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मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

भिखारन को चोदा मजे ले ले के


एक दिन जब मैं अपनी गर्लफ्रेंड की चुदाई करने के लिए उसे होटल में बुलाया. मैं पूरा दिन यही सोचता रहा की मैं उसे कैसे कैसे और किस किस तरह चोदुँगा. मैं एक कंडोम लिया और उसे लेकर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ शाम 7 बजे होटल चला गया.

गर्लफ्रेंड रात 10 तक मेरे साथ रह सकती थी तो मैंने सोचा की 3 घंटे में तो मैं किसी जबरदस्त चुदाई कर डालूगा.

पर जैसा सोचा था वैसा नहीं हुआ. मैं चाहता था की मैं अपनी गर्लफ्रेंड के साथ गन्दा वाला सेक्स करू पर वो तो बस हल्का फुल्का रोमांस चाहती थी. इसलिए हमारे बीच लड़ाई हो गई और वो होटल से चली गई.

मैं गुसे में ठेके पर जाकर दारू पीने लगा. दोस्तों मैंने तो गदारू पीने की गलती कर दी पर आप कभी मत करना. उसके बाद मैं नशे में घर जाने लगा तो रास्ते में एक भिखारन मुझ से भीख मांगने लगी.

मैं अपनी जेब से 10 रुपए निकाला और उसे दे दिया पैसे निकालते हुए मेरा कंडोम नीचे गिर गया. उसने अपन ब्लाउज में हाथ डाला और एक फटा पुराना बटुआ निकाल कर उसमे पैसे रख दिए.

मैं खड़ा खड़ा उसके स्तनों को देखने लगा और कामुक होने लगा. तभी वो भिखारन नीचे झुकी और मेरा गिरा हुआ कंडोम उठा और मुस्कुराते हुए मुझे वापस देने लगी. उसकी शैतानी हसी और सेक्सी शरीर देख मैं होश कोने लगा और नशे में तो मैं पहले से ही था.

मैं आगे बड़ा और भिखारन की गर्दन पर हाथ रख कर उसे करीब खींचा और उसके होठो पर चूमने लगा.

नशे में मुझे नहीं पता था मैं क्या कर रहा हूँ पर भिखारन तो मुझे रोक सकती थी पर उसने रोका नहीं. शायद उसने भी कभी सेक्स नहीं किया था इसलिए वो मुझे चुम रही थी.

रात के करीब 10 बज रहे थे और उस वक्त मैं वहा उस भिखारन के साथ सुनसान सड़क पर चूमा चाटी कर रहा था. जब मेरा लंड टनटनाने लगा तो मैंने भिखारन की सेक्सी छाती को दबोच कर उसे मसलना शुरू कर दिया. भिखारिन सेक्सी सेक्सी हॉट हॉट सासे लेने लगी और अचानक उसने मुझे रोक दिया. रोक कर उसने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे अपने झोपड़े तक ले गई. मैं झोपड़ा देख कुश हो क्या और सोचने लगा की आज तो झोपड़े में मस्त भोसड़ा चोदने को मिलेगा.

भिखारन मुझे अंदर ले गई जहा कोई छोटा लड़का सो रहा था. उसने उसे उठाया और उसे बगल रहे झोपड़े में जाने को कहा.

उसके बाद मैं और मेरी सेक्सी भिखारिन एक दूसरे को देखने लगे और चुदाई के लिए अपने आप को गर्म करने लगे. मैं आगे बड़ा और उसके ब्लाउज खोल कर उसके स्तनों को चूसने लगा. उसकी त्वचा कोमल तो नहीं थी क्यों की वो पता नहीं कब से नहीं नहाई थी और साथ में हल्की हल्की बू भी आ रही थी.

पर मैं सबको नजरअंदाज किया और बस उसके मोटे नरम स्तनों को दबा दबा कर चूसने लगा और अपनी चुदाई की भड़ास निकालने लगा.

उस भिखारन ने सिर्फ एक ब्लाउज और पेटीकोट पहना था और मुझे उसके स्तन और सेक्सी पतली कमर दिख रही थी इसलिए मैं कामुक हो कर उसके झोपड़े में चला गया.

जबरदस्त चूमा चाटी के बाद मैंने अपना लंड निकाला तो भिखारन उसे देख हवसी होने लगी. उसने अचानक मेरे लिंग पर जोर जोर से चूसना शुरू कर दिया. मैंने उसे रोका और अपने लंड पर पहले कंडोम लगा कर फिर उसके अपने लंड से खेलने दिया.

वो खेलती रही चुस्ती रही और मैं आराम से उसके गंदे झोपड़े में आराम से पड़ा रहा. वो कभी मेरे गोटे चुस्ती तो कभी लंड के टोपे को. उसके थूक से मेरा पूरा लिंग यहाँ तक की गोटे भी सन गई.

कुछ देर बाद मेरा लंड चूसते चूसते वो अपनी चुत में ऊँगली भी करने लगी. उसने अपने पेटीकोट में हाथ डाला हुआ था जिसे देख मेरे अंदर का जानवर जागने लगा.

मैं अपना हाथ आगे बढ़ाया और भिखारन की कच्छी में हाथ डाल कर उसके भोसड़े को ऊँगली करने लगा. जल्द ही वो ढीली पड़ने लगी तो मैं समज गया की अब लंड देने का वक्त आ गया है.

मैं उठा और उसका पेटीकोट ऊपर उठा और उसकी कच्छी उतार कर अपना लंड अंदर घुसाने लगा.उसकी चुत काली और झाटो से भरी थी. पर मुझे कोई फ़िक्र नहीं पड़ रहा था क्यों की मैंने कंडोम पहना था. मैं लंड अंदर डालते ही चुदाई शुरू कर दिया और उसे एक पल सास लेने का मौका भी नहीं दिया. भिखारन सेक्सी आवाजे लेकर अपने झोपड़े का बम्बू पकड़ कर मेरा लंड अंदर लेती रही.

मैं जोर जोर से पूरा दम लगा कर चुत का आनंद लेने लगा और उसके दूध दबा दबा कर सेक्सी माहौल बना दिया. मैं चोद चोद कर भिखारिन के भोसड़े का भरता बनाने लगा और अपने टटो को उसके गांड के छेद पर मरता रहा. वो अपने पैर खोल कर लेटी थी और मैं उसके पेटीकोट को उठा कर उनकी चुत को जबरदस्त तरीके से चौदे जा रहा था. तभी बगल वाले झोपड़े से कोई औरत निकली और वो अंदर हमे चुदाई करता देखने लगी.

वो पीछे से मेरी गांड आगे पीछे हिलती देखने लगी और बोली ” रंडी साली !!! “

तभी जिस भिखारन को मैं चोद रहा था वो बोली ” तू रंडी बहन की लोड़ी !! “

इसके बाद वो भिखारन वापस अपने झोपड़े में जाकर सोने लगी और मैं चुदाई करता रहा.

जिस भिखारन की चुदाई मैं कर रहा था वो दिखने में करीब 24 – 25 साल की थी और उसका बंद सावला और सेक्सी था.

गांड और कमर दोनों एक ही साइज के मोठे थे और कमर सेक्सी और पतली थी.

उसका देसी अंदाज और सेक्सी आवाज से मैं उस भिखारन की दीवाना होगया और उसके चुदाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ा.

मुझे भिखारिन के भोसड़े का भरता बनाने में काफी मजा आ रहा था. जैसे जैसे वक्त बीत रहा था वैसे वैसे वो और गांड तोड़ चुदाई मांग रही थी और मैं थकता जा रहा था.

मैं उसकी इतनी जबरदस्त तेजी से चुदाई कर रहा था की पूरा झोपड़ा हिलने लगा था क्यों की भिखारन ने झोपड़े का बम्बू पकड़ा हुआ था. थोड़ी देर बाद मैंने उसे टेड़ा किया और उसकी एक तंग अपनी छाती पर फसा कर उनकी चुत पर जोर से लंड मारने लगा. भिखारन मुझे देखती रही और मेरे कंधो को हाथो से छूती रही. तभी उसका शरीर कापने लगा और उसकी चुत से गर्म पानी का एक फवारा सा निकल पड़ा.

उसके चुत के पानी से मेरा लिंग और मेर गंदे हो गए और नीचे की सारी दरी भी गीली हो गई. चुत का पानी मुझे इतना सेक्सी लगा की मैं पागल ही हो गया और उछाल उछाल अपनी कमर उसकी चुत पर मारने लगा और अपने टोपे से उसकी योनी की दीवारों को रगड़ता रहा.

तभी पूरा झोपड़ा गिरपडा और बगल वाली भिखारन फिरसे गालिया देती हुई बाहर आ गई. पर झोपड़ा गिरने पर भी मैं अपनी कमर हिला कर चुत चोदता रहा और भिखारिन के भोसड़े का भरता बनाता रहा. बाहर कड़ी भिखारन हमे झोपड़े के कपड़े के अंदर चुदाई करता देखती रही.

उसके मेरी हिलती कमर साफ दिख रही थी. और बस जैसे ही मैंने माल छोड़ा मैं भी शांत हो कर भिखारन को गले लगा लिया और वही गिरे हुए झोपड़े में पड़ा रहा. वही पड़ा पड़ा मैं कब सो गया मुझे पता नहीं लगा. मेरी आँख सीधा सुबह खुली.

जब मेरी आंख होली तो वो भिखारन मुझे मुस्कुरा कर देख रही थी. उस वक्त मुझे अपने आप पर घिन आने लगी. भिखारन काफी बदसूरत और गन्दी थी पर एक चीज अच्छी थी की उसके स्तन काफी सेक्सी और मोटे थे. मैं वहा से उठा और वापस घर भाग गया और भिखारन मुझ से मेरा नाम और वापस कब आओगे यही पूछती रह गई.

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