Skip to main content

Most Popular

मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

कामवाली को चोदा उसकी बेटी को साथ मिला के


ये कहानी मेरे और मेरी नौकरानी और फिर उसकी बेटी है. दोनों गजब की माल थी, मजा आ गया दोनों को चोदने के बाद, आज मेरी वासना की आग को शांत किया और उम्मीद है ये सिलसिला आगे भी कायम रहेगा.

मेरा नाम आकाश है, दिल्ली में रहता हु, मैं दिल्ली में पढाई कर रहा हु, एक सोसाइटी फ्लैट में किराये पे रहता हु, मेरे फ्लैट में काम करने के लिए एक औरत आती है कुसुम जो की 39 साल की है, पर वो एकदम मस्त माल और जवान लगती है. उसका बदन काफी भरा पूरा है. गजब की सुन्दर है. पर झाड़ू पोछा का काम करना इसलिए पड़ रहा है क्यों की उसका हस्बैंड अब चल फिर नहीं सकता उसका एक्सीडेंट हो गया है, बहुत ही अच्छी औरत है.

कुसुम कल सुबह जैसे ही काम करने आई, वो बड़ी ही सुन्दर लग रही थी, मैंने पूछा क्या बात है कुसुम आज तुम बड़ी अच्छी लग रही हो तो बोली, हां हो सकता है कल कवाचौथ था इस वजह से मैंने फैसला ब्लीच मेहंदी लगबै थी, बाल भी ठीक कराया था, क्या करे साल भर का पर्व है इसलिए अपने आप को एक दिन तो ठीक कर लेती हु. हम लोग रोज रोज कैसे कर सकते है अपने आप को ठीक ब्यूटी पारलर में, बहुत पैसा लगता है भैया, गरीब आदमी तो सुन्दर होते हुए भी सुन्दर नहीं लग पता है सिर्फ अपने गरीबी की वजह से.

वाकई में कुसुम बहुत ही सुन्दर लग रही थी, साड़ी भी लाल लाल और हाफ स्लेव का ब्लाउज उसकी चूचियाँ बहुत टाइट और उभर गजब का लग रहा था, साड़ी उसकी पारदर्शी थी इसवजह से उसका नाभि और पेट साफ़ साफ़ दिख रहा था.

मैं तो बस उसके पेट को ही निहार रहा था. फिर वो झाड़ू लगाने लगी, वो ब्लाउज भी ऊपर से ज्यादा कटा हुआ पहनी थी इस वजह से उसकी चूचियाँ भी साफ़ साफ़ दिखने लगी, जब वो झुक रही थी क़यामत ढा रही थी, मैं तो उसकी इस रूप को देखकर हैरान परेशान था, मैं ही नहीं बल्कि मेरे लण्ड भी नमस्कार करने लगा था.

तभी कुसुम भोली भैया जी मेरा पति अब कमाता नहीं है, मेरे काम करने से ही घर चलता है, आज मुझे ४ हज़ार रूपये की जरूरत पड़ गयी है, क्या आप मेरी मदद करोगे, मैंने कहा मदद तो कर देता पर मुझे अपनी गर्ल फ्रेंड को देना है, तो कुसुम ने कहा आप मुझे ही दे दो, तो मैंने कहा उसको देता हु तो मजे देती है.

तो कुसुम बोली मैं भी मजा दे दूंगी, और अपने साडी के कोने से मुह को दबाते हुए मुस्कुराने लगी, मेरा दिमाग ठनक गया और धड़कन तेज हो गयी, क्यों की मैं झूठ बोला था आज तक मैंने किसी भी लड़की को छुआ तक नहीं हु इस नजर से, अब तो शेर के सामने बकरी थी.

मैंने कहा ठीक है मैंने अपना अलमीरा खोला और चार हज़ार रूपये दे दिए, वो बीएड पे बैठ गयी, बोली कैसा मजा चाहिए, मैंने कहा तुम बड़ी ही खूबसूरत हो, आज तो और भी खूबसूरत लग रही हो, तो बोली मेरा पति तो आज कल मेरे तरफ देखता भी नहीं है वो काफी कमजोर सा हो गया है.

आप मेरी मदद थोड़े दिन तक कर दो मैं भी आपको किसी चीज की कमी नहीं रखूगी, फिर वो मेरे तरफ झुकी और मैंने उसके तरफ, दोनों के होठ आपस में मिल गए, और फिर कब मेरा हाथ उसके चूच को दबाने लगा पता ही नहीं चला.

मैं ब्लाउज के ऊपर से उसके चूच को दबा रहा था वो अपना ब्लाउज का हुक खोल के अपना चूच बाहर निकाल दी, गजब का बड़ा बड़ा टाइट टाइट चूच था, मैं पहली बार किसी को चूच को दबाया था, फिर उसने अपने चूच को मेरे मुह में डालने लगी, मैंने भी आराम से उसके चूच को अपने मुह में ले के निप्पल को पिने लगा.

फिर वो बेड पे लेट गयी, और मैंने उसके पेटीकोट को ऊपर कर दिया, गोल गोल जांघे, मैंने ऊपर से निचे तक सहलाया फिर उसके पेंटी को खोल दिया, काले काले बाल बूर के आस पास था, मैंने टांगो की अलग अलग कर के उसके बूर का मुआयना किया बीच में एक दरार सी थी मैंने अपने हाथ से अलग किया लाल लाल चूत पहली बार देखा मेरी धड़कन तेज हो गयी, मैं अपने आप को संभल नहीं पाया और उसके चूत को अपने जीभ से चाटने लगा, पर कुसुम बहुत सेक्सी थी.

बोली लण्ड को क्या हुआ डालो ना, पागल कर दोगे क्या, फिर मैं अपने लण्ड को उसके बूर के ऊपर रख के धक्का मार तो छटक गया, फिर वो खुद ही मेरे लण्ड को पकड़ के अपने चूत के ऊपर लगाई, मैंने धक्का दिया मेरा लण्ड स्लो मोशन में उसके बूर में दाखिल हो गया, उसके मुह से आवाज आई हाईई हाय मैं मर गई, हाय हाय.

फिर क्या था मैं धका धक करके लण्ड को उसके चूत में पेलने लगा, वो बस मोअन कर रही थी और अपने हाथ से वो खुद ही अपनी चूचियों को दबा रही थी, मैं झटके पे झटके दे रहा था, वो भी गांड उठा उठा के चढ़वा रही थी, मैंने उसको चोदते रहा और वो भी चुद्वाते रही, फिर वो झड़ गयी और मैं भी एक गहरी सांस लेते हुए सारा माल उसके चूत में डाल दिया, फिर वो मुझे प्यार से चुमी और बोली कैसा लगा, मैंने कहा बहुत अच्छा लगा, फिर वो सारा काम करके चली गयी.

दूसरे दिन मैं उसका वेसरबी से इंतज़ार कर रहा था, अब तो रोज रोज ही ये चलता पर वो नहीं आई, उसके बदले उसकी बेटी आई, मैंने पूछा की माँ नहीं आई तो बोली आज नहीं आएगी क्यों की उनका तबियत ठीक नहीं है मैं आज काम करुँगी, ये लड़की अपनी माँ से भी ज्यादा खूबसूरत थी लग ही नहीं रही थी.

की किसी कामबाली की बेटी हो, ना था नैना, फिर बात यूं आगे बढ़ी की आज वो चुदवाने लगी, नैना तो और भी वाइल्ड तरीके से चुदवाई, आप ये कहानी अगली स्टोरी में पढ़ेंगे, नौकरानी की बेटी की चुदाई.

Comments

Popular posts from this blog

अपनी माँ को गले लगाया apni maa ko gale lagaya

अपनी माँ को गले लगाया apni maa ko gale lagaya हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राजकुमार है और में बैंगलोर का रहने वाला हूँ और अभी बी.एस.सी IIIrd ईयर में हूँ. अब में मेरी इस स्टोरी में मेरी माँ के बारे में बताने...

शिप्रा की चूत की गर्मी

Antarvasna, kamukta: मैं भैया के साथ एक दिन दुकान पर जा रहा था भैया ने मुझे कहा कि प्रियम आज तुम दुकान संभाल लेना क्योंकि मैं आज तुम्हारी भाभी को लेकर उनके मायके जा रहा हूं मैंने भैया से कहा ठीक है। हम लोग डिपार्टमेंटल स्टोर चलाते हैं और काफी समय से हम लोग उसे चला रहे हैं मैंने भी अपनी पढ़ाई के बाद भैया के साथ हाथ बढ़ाना शुरू कर दिया था। पहले पापा ही दुकान को संभाला करते थे जब पापा दुकान को संभाला करते थे उस वक्त दुकान पुरानी थी और उसके बाद हम लोगों ने उसे बदलकर डिपार्टमेंट स्टोर बना दिया। अब हमारा काम भी अच्छे से चलने लगा है और घर में सब लोग इस बात से बड़े खुश हैं। पहले पापा इस बात से बहुत ही गुस्सा हो गए थे लेकिन फिर हमने उन्हें मना लिया था। उस दिन मैं ही दुकान पर बैठने वाला था और मैं ही दुकान को संभालने वाला था। मैं जब शाम के वक्त दुकान से घर लौटा तो भैया ने कहा कि प्रियम दुकान में कोई परेशानी तो नहीं हुई मैंने भैया को कहा नहीं भैया मुझे क्या परेशानी हुई। थोड़ी देर बाद हम लोगों ने डिनर किया भैया भाभी को कुछ दिनों के लिए उनके मायके छोड़ आए थे और वह अगले दिन से मेरे साथ स्टोर पर आने लग...

होली पर मेरी ससुराल में घमासान सेक्स- 3

इस हार्डकोर सेक्स स्टोरी इन हिंदी में पढ़ें कि मेरी जेठानी ने हमारे ननदोई जी को अपने सेक्स के खेल में कैसे शामिल किया. उन्होंने हमारे देवर को सेक्स ग्रुप का हिस्सा बना लिया. हैलो फ्रेंड्स. आपने इस हार्डकोर सेक्स स्टोरी इन हिंदी के पिछले भाग होली पर मेरी ससुराल में घमासान सेक्स- 2 में अब तक जाना था कि मेरे ननदोई जी किचन में मेरी ननद के साथ खड़े थे तभी मेरी जेठानी जी ने किचन में आते हुए ननदोई जी से छेड़खानी शुरू कर दी. अब आगे: होली की मस्ती जब शुरू होती, तब होती … जेठानी जी ने तो उसी समय दीपक जी की लुंगी खींच दी और बोलीं- मैं भी तो देखूं अज़गर कैसा है? जेठानी जी की इस हरकत से मैं और रिया शॉक्ड हो गए. दीपक का 5-6 इंच का रबर का मोटा सा पाइप लटका हुआ सा लंड दिखा. जेठानी जी तो बेशर्म हो कर अपने की (घुटनों) पर आ गईं और अपने फेस को ननदोई (दीपक) के लंड के पास ले जाकर बोलीं- इसको तो मैं कच्चा ही चबा जाऊंगी. तभी किसी की सैंडिलों की खट-खट की आवाजें आईं, हम सभी समझ गए कि किचन में स्नेहा (मेरी छोटी ननद) आने वाली है. दीपक जी तो अपनी लुंगी संभाल कर वहीं रखे स्टूल पर बैठ गए और जेठानी जी भी फटाफट खड़ी हो ग...