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मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

कमसिन हसीना की कामुक चूत

अभी एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सॉफ्टवेर इंजिनियर की पोस्ट पर हूँ। यह कहानी आज से एक साल पहले की है, जब मैं एम सी ए फाइनल ईयर का स्टूडेंट था।

उस टाइम मेरे फ्लैट पर कोई नहीं था। मेरे सारे रूम मेट्स अपने घर गये हुए थे और मैं अकेला बोर हो रहा था, तो मैंने कॉलेज जाने का सोचा।

हमारा कॉलेज बहुत बड़ा है और उसमे लड़कियाँ की भी एक से एक हैं।

मैं उस दिन कॉलेज पहुँचा और कैंटीन के बाहर मुझे रुचिरा मिल गई!!

रुचिरा काटकर एक ऐसी लड़की थी, जिसके बारे में सोचकर पूरे कॉलेज के लड़के मूठ मारा करते थे; पर वो कमसिन हसीना अपना स्वाद किसी को नहीं चखाती थी!!!

अब मैं आपको उसके फिगर के बारे में बताता हूँ, बोबे इतने बड़े की देखते ही मुँह से लार टपके और पेंट में लण्ड 3 इंच से सीधा 6 इंच का हो जाए।

चूतड़ उसके ज़्यादा भारी नहीं है। पूरा कॉलेज उसको “कमसिन हसीना” के नाम से जानता था…

अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ।

उस दिन जैसे ही मैं कॉलेज पहुँचा कैंटीन के बाहर वो मुझे मिल गई और थोड़ी देर इधर उधर की बातें करने के बाद पता चला, वो भी अकेली बोर हो रही थी!!

तो मैंने उसके सामने मूवी का प्रस्ताव रखा, थोड़ा ना नुकुर करने के बाद वो चलने के लिए राज़ी हो गई और मुझे लगा आज मेरे ३ साल की तमन्ना पूरी हो सकती है!!!

मैंने तुरंत अपनी पल्सर निकली और उसको अपने पीछे बैठा दिया और मैं बाईक चलाने लगा।

कभी कभी ज़ोर से ब्रेक मरता तो वो मेरे ऊपर गिर जाती और उसके बड़े बड़े बुब्स मेरी कमर पर टच होते। थोड़ी देर बाद वो मुझसे एक दम चिपक कर बैठ गई और मेरा लण्ड पेंट में ही 3 इंच से 6 इंच का हो गया।

खैर, जैसे तैसे करके मल्टिपलेक्स पहुँचा।

उस दिन सोमवार था, तो ज़्यादा भीड़ नहीं थी। हमनें जिस्म-2 का टिकेट लिया। अंदर गये तो पूरा हॉल खाली था।

हम कॉर्नर की सीट पर बैठ गये और थोड़ी देर बाद मूवी में सन्नी लिओने का गरमागरम सीन आया।

मैं अपने आपे से बाहर जाने लगा और मैंने उसके हाथ पर अपने हाथ रख दिया। थोड़ी देर ऐसे ही रहने के बाद मैंने अपना हाथ उसके पेट पर रख दिया। इसके लिए वो तैयार नहीं थी।

वो मेरी तरफ और मैं उसकी तरफ देख रहा था। उसकी आँखों में कुछ कशिश सी थी।

मैं धीरे धीरे अपना मुँह रुचिरा के मुँह के पास लेकर गया और उसने अपनी आँखें बंद कर लीं और मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए।

करीब 15 मिनट बाद, मैंने धीरे धीरे उसके बूब्स को ऊपर से दबाने की शुरूवात की। इस पर वो थोड़ा शरमाई और धीरे धीरे मैंने उसके टॉप के बटन खोल दिए।

उसके आज़ाद चुचे मेरी आँखों के सामने थे। सो, मैं झट से उसके चुचों को मुँह में लेकर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा!!

उसके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं – आहः आह आह… ज़ोर से… और ज़ोर से चूसो… और ज़ोर से चूसो… आह अहह आ आ आह…

अब मैंने हल्के से उसकी जीन्स का बटन खोल के उसकी पैंटी में हाथ डाल दिया और उसकी चूत को ज़ोर ज़ोर से मसलने लगा!!!

वो अब अपने आपे से बाहर हो गई। उसकी आँखे लाल हो गईं, जैसे वो मुझे पूरा अपने अंदर लेना चाहती हो पर जगह सही नहीं होने की वजह से वो ऐसा नहीं कर पा रही थी।

उसने कहा – चलो, कहीं और चलते हैं… मैं तो इसी इंतेज़ार में था!!

मैं झट से खड़ा हुआ और उसको अपने रूम पर लेकर आया क्योंकि उस दिन मेरे रूम पर कोई नहीं था।

अंदर से दरवाजा बंद करते ही मैंने उसको अपनी बाहों में लिया और फिर खड़े खड़े ही ज़ोर ज़ोर से किस करने लगा और उसकी जीभ को मुँह में लेकर चूसने लगा।

करीब 15 मिनट ऐसे ही चूसने के बाद उसको मैं अपने कमरे में लेकर गया।

कमरे में जाते ही मैंने अपना शर्ट और जीन्स खोल दिए और मैं सिर्फ़ अंडरवियर में आ गया।

फिर मैंने उसको अपने बेड पर लेटाया और पूरा उसके ऊपर आ गया!!

करीब 10 मिनट तक मैंने उसे कपड़ो के ऊपर से ही हर जगह किस किया और फिर उसका टॉप और जीन्स खोल दिया!!

उसके चुचे ब्रा से बाहर आने को उतावले हो रहे थे। फिर मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी और उसके चुचों को मुँह में लेकर चूसने लगा।

धीरे धीरे मैंने उसकी पेट, थाई, हर जगह किस किया और उसकी पैंटी भी उतार दी और उसकी चूत को ऊपर से मसलने लगा!!!

अब वो ज़ोर ज़ोर से आवाज़ें निकाल रही थी – आहह आहह… ज़ोर से करो… और ज़ोर से करो।। अब मत तडपा… डाल दो, अपना लण्ड मेरी चूत में।

फिर भी मैं चूत को ऊपर से ही मसल रहा था।

इस बीच वो एक बार झड़ गई। वो अब अपने आपे से बाहर थी।

उसने खड़े होकर मेरी अंडरवियर खींच दी और फाड़ दी। अब मैं भी पूरा नंगा था…

वो मेरा लण्ड मुँह मे लेकर चूसने लगी। मैं तो जैसे जनन्त में ही पहुँच गया!!

थोड़ी देर चूसने के बाद मैंने उसे सीधा लेटाया और उसके दोनों पैरों को मेरे कंधों पर रखा और मेरे लण्ड को धीरे धीरे उसकी चूत पर रगड़ने लगा। वो – आ आहा अहः आह आह करने लगी।

फिर मैंने एक ही झटके में अपने लण्ड को उसकी चूत में पेल दिया!!!

वो ज़ोर से दर्द से कहराई – आहहहहहहहहहहहहहहः और उसकी आँखों से आँसू आने लगे और वो मछली की तरह तड़पने लगी…

थोड़ी देर बाद, जब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तब मैंने फिर से एक झटका दिया और इस बार पूरा लण्ड अंदर चला गया।

वो फिर दर्द से तड़पने लगी। उसकी चूत से खून निकलने लगा!!

थोड़ी देर बाद मैंने ज़ोर ज़ोर से उसको चोदना शुरू किया…

वो – आहह आह आ हाआहाआहाः करने लगी और गंदी गंदी गालियाँ देने लगी – मेरी चूत का भोसड़ा बना दो… और ज़ोर से… और ज़ोर से… आज से मैं तुम्हारी रंडी हूँ… जब चाहे मुझे चोदना…

इस तरह मैं ज़ोर ज़ोर से कर रहा था और वो जोरों से चिल्ला रही थी – उम्म आह… अह… मंह… आह… करीब 20 मिनट बाद हम दोनों साथ में झड़ गये।

फिर मैं उसको होस्टल छोड़कर आया…

इस तरह मैंने उस “कमसिन हसीना” की चुदाई की!!!

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