया. मैं समझ गया की वो गांड के ऊत्तेजना में रूचि नहीं रखती थी.

अब आंटी ने पेरी पेंट के ऊपर से ही लंड को पकड़ा और कान में बोली, काफी गर्म हो गया हैं.

मैंने उन्हें आँखों में आँखे डाल के कहा, हाँ आप को ही ठंडा करना पड़ेगा.

वो बोली, यहाँ?

मैंने कहा, हाँ यही पर, कोई नहीं देखेंगे वैसे भी कम ही लोग हैं आज.

वो एकदम नोटी स्माइल के साथ बोली, लेकिन जल्दी पानी छोड़ देना प्लीज़.

और फिर इस सेक्सी आंटी ने अपनी ट्रेक पेंट की बटन खोली और उसे घुटनों तक खिंच दी. पेंटी खींचने का काम मैंने निपटा दिया.

मेरे बिना कुछ कहे वो कुतिया बनी और मेरे लंड को पकड के स्ट्रोक करने लगी. वैसे लोडा टाईट ही था लेकिन उसके स्ट्रोक करने से और भी फुल उठा. इस मोटे लंड को उसने अपनी चुटू के ऊपर सही सेट किया और बोली मारो!

नेकी और पूछ पूछ. एक ही झटके में मैंने लंड को उसकी चूत की वादियाँ दिखा दी. क्या सेक्सी अहसास था. आंटी के मुहं से आह निकल गई. उसकी निपल्स अकड सी गई और वो मेरे लंड को चूत में दबाने के लिए अपने लिप्स टाईट कर गई.

अपने होंठो को भी उसने दांतों के निचे दबा के पेन के अहसास को कम करना चाहा. मैंने एक मिनिट तक रुक के धीरे धीरे से च्दोना चालू कर दिया. वो भी अब पेन कम होने की वजह से गांड को थोडा थोड़ा हिलाने लगी थी.

क्या खुबसुरत चुदाई थी वो. 4 5 मिनिट में ही मेरे लंड के सब पानी ने आंटी की चूत को भिगो दिया. वो जल्दी से पेंटी और ट्रेक पेंट चढ़ा के बोली. पहले तुम बहार निकल जाओ. रुकना मत कहीं भी और पीछे भी मत देखना.

मैंने पेंट में अपने वीर्य से सने हुए लंड को अन्दर कर के बहार निकला. मैंने इधर उधर देखा की किसीने वाच तो नहीं रखी. लेकिनसब मसल बनाने में और चर्बी काटने में बीजी थे और कौने के इस चेंज रूम में किसी का ध्यान नहीं था.

मैंने वाश कर के निकलने का काम निपटा दिया.

निचे चाय की टपरी पर रुक के मैंने सिगरेट सुलगाई. आंटी भी पांच मिनिट के बाद निचे आई. वो मुझे देख के सिर्फ स्माइल दे के निकल गई.

घर जा के नहाने की सोच रहा था तभी उसका कॉल आया और बोली की बहुत मजा आया.

मैंने कहाँ मजा तो मुझे भी बहुत आया लेकिन वक्त और जगह कम थी.

वो बोली कुछ दिन रुको, मेरे पति अगले महीने बिजनेश ट्रिप पर सिंगापोर जायेंगे तब बेडरूम में समयऔर जगह दोनों मिलेगी!

कसम से लंड के अंदर फिर से चुदाई का सैलाब आ गया आंटी के साथ बेडरूम में चोदने के बारे में सोचते ही!

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