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मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

कुंवारी नंगी चूत चाट कर गर्म की (Kunvari Nangi Chut Chaat Kar Garam Ki)

सबसे पहले मैं अन्तर्वासना को कोटिश: धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने मेरी कहानी को अपनी साईट पर स्थान दिया। साथ ही उन पाठकों को भी धन्यवाद देता हूँ.. जिन्होंने मुझे मेल कर के मेरा उत्साह बढ़ाया।
मेरी पिछली कहानी बस चूत पटाना जरूरी है में आपने पढ़ा कि किस तरह रीता नाम की लड़की को मैंने अपने पैर के अंगूठे का कमाल दिखा कर पटा लिया था।
अब आगे..

अगले दिन मैंने उसे अपने घर बुलाया। उस दिन संयोग से रविवार था.. इसलिए विद्यालय की छुट्टी थी, मैं फ्री था और साथ ही मेरे परिवार के सभी लोग रिश्तेदारी में शादी में गए हुए थे, मैं पशुओं की देखभाल का बहाना करके घर पर ही रूक गया था।

सुबह के 9:30 पर वह अपनी पढ़ने की किताब लेकर मेरे घर आ गई।
मैं बाहर ही उसका इंतजार कर रहा था।
चूंकि मेरा घर गांव से बाहर थोड़ा दूर है.. इसलिए उधर कोई जल्दी नहीं आता।

मैंने उससे पूछा- टीवी देखोगी..?
तो उसने कहा- हाँ कोई पिक्चर आ रही हो.. तो देखूंगी।
मैंने टीवी चलाने पर देखा तो राजा बाबू पिक्चर आ रही थी।

हम दोनों एक ही सोफा पर बैठ कर पिक्चर देखने लगे और मैं धीरे-धीरे उसकी जांघ सहलाने लगा। चूंकि मैं दिन के उजाले में उसे पहली बार सहला रहा था.. तो वह थोड़ा शरमा रही थी।
रीता- सर कोई आ जाएगा।
मैं- वैसे यहाँ कोई नहीं आता है.. फिर भी मैं दरवाजा बन्द कर देता हूँ।

मैंने इतना कह कर दरवाजा बन्द कर दिया और फिर से उसको जांघ पर सहलाने लगा।
रीता- सर प्लीज ऐसा मत करिए।
मैं- क्यों बुरा लग रहा हो.. तो अपना हाथ हटा लूँ?
रीता- नहीं.. पर मैंने कभी ऐसा नहीं किया या करवाया है।
मैं- घबराओ मत.. कुछ नहीं होगा। अगर कोई तकलीफ हो तो बता देना। मैं तुम्हें कोई तकलीफ नहीं देना चाहता हूँ।

सच्चाई तो यह है कि वह धीरे-धीरे गरम होती जा रही थी। क्योंकि मैं जानता हूँ कि औरत में वासना की शक्ति पुरूषों की अपेक्षा आठ गुना अधिक होती है।
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट काम पर पढ़ रहे हैं।

तभी मैंने उसके प्यारे गाल पर चूम लिया.. वो एकदम से गरमा गई।
रीता- आह्ह्ह्.. स्स्स्स्ररर..प्ल्ल्लीज.. मुझे कुछ हो रहा है..!
मैं- क्या हुआ.. घबराओ मत.. कुछ नहीं होगा.. पहली बार थोड़ा अजीब लगता ही है।

अब मैंने उसके होंठों को चूमते और चूसते हुए उसके स्तनों को हल्के-हल्के सहलाने लगा और रीता कामवासना की अधिकता के कारण अपना होश खोकर पूरे जोश में आ गई थी।

मैंने उसके टाप का बटन खोल कर निकाल दिया। उसने नीचे ब्रा नहीं पहनी थी। जिससे उसके 34 नाप के स्तन उछल कर आजाद हो गए।
क्या मस्त चूचियाँ थीं उसकी.. आह्ह.. उसके निप्पल तो कोट के बटन जितने बड़े और मोटे थे। ऐसे निप्पल बहुत कम देखने को मिलते हैं। पोर्न तस्वीरों में तो मैंने कहीं नहीं देखा.. हाँ रीयल में तो अब तक मात्र एक दो औरतों के पास ही देखा है।

अब मैं रीता को चूमते हुए उसके स्तनों को दबा रहा था और रीता के खड़े निप्पलों को धीरे-धीरे खींच रहा था। इससे वह वासना से पागल होकर मेरी जीभ को चूस रही थी और मादक ‘आहें’ भर रही थी।

रीता- अम्म्म म्म्मम्माह.. ऊम्म्म हम्म्म्म्म…
मैं- ऊम्म्म..

अब मैं उसकी एक निप्पल मसलते हुए दूसरे हाथ से उसकी चूत को कपड़ों के ऊपर से ही सहलाने लगा और साथ ही रीता की चूत को हल्के-हल्के मसलने लगा।
इस तरह दो मिनट करने के बाद उसका बदन अकड़ने लगा और पहली बार होने के कारण इतने में ही वह झड़ने लगी।

रीता- आाहह.. सरररर.. म्म्म्म्मुझे क्या ह्ह्ह्हो रहा है..
मैं- ओह.. तुम्हारा काम हो रहा है..

इस प्रकार मैं उसे सहलाता और वह उछल-उछल कर अपना पानी निकालती रही। इस प्रकार अच्छी तरह फोरप्ले होने के कारण वह बहुत जोर से झड़ गई और सुस्त हो गई।
अब मैंने उसे सोफा पर लिटा दिया और उसके प्यारे और मोटे निप्पलों को होंठों से धीरे-धीरे खींचने लगा.. साथ ही उसकी कोमल चूत को सलवार के ऊपर से ही धीरे-धीरे सहलाने लगा।

कुछ ही देर में वह फिर से गर्म होने लगी और मेरा सिर सहलाने लगी।
अब मैं समझ गया कि रीता चुदाई के लिए तैयार हो रही है तो मैंने धीरे से उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया।

आह.. अब आज उसकी नंगी चूत के दर्शन हो गए, एकदम पावरोटी जैसी उभरी हुई चूत और उस पर छोटे-छोटे रेशमी बाल.. मैंने मादकता की अधिकता के कारण झुक कर उसकी चूत को चूम लिया और मेरे चूत चूमते ही वह उत्तेजना से सिहर उठी।

अब मैंने देर न करते हुए उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया और एक उंगली को धीरे से उसकी गाण्ड में डाल दिया.. जिससे वह दर्द और उत्तेजना से चिहुंक उठी।

रीता- आह सरररर.. मुझे ये क..क्या हो रहा है..!
मैं- आह्ह.. क्कैसा.. लग रहा है.. मेरी प्यारी रीता..
रीता- आह्ह.. ओ माँ.. म्मम्म्झे पता नहीं.. क्क्क्क्यया.. हो रहा है..
मैं चूत चूसते हुए बोला- उम्म्हा.. अच्छा लग रहा है ना..
रीता- आआह्ह.. बहुत ज्यादा..

अब मैं उसके चूत के दाने को अपनी जीभ से रगड़ रहा था और उसकी चूत को अपने होंठों से खींच रहा था। साथ ही उसकी गाण्ड में उंगली भी कर रहा था।

अब वह इतनी गरम हो चुकी थी कि उसका शरीर अकड़ने लगा और वह उत्तेजना वश हाँफने लगी। उसका शरीर झटके देने लगा और वह बहुत देर तक झड़ती रही।

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