Skip to main content

Most Popular

मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

पापा के शराबी दोस्तों ने मेरी बहन का गेंगबेंग किया


आज मैं आपको मेरी रंडी बहन मोना की कहानी बताने जा रहा हु. मोना मेरी बड़ी बहन है दिखने मैं बहोत ही सेक्सी है… बड़े बड़े बूब्स बड़ी गांड और चलते वक़्त गांड मटकते हुए चलती है..

सारे मोहल्ले के लडके उसे चोदना चाहते थे..बहोत बार गली के लडको की बाते भी मैंने सुनी थी के वो दीदी के बारे मैं बोल रहे थे के यार…. ऐसी रंडी मुझे मिल गई न तो मैं तो रात दिन इसे चोदते रहूँगा.

तो चलो मैं कहानी पर आता हु.दरअसल बात उस टाइम की है जब पापा अहमदाबाद से छुट्टी पर आये थे. पापा को शराब पिने की आदत है.

एक दिन की बात है मम्मी की एक फ्रेंड की शादी थी तो मम्मी २ दिन के लिए मुंबई गई थी घर पर सिर्फ मैं मोना दीदी और पापा थे. सन्डे था तो पापा ने उनके दोस्तों के साथ ड्रिंक का प्रोग्राम हमारे घर पर रखा था. पापा ने दीदी को बोल के रखा था के उनके ४ दोस्त आने वाले है तो सबके लिए मटन बना के रखो.

पापा ने मटन लेकर दिया और वो बहार चले गए शराब और दोस्तों को लेने के लिए. पापा के दोस्तों का नाम सुनते ही दीदी की आखो में मैंने चमक देखी थी. शायद दीदी खुश हो गई थी. रात के ८ बजे पापा और उनके दोस्त आये और हॉल मैं उनका दारू का प्रोग्राम चालू हो गया.

बिच मैं पानी ख़त्म हो जाता तो पापा दीदी को लेन को कहते थे. शराब पिने का मन मेरा भी हो रहा था मैंने अपने रूम मैं छुपाई हुई दारू निकाली और मैं भी पिने बैठ गया.

थोड़ी देर बाद अचानक से दीदी मेरी कमरे मैं आ गई और उसने मुझे रंगे हाथ पकड़ लिया. उसने धमकी दे दी की वो पापा को सब बता देगी के तू दारू पी रहा था. मैंने उसे खूब मिन्नतें की, माफ़ी मांगी.

बाद मैं उसने एक शर्त रखी के अगर मैं उसको भी पिने को दारू दे दू तो वो पापा को नहीं बताएगी. उसने कहा के उसे भी दारू ट्राय करनी है तो फिर क्या हम दोनों ने मिलकर खूब दारू पी…

दीदी के आखो मैं नशा दिखने लगा… फिर वो अपने रूम मैं चली गई .. इधर पापा और उनके दोस्तों की पार्टी अभी भी चालू थी. पापा ने दीदी को आवाज लगाई की उनका आइस ख़त्म हो गया है. तो दीदी आइस लेकर गई तब दीदी ने नाईट गाउन पहना हुआ था.

पापा के सब दोस्त दीदी को हवस भरी नजर से देखने लगे क्युकी दीदी बहोत ही सेक्सी लग रही थी. पापा के दोस्त निशांत अंकल ने कहा के मोना बेटा बैठ जाओ यहाँ पे हम सब बाते करते है. पापा ने भी कह दिया के बैठ जाओ. मैं ये सब दूर से ही देख रहा था.

दीदी को निशांत अंकल ने उनके पास मैं बैठने को बोलै दीदी वहा पे जाकर उनके पास बैठ गयी. ऐसे ही नार्मल बाते चलने लगी फिर अंकल ने दीदी से पुछा के कोलज कैसा चल रहा है?

दीदी बोली ठीक चल रहा है फिर बातें करते करते अंकल दीदी के पीठ पर हाथ फेरने लगे.

दीदी कुछ भी नहीं बोल रही थी. ये देखकर अंकल धीरे धीरे दीदी के गांड पर हाथ ले गए फिर भी दीदी चुप थी. फिर दूसरे वाले सुशांत अंकल ने पापा से कहा के अरे यार तुम्हारी मोना इतनी खूबसूरत है उसे मॉडल क्यों नहीं बनाते हो ??

पापा ने बोलै की मेरा तो कोई कॉन्टेक्ट्स नहीं है तो कैसे बनाऊ उसे मॉडल. सुशांत अंकल बोले के अरे मेरा एक दोस्त है उसने बहोत लड़कियों को मॉडल बनाया है. उससे मैं कल बात करता हु इसे मॉडल बना देगा वो.

पापा ने दीदी से पुछा के मॉडल बनना पसंद करोगी? तो दीदी ने मुस्कुराके हां बोल दिया.

फिर सुशांत अंकल ने कहा के अरे ऐसे थोड़ी न मॉडल बन पाओगी पहले टेस्ट होगा. चलो एक काम करो रैम्पवॉक पे जैसे मॉडल चलती है वैसे हमे चलके दिखाओ. दीदी ने शर्माकर ना बोल दिया. तो सबने फार्स किया तो वो तैयार हो गई. और अपनी बड़ी गांड लेकर उसने कैट वाक करके दिखाया सब खुश हो गए.

अब निशांत अंकल बोले के अरे ऐसे नहीं वो रैंप पे तो वो सिर्फ ब्रा और निकर मैं मॉडल चलती है. तो सब कहने लगे के हां हां वैसे चल के दिखाओ.

दीदी पापा के तरफ देखने लगी तो पापा ने कहा के अरे शर्माओ मत सब अपने ही है. दीदी भी झट से मान गई शायद वो भी यही चाहती थी.

उसने झट से जाकर गाउन निकाल दिया और सिर्फ ब्रा पेंटी मैं बहार आ गई. क्या गजब लग रही थी वो. मेरा तो लंड ज़ैसे खड़ा हो गया. ब्रा पेंटी मैं उसने वाक करके दिखाया सबने तालिया बजायी. और अंकल ने कहा के अब सिर्फ पेंटी रखो ब्रा निकाल दो अब दीदी की शर्म चली गई थी उसने झट से ब्रा निकाल दी उसके बड़े बड़े बूब्स अब खुल्ले हो गए.

ऐसा करते करते दीदी पूरी नंगी हो गई. अब सबके आखो मैं हवस भरी हुई थी. निशांत ने पापा से कहा यार सुरेश तेरी बेटी मोना तो कहर धा रही है आज उसे चोदने का बहोत मन कर रहा है ना मत करना तुझे अपनी दोस्ती की कसम.

ये सुनकर पापा ने भी हां कर दिया. दीदी तो पहले से तैयार थी. अब पापा के ४ दोस्त दीदी के ऊपर झपट गए. कोई उसकी चूत रगड़ रहा था. कोई उसके बूब्स सक कर रहा था तो कोई गांड.

यहाँ पर मेरा हाल बेहाल हो रहा था..दीदी भी मजे ले रही थी….निशांत अंकल ने उनका लंड दीदी के मुँह मैं दे दिया और हिलने लगे. दीदी उनका लंड लॉलीपॉप की तरह चाट रही थी.

सुशांत अंकल ने तो दीदी के चूत मैं लंड भी घुसा दिया था और वो धक्के मारने लगे. यहाँ पर दीदी मजे ले रही थी. एक एक करके सब दीदी की चूत माँरने लगे.

१ घंटे बाद सब झड़ गए बारी बारी. उसी टाइम निशांत अंकल की नजर मुझ पर पड़ी. उन्होंने मुझे पास बुलाया और कहा के चल अब तू चोद तेरे प्यारी बहन को.

मैंने भी बिना हिचकिचाए अपनी पेंट निकल दी और मैं शुरू हो गया. मेरा ७ इंच का लंड देखकर निशांत अंकल बोले यार तेरा तो बहोत बड़ा है लंड इससे तेरी दीदी को ज्यादा मजा आएगा.

मैंने अपना लंड दीदी के चूत पर रखा और जोर से धक्का दे दिया. दीदी की चीख निकल गई वो चिल्लाने लगी के बहार निकाल दर्द हो रहा है.

तो मैंने कहा चुप रंडी ४ आदमी के लंड लेते हुए दर्द नहीं हुआ और मेरा घुसते ही दर्द हो रहा है.

ऐसा कहकर मैंने और जोर से अंदर घुसाया.. धीरे धीरे दीदी भी मजे लेने लगी…१५ मिनिट बाद मैं झड गया.

रात के १ बज गए थे पापा के सब दोस्त चले गए थे.. और पापा तो कब का सो गए थे. दीदी और मैं नंगे ही मेरे कमरे मैं आकर सो गए.. सुबह उठाते ही हमने एक बार फिर से चुदाई की. उसके बाद हम रोज चुदाई का मजा लेने लगे. दीदी काफी बार पापा के दोस्तों से शराब पार्टी में चुदी हैं. और मेरा लंड लेने के लिए तो वो हमेशा ही रेडी रहती हैं.

Comments

Popular posts from this blog

अपनी माँ को गले लगाया apni maa ko gale lagaya

अपनी माँ को गले लगाया apni maa ko gale lagaya हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राजकुमार है और में बैंगलोर का रहने वाला हूँ और अभी बी.एस.सी IIIrd ईयर में हूँ. अब में मेरी इस स्टोरी में मेरी माँ के बारे में बताने...

शिप्रा की चूत की गर्मी

Antarvasna, kamukta: मैं भैया के साथ एक दिन दुकान पर जा रहा था भैया ने मुझे कहा कि प्रियम आज तुम दुकान संभाल लेना क्योंकि मैं आज तुम्हारी भाभी को लेकर उनके मायके जा रहा हूं मैंने भैया से कहा ठीक है। हम लोग डिपार्टमेंटल स्टोर चलाते हैं और काफी समय से हम लोग उसे चला रहे हैं मैंने भी अपनी पढ़ाई के बाद भैया के साथ हाथ बढ़ाना शुरू कर दिया था। पहले पापा ही दुकान को संभाला करते थे जब पापा दुकान को संभाला करते थे उस वक्त दुकान पुरानी थी और उसके बाद हम लोगों ने उसे बदलकर डिपार्टमेंट स्टोर बना दिया। अब हमारा काम भी अच्छे से चलने लगा है और घर में सब लोग इस बात से बड़े खुश हैं। पहले पापा इस बात से बहुत ही गुस्सा हो गए थे लेकिन फिर हमने उन्हें मना लिया था। उस दिन मैं ही दुकान पर बैठने वाला था और मैं ही दुकान को संभालने वाला था। मैं जब शाम के वक्त दुकान से घर लौटा तो भैया ने कहा कि प्रियम दुकान में कोई परेशानी तो नहीं हुई मैंने भैया को कहा नहीं भैया मुझे क्या परेशानी हुई। थोड़ी देर बाद हम लोगों ने डिनर किया भैया भाभी को कुछ दिनों के लिए उनके मायके छोड़ आए थे और वह अगले दिन से मेरे साथ स्टोर पर आने लग...

होली पर मेरी ससुराल में घमासान सेक्स- 3

इस हार्डकोर सेक्स स्टोरी इन हिंदी में पढ़ें कि मेरी जेठानी ने हमारे ननदोई जी को अपने सेक्स के खेल में कैसे शामिल किया. उन्होंने हमारे देवर को सेक्स ग्रुप का हिस्सा बना लिया. हैलो फ्रेंड्स. आपने इस हार्डकोर सेक्स स्टोरी इन हिंदी के पिछले भाग होली पर मेरी ससुराल में घमासान सेक्स- 2 में अब तक जाना था कि मेरे ननदोई जी किचन में मेरी ननद के साथ खड़े थे तभी मेरी जेठानी जी ने किचन में आते हुए ननदोई जी से छेड़खानी शुरू कर दी. अब आगे: होली की मस्ती जब शुरू होती, तब होती … जेठानी जी ने तो उसी समय दीपक जी की लुंगी खींच दी और बोलीं- मैं भी तो देखूं अज़गर कैसा है? जेठानी जी की इस हरकत से मैं और रिया शॉक्ड हो गए. दीपक का 5-6 इंच का रबर का मोटा सा पाइप लटका हुआ सा लंड दिखा. जेठानी जी तो बेशर्म हो कर अपने की (घुटनों) पर आ गईं और अपने फेस को ननदोई (दीपक) के लंड के पास ले जाकर बोलीं- इसको तो मैं कच्चा ही चबा जाऊंगी. तभी किसी की सैंडिलों की खट-खट की आवाजें आईं, हम सभी समझ गए कि किचन में स्नेहा (मेरी छोटी ननद) आने वाली है. दीपक जी तो अपनी लुंगी संभाल कर वहीं रखे स्टूल पर बैठ गए और जेठानी जी भी फटाफट खड़ी हो ग...