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मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

खुली छत पर ममेरे भाई से चूत चुदाई (Khuli Chhat Par Bhai Se Chut Chudai)

हैलो मेरा नाम ईशिता है.. मैं हरियाणा के रोहतक में रहती हूँ। मैं 21 साल की हूँ मेरा रंग एकदम गोरा है और मेरे बदन का साइज़ 30-28-34 का है। जो भी लड़का मुझे देखता है वो अपना लंड हिलाने लग जाता है।

यह बात करीब 2 साल पहले की है.. जब मैं 19 साल की थी.. तो मेरी छुट्टियाँ हुई ही थीं कि मैंने सोचा कि इन छुट्टियों में मामा के घर हो आऊँ.. तो मैंने मम्मी से बात की और अगले दिन मामा के घर चली गई।
मामा का घर गाँव में था तो मैं सुबह 9 बजे घर से निकल गई और करीब 12 बजे मैं मामा के घर पहुँच गई।

वहाँ पहुँचते ही मैं सब से मिली.. सब लोग मेरे चारों ओर जुड़ गए।
हाँ.. मैं आपको यहाँ बता दूँ कि मेरे मामा का सयुंक्त परिवार है.. तो लोग भी ज़्यादा हैं। उन सभी से बात करते-करते शाम हो गई।
मेरी सभी मामियाँ खाना की तैयारी में लग गईं और नानी अपने और कुछ काम करने में लग गईं।


अब मैं अकेली ही रह गई थी.. मेरा मामा का एक लड़का मुझ से एक साल बड़ा है.. वो मुझ से बात करने लगा। वो और मैं एक ही बिस्तर पर बैठे थे, वो मेरे कुछ ज़्यादा ही पास बैठा हुआ था, हम मस्ती में बात कर रहे थे।

उसने मेरा फ़ोन देखने के लिए माँगा.. तो मैंने उसे दे दिया। वो फ़ोन देख रहा था.. तो अचानक मुझे याद आया कि फ़ोन में तो मेरी मेरे ब्वॉय-फ्रेण्ड के साथ न्यूड फोटो है, मुझे ध्यान ही नहीं रहा और उसने वो फोटो देख ली।
उसने मुझे फ़ोन वापस दे दिया और बोला- इशी, तेरा कोई ब्वॉय-फ्रेण्ड है?

मैंने उसे मना कर दिया.. तो बोला- फिर कॉलगर्ल का काम करती है क्या? तेरी उस लड़के का साथ नंगी फोटो क्यों है?
मैं सनाका खा गई और एकदम चुप हो गई, मैं उससे रिक्वेस्ट करने लगी कि किसी को ना बताना।
तभी उसके मन में भी वैसा ही चुदास का कीड़ा उठने लगा।
वो बोलो- ठीक है.. पर एक शर्त पर..
मैं बोली- क्या शर्त है?
वो बोला- तुझे मेरे साथ भी वैसा ही करना पड़ेगा.. जैसा उस लड़के के साथ किया था।
तो मैंने भी उसे ‘हाँ’ कह दिया.. तो वो मेरे मम्मों को दबा कर बोला- रात को मिलते हैं जान..
और वो वहाँ से चला गया।

अब मैं भी रात का इंतजार करना लगी कि रात को क्या करेगा.. पता नहीं।
करीब 8 बजे सबने खाना खाया और सब सोने की तैयारी करने लगे.. तो वो मुझसे आकर बोला- हम दोनों ऊपर छत पर सोएंगे..
और फिर वो मेरी कमर पर हाथ फेर कर वहाँ से चला गया।

मैंने मामी से कहा- मैं और अवी.. (उसे हम घर में अवी कहते हैं) हम दोनों छत पर सोएंगे..
तो मामी ने मेरा बिस्तर भी वहीं लगवा दिया।

करीब रात के 10 बजे में सबसे बात करके और कपड़े बदल कर ऊपर सोने चली गई। उन दिनों गर्मी का मौसम था.. तो बिस्तर खुले में ही लगवा कर सोने का सोचा था।
मैं ऊपर पहुंची.. तो देखा कि वो पहले से ही ऊपर है और अपने फ़ोन में कुछ देख रहा है।
मैं उसके पास गई.. तो मैंने देखा कि वो ब्लू फिल्म देख रहा था।
वो मुझसे कहने लगा- आ जा.. तू भी देख ले..

तो मैं भी वो ब्ल्यू फ़िल्म देखने लगी। उस फिल्म में एक लड़की को दो लोग चोद रहे थे, एक उसकी गाण्ड मार रहा था और दूसरा उसकी चूत चोद रहा था।
उसे देख कर मैं भी गर्म हो गई और मेरी भी चूत गीली हो गई, मेरे मुँह से अपने आप आवाजें निकलने लगीं।

अवी मेरी तरफ देखने लगा.. उसने एक हाथ मेरे मुँह पर रखा और अपना मुँह पास लाने लगा, वो मेरी चुम्मियाँ लेने लगा।
चुम्बन करते हुए उसने मेरे मम्मों को भी दबाना शुरू कर दिया, फिर उसने मेरी टी-शर्ट में हाथ डाल कर मम्मों को दबाना शुरू कर दिया, फिर मेरी टी-शर्ट उतार दी..

मैंने अन्दर स्पोर्ट्स ब्रा पहन रखी थी.. तो वो उसके ऊपर से ही मेरे मम्मों को चूसने लगा।
मम्मों को चूसते-चूसते उसने मेरे निप्पल पर काट लिया, मैं चिल्ला उठी.. तो उसने कहा- चुप रह.. सब ऊपर आ जायेंगे.. और तू बिना चुदाए रह जाएगी।

तो मैं चुप हो गई और फिर उसने मेरी ब्रा उतार दी।
अब उसने मेरे मम्मों को नंगा कर दिया और मेरा एक चूचा मुँह में भर कर चूसने लगा।
मैं भी मजे से अपना चूचा चुसवा रही थी और मस्ती से कराहते हुए मुँह से सिसकारियाँ निकालने लगी थी।

तभी उसने अपना एक हाथ मेरा लोवर के अन्दर डाल दिया, वो बोला- तेरी चूत तो गीली हो गई है.. तू तो चुदने के लिए तैयार लग रही है।
मैं सीत्कार करने लगी।
उसने मेरा लोवर और पैन्टी एक साथ उतार दी.. और मेरी चूत पर उंगली घुमाने लगा।
फिर उसने मेरी चूत पर अपना मुँह रखा और उसे चाटने लगा, वो अपनी जीभ से मेरी चूत के दाने को ज़ोर से दबाने और हिलाने लगा था।

फिर कुछ देर ऐसा ही करने के बाद वो उठा.. और अपने कपड़े उतारने लगा।
अब वो नंगा होकर मेरे मुँह के पास अपना लंड लाकर बोला- चूस.. इसे..
मैंने कहा- मुझे चूसना पसंद नहीं..
वो बोला- मैंने देखा था कि उस फोटो में तू उसका खड़ा लौड़ा चूस रही थी।
तो मैंने कहा- वो तो खाली फोटो क्लिक करवाना के लिए लिया था।
बोला- मुझे नहीं पता.. तुमने उसका लण्ड चूसा हो या ना चूसा हो.. पर तुमको मेरा लौड़ा तो चूसना पड़ेगा।

अब उसने जबरदस्ती मेरे मुँह में अपना लंड डाल दिया और मुझे उसका लंड चूसना पड़ा।
फिर उसने मेरे मुँह से अपना लंड निकाल का कहा- अपने दोनों हाथों से अपने मम्मों दोनों तरफ से दबा लो..
तो मैंने उसकी लालसा को समझते हुए ऐसा ही किया.. वो मेरे ऊपर आकर मेरे मम्मों का बीच में अपना खड़ा लण्ड फंसा कर मेरे मम्मों की चुदाई करने लगा।

मैंने कहा- मेरे पास चूत भी है तू चूत में भी तो यही काम कर सकता है, तू उसमें भी अपना मूसल पेल कर मेरी चूत चुदाई कर सकता है।
तो बोला- भोसड़ी की.. तू चुप ही रह.. साली राण्ड.. बाहर चुदवाती है.. जब घर में ही इतने लंड मौजूद हैं.. फिर भी तुझे बाहर के लौड़े पसन्द हैं।

मैं चुप रही और जैसा वो कर रहा था मैंने वैसा उसे करना दिया क्योंकि मुझे भी अपने मम्मों की चुदाई में मजा आ रहा था।
फिर कुछ दर बाद उसने अपने लण्ड को मेरी चूत पर रखा और उसकी दरार पर रगड़ने लगा।
अब मुझे से रहा नहीं गया और मैंने सिसकारते हुए कहा- डाल भी दो ना भाई.. अब नहीं रहा जाता..
उसने कहा- मुझे तो पूरा मज़ा ले लेने दे.. फिर पता नहीं तेरी चूत कब मिलेगी?

फिर उसने एक झटके में अपना आधा लण्ड मेरी चूत में पेल दिया.. मेरे मुँह से थोड़ी से चीख निकल गई.. क्योंकि मैं काफ़ी दिनों के बाद चुद रही थी।
मेरी चीख के बाद उसने मुझे ‘बहन चोद’ गाली बकते हुए चुप कराया और मेरे मुँह पर अपना मुँह रख कर मुझे किस करने लगा।

मैं भी दर्द भूल कर मजा लेने लगी तो उसने एक और झटका मार कर अपना पूरा लंड मेरी चूत में पेल दिया।
अब वो अपने अण्डों को हिलाने लगा।
फिर कुछ दर बाद वो लौड़े को चूत के अन्दर-बाहर करने लगा।
उसका लंड 7 इंच का था.. जो कि मेरी बच्चेदानी पर चोट मारता हुआ लग रहा था।

10 मिनट की चुदाई के बाद मेरा पानी निकल गया, मैंने उससे कहा- आह्ह.. भाई.. मेरा तो हो गया..
तो भाई बोला- मेरा माल निकलने में तो अभी टाइम है।
वो मुझे मस्ती में चोदता रहा.. फिर 8-10 मिनट बाद एकदम तेज धक्के लगाते हुए बोला- ले आह्ह.. अब मेरा निकलने वाला है।
मैंने कहा- प्लीज़ चूत में मत निकालना..
तो बोला- या तो चूत में निकालूँगा या तेरे मुँह में..
तो मुझे ना चाहते हुए भी उसका लंड मुँह में लेना पड़ा और उसके लंड का पानी भी पीना पड़ा।

चुदाई के बाद देखा तो करीब रात का 12:30 हो गया था.. तो उसने बोला- अब हम ऐसे ही नंगे सोएंगे बिना कपड़ों के..।
तो मैंने कहा- कोई आ जाएगा तो?
बोला- मैं 3 बजे का अलार्म लगा कर सोऊँगा।
तो मैंने कहा- ठीक है।

उसने मुझे अपना ऊपर लिटा लिया और अपना लंड मेरी चूत में डाल कर बोला- अब लौड़ा लीलते हुए सो जा।
अब तो मुझे भी उसके लौड़े से चुदने में मज़ा आ रहा था तो मैं भी चूत में लण्ड रखवा कर सो गई।

करीब 3 बजे अलार्म बजने से आँख खुली तो देखा- वो मेरी चूत में हल्के हल्के धक्के लगता हुआ मुझे चोद रहा था।
मैंने भी मजा लेना शुरू कर दिया।

इससे आगे की कहानी मैं फिर लिखूँगी तब तक आप सभी दोस्त अपनी मुठ्ठ मारते रहो। जब झड़ जाओ तो सबसे पहले मुझे ईमेल लिखना न भूलना।

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