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मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

मेरे परिवार की चुदाई

Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai हेल्लो दोस्तों…. मेरा नाम रोहित है मैं आज जो घटना आप को बताने जा हूँ वो मेरे सामने मेरे परिवार के साथ बीती है सबसे पहले में आपको बता दूँ कि मेरी बुआ सीता देवी जो 58 साल की थोड़ी मोटी महिला है उनका फिगर 36-34-38 है यानी मस्त बड़े बूब्स और गदराई हुई गांड.. जिसे देखकर अच्छे अच्छे का लंड खड़ा हो जाये. फिर मेरी कज़िन बड़ी दीदी सीमा जिनकी उम्र 48 साल है उनका फिगर 38-40-42 है.. पपीते जितने बड़े बूब्स और कद्दू जैसी बड़ी गांड. वो जब चले तो सबके लंड खड़े कर दे. तीसरी है मेरी कज़िन दूसरी दीदी मधु जो 44 साल की है और जिनका फिगर 34-36-38 है. दूध जैसी गोरी मस्त बूब्स विशाल गांड जिसे देखकर मज़ा आ जाये. और आखरी है मेरी चाची उम्र 49 साल पतली दुबली फिगर 30-32-34 पर दिखती सेक्सी है.. छोटी गांड मटकाने में माहिर.. चलिये सबका परिचय हो गया.


अब स्टोरी में आता हूँ. एक बार हम सब एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने जबलपुर जा रहे थे. में और ये चारों औरतें एक गाड़ी में थी. में गाड़ी चला रहा था. रास्ते में घना जंगल था और रात भी हो रही थी हालाकीं हम तीन चार गाडियों में बहुत रिश्तेदार जा रहे थे पर अचानक हमारी गाड़ी बीच जंगल में बंद हो गयी और हम अकेले हो गये. हम सब गाड़ी से निकले इतने में बहुत से लोगों ने हमे घेर लिया और बंदूक की नोक पर हमे सुनसान जंगल के अंदर ले गये और वहां ले जाकर मुझे एक पेड़ से बांध दिया. फिर मैने चारों और देखा.. वो 15-20 लोग थे. थोड़े काले और बदसूरत. मेरी घर की औरतों को देखकर उनका लंड खड़ा होने लगा. दो तीन लोगों ने मेरी बुआ सीता देवी को पकड़ा और उसके कपड़े उतारने लगे पहले उसकी साड़ी उतारी फिर उसके ब्लाउज और पेटीकोट अब वो ब्रा और पेंटी में थी जिसे देखकर सबके लंड टाइट हो गये.

जब उसकी ब्रा खुली तो उसके दोनो कबूतर फड़फड़ा के बाहर आ गये. जिसे एक डाकू ने हाथ में थाम लिया और एक डाकू उसकी पेंटी नीचे करने लगा जिससे वो पूरी नंगी हो गयी और एक डाकू उनके बूब्स को चूसने लगा. एक डाकू उनकी चूत में उंगली करने लगा और तीसरा डाकू उनकी बड़ी गांड से खेलने लगा. तभी एक डाकू ने उनके गुलाबी होठों को चूसना स्टार्ट कर दिया और पूरा उनका रस निचोड़ लिया. एक ने उनकी चूची को चूस चूस कर लाल कर दिया था तीसरे ने अपना लंड उनकी चूत में एक ही झटके में डाल दिया. जिससे सीता बुआ के मुँह से चीख निकल गयी आअहह मार डाला उईईए आआआः उउफ्फ और उसने अपना काला लंड दनदनादन पेलना चालू कर दिया.

फिर एक आदमी ने अपना लंड बुआ के मुँह मे डाल दिया और चूसने को बोला तो बुआ ने मना कर दिया. उसने कस कर एक थप्पड़ मारा जिससे डर कर बुआ उसका लंड चूसने लगी और वो मस्ती में खो गया एक आदमी अभी भी बुआ की चूचियों को चूस रहा था और बुआ मुझे छोड़ दो इस उम्र में मुझे बर्बाद मत करो तो उन आदमियों ने कहा अब बर्बाद होने को क्या बचा है तू नंगी हमारे से चुद रही है. देख उधर एक आदमी तेरी शूटिंग कर रहा है ज़्यादा नाटक करेगी तो इसे सब जगह दिखा देंगे और वो झड़ने के करीब पहुँच गया.. उउउः मज़ा आआ गया में झड़ने वाला हूँ.

बुआ बोली कि मेरी चूत में मत झड़ना.. तो उस आदमी ने कहा क्यों नही झड़ूगां? आखरी बूँद तक तेरी चूत को दूँगा और उसने अपना सारा रस सीता बुआ की चूत में छोड़ दिया. फिर दूसरे आदमी ने बुआ को कुत्तिया बनाकर चोदा. बुआ की अधेड़ जवानी के भरपूर मज़े लूटे लंड और गांड के टकराने की आवाज़ आ रही थी ठप ठप और बुआ की भी सिसकारियाँ निकलने लगी. में झड़ने वाली हूँ और बुआ भी झड़ गयी. उस आदमी ने सबको सुनाकर बोला देखो इस रंडी को भी मज़ा आ रहा है चुदने में.

दूसरे आदमी ने कहा क्यों ना आये इतने मोटे और लंबे लंड मिले हैं इस उम्र में चोदते चोदते वो आदमी भी बुआ की चूत में झड़ गया. तीसरे आदमी ने सीता बुआ को अपने उपर बिठाकर चोदने को बोला पहले बुआ हिचकी लेकिन डरकर उसके लंड पर बैठ गयी और उपर नीचे होने लगी. जिससे उनके बूब्स हवा मे उछलने लगे.. जिनको उस आदमी ने थाम लिए और बुआ का मज़ा लूटने लगा. बुआ को मोटापे के कारण चोदने में मुश्किल हो रही थी पर चोदना जारी रखा. पहले वाले डाकू का लंड ये सब देखकर फिर खड़ा हो गया उसने तुरंत बुआ की गांड में लंड घुसाने लगा.

बुआ ज़ोर से चिल्लाई वहाँ नहीं मेरी गांड वर्जिन है इसे मेरे पति ने भी नहीं छुआ. उस आदमी ने कहा कोई बात नही रंडी आज में तेरी इस वर्जिन गांड का उद्घाटन करूँगा और उस आदमी ने बुआ की टाइट गांड में लंड डाल दिया. बुआ के मुँह से चीख निकली आआईईइ में मररर गई इसने मेरी सील पेक गांड फाड़ दी.. बचाओ मुझे और फिर बुआ ऊपर नीचे से चुदने लगी और वो दोनों बुआ की चूत और गांड में झड़ गये.

इसे देखकर बाकी आदमीयों ने सीमा दीदी मधु दीदी और चंपा चाची को भी नंगा कर दिया और सबकी जवानी बाहर आ गयी. फिर हुआ चुदाई का नंगा नाच.. कोई सीमा के दूध चूस रहा था तो कोई मधु की बड़ी गांड को दबा रहा था तो कोई चाची के होंठ का रसपान कर रहा था. तीनों औरतें लुट रही थी. तभी एक ने सीमा दीदी को सीधा लेटाकर अपना लंड उसकी चूत में घुसाकर चोदने लगा.. तो दूसरे ने मधु दीदी को कुत्तिया बनाकर पीछे से पेलने लगा और चाची को तो एक ने अपने ऊपर बैठाकर उछालने लगा. तीनों एक साथ चुद रही थी तीन तीन स्टाइलो में और बुआ चुदकर निढाल पड़ी थी. तभी तीनों उनकी चूत में झड़ गये और मधु दीदी को एक आदमी पकड़कर उसकी गोरी गांड को टटोलने लगा. मधु दीदी समझ गयी थी.. वह बोली नहीं मुझे छोड़ दो मेरी वर्जिन गांड है.. मैने मेरे पति को भी नहीं दिया.

तो उस आदमी ने कहा कोई बात नही आज में तेरी गांड मारूँगा और उसने मधु दीदी की गांड में लंड पेल दिया और मधु दीदी छटपटाई में मर गयी.. मेरी गांड फट गई.. में पूरी लुट गई. इस तरह मधु की जवानी लूट ली गई. फिर दो आदमीयों ने सीमा दीदी और चंपा चाची को घोड़ी बनाकर उनकी वर्जिन गांड भी फाड़ दी और गांड मारते हुए कहने लगे कि कमाल है.. इस घर की सभी औरतो की गांड सील पैक और टाईट है मज़ा आ रहा हैं और उन दोनो नें भी सीमा और चाची की गांड फाड़ दी. फिर उन्होंने बदल बदल कर चारो औरतों को रात भर हर स्टाइल में चोदा और संभोग का आनंद उठाया. ये सब देखकर मेरा लंड भी तन गया था.. जब वो जाने लगे तो उन्होने मुझे खोल दिया. उनके जाने के बाद में बेहोश पड़ी सभी औरतों पर टूट पड़ा. अपनी बुआ के बूब्स चूसे और चूत मारी और गांड का मजा लिया. सीमा दीदी, मधु दीदी, चंपा चाची सभी की चूत और गांड मारी और मज़ा लूटा. उन्हे बेहोशी में पता नहीं चला. ये बात हम लोगों ने शर्म के मारे किसी को नही बताई है

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