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मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

शरीफ चाची की निगोड़ी चूत

मेरे प्यारे दोस्तो, आज मैं आपको अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ, जो की मेरी और मेरी चाची की है।

मेरा नाम जगदीश है। मैं जोधपुर, राजस्थान का रहने वाला हूँ। मैं एक साधारण लड़का हूँ। उम्र 23 साल, कद 5 फुट 6 इंच, रंग गोरा… मैं दिखने में स्लिम हूँ पर मेरा लण्ड 7 इंच लंबा और 4 इंच मोटा है।

यहाँ मैंने कई कहानियों में पढ़ा है कि कई लोग कहते हैं कि उनका लण्ड 9 इंच लंबा है; वगेरा वगेरा पर मैं नहीं चाहता कि मैं झूठ बोलूं।

अगर कोई चाहे तो मैं उसे अपने लण्ड की फोटो भेज सकता हूँ!!! !!

हाँ, तो अब कहानी पर आते हैं… …

यह आज से 3 साल पहले की बात है और मेरा पहला अनुभव भी है।

तो, मैं अपने गाँव आया हुआ था।

जो साइज़ मैंने अपने लण्ड की बताई उस से यह तो निश्चित है कि मैं उसे छिपा कर नहीं रख सकता था!! मेरा लण्ड चाहे सोया हुआ ही क्यूँ ना हो, उसका उभार दिख ही जाता था…

तो हुआ यूँ कि उस दिन से पहले तक मैंने ना तो आज तक सेक्स किया था और ना ही किसी औरत या लड़की को असलियत में नंगा देखा था। हाँ, पॉर्न मूवीस ज़रूर देखी थीं पर सेक्स कभी नहीं किया था…

मैं बहुत शर्मीले किस्म का हूँ तो आसानी से किसी से घुल मिल नहीं पाता था।

सो दोस्तो, मैं गाँव में था और मुझे वहाँ 1 महीना हो गया था मेरी पैंट के उभार को देख के लोग पता नहीं क्या क्या सोचते थे पर मैं उसकी परवाह नहीं करता था क्यूंकी मेरे मन मे कोई ऐसी सोच नहीं थी।

एक दिन हुआ यह कि मेरे मम्मी-पापा को और मेरी दादी को कहीं शादी में जाना था।

दादी मेरी चाची के साथ रहती थीं और सब जा रहे थे तो मेरी चाची जिनकी उम्र मुझसे कोई दो साल ज़्यादा थी ने मेरे मम्मी को कहा कि मैं उनके घर रुक जाऊँ!!

मेरी मम्मी ने कहा – ठीक है, तू चाची के वहाँ चले जाना; रात को…

तो मैंने कहा – ठीक है… और वो सब लोग दोपहर को चले गये और मैं शाम तक अपने घर पर रहा और शाम होते ही चाची के घर चल पड़ा।

लगभग अंधेरा होते होते पहुँचा तो चाची ने पहले तो मुझे खाना वगेरा खिलाया, फिर पास पास में ही बिस्तर लगा दिए।

क्यूंकी चाचा घर पर नहीं थे, तो मैं और मेरी चाची दो अलग अलग चारपाइयों पर ही थोड़ा दूर दूर सो गये।

चाची मुझसे बातें किए जा रही थीं और मैं सिर्फ़ हाँ हूँ में जवाब दे रहा था।

लगभग एक घंटा ऐसे ही बीत गया तो चाची ने कहा – अपनी चारपाई थोड़ा पास कर लो…

तो मैंने चारपाई पास खिसका ली पर अब भी लगभग एक फुट जगह थी, बीच में। फिर हम और बातें करने लगे।

अब चाची थोड़ी अजीब सी बातें करने लगी थीं!!

जैसे की गाँव में किसी के अवैध संबंधो के बारे में कि लोग ऐसा करते हैं, ये सब ठीक नहीं हैं वगेरा…

मेरा भी मन हुआ की चाची ऐसी बात कर रही हैं तो ये तो सही होंगी और मुझे कुछ ग़लत बात नहीं करनी चाहिए।

ऐसे ही बातें करते करते एक घंटा और निकल गया और इस बार फिर चाची ने कहा की चारपाई और पास में खींच लो। तो मैंने भी चारपाई बिल्कुल सटा दी।

फिर अगले ही पल चाची अपनी चारपाई से उठ कर मेरी चारपाई पर आ गईं और मुझसे कहने लगीं – तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो और मुझसे चिपक गईं और मुझे कस कर बाहों में भर लिया!!!

मुझे तो कुछ समझ में ही नहीं आया कि ये सब हो क्या रहा है?

सच में दोस्तो, ये सब इतना अचानक हुआ की कुछ पता ही नहीं चला!!!

अब मैंने भी उन्हें बाहों मे भर के चूमना शुरू किया और लगभग दस मिनट तक ऐसे ही कस के पकड़े रखा।

फिर मैंने उनके कपड़े उतारना शुरू किया… …

दोस्तो, पहली बार कोई औरत आपकी बाहों में हो तो उस सुख की कल्पना भी करने मैं बहुत मज़ा आता है!!! !!

मेरा ये पहला अनुभव था, इसलिए मैंने कोई बात भी नहीं की और अपनी चाची के बोबे अपने हाथों से दबाते हुए उनकी चूत पर लण्ड टिकाया और पेलने की कोशिश की।

उनकी चूत गीली होने की वजह से मेरा सुपाड़ा उसके अंदर चला गया और और फिर मुझे जो मज़ा आया वो मे शब्दों में बयान नहीं कर सकता हूँ!!

फिर मैंने धीरे धीरे और ज़ोर लगाया तो मेरा लण्ड उनकी चूत में उतरने लगा और मेरा मज़ा बढ़ने लगा।

पर जब मैंने पूरा लण्ड अंदर किया तो वो थोड़ा सा चिहुँकी और कहा – मैंने जितना सोचा था ये उससे भी बड़ा है!!

मैं तो उनकी बातें सुन ही नहीं रहा था और मैंने धीरे धीरे धक्के मारना शुरू किया और धीरे धीरे स्पीड बढ़ाता गया…

मैं जैसे जैसे स्पीड बढ़ाता मुझे उनकी चूत में और ज़्यादा चिकनाई महसूस होती और अब मेरा लण्ड सटासट अंदर बाहर हो रहा था!!!

मैंने लगभग दस मिनट तक उन्हें शानदार तरीके से फुल स्पीड में चोदा और फिर मैंने अपना पानी उनकी चूत मैं ही निकाल दिया… …

फिर दस मिनट तक उपर ही लेटा रहा। उन्होंने मुझे कहा – अब जब भी मन करे तो मुझे कह देना और वो मेरे से चिपक कर सो गईं।

थोड़ी देर बाद मैं उठा और बाहर जा कर मूत कर आया तो वो भी उठ कर अपनी चारपाई पर चली गईं थीं।

मैं वापस आ कर अपनी चारपाई पर सो गया और क्यूंकी उस वक़्त रात के तीन बाज रहे थे तो मुझे भी सोते ही नींद आ गई।

सुबह उठा तो उन्होंने मुझे चाय पिलाई। मैं उनसे नज़रें तक नहीं मिला पा रहा था।

मैं पूरे दिन सोता रहा और शाम को जब मुझे जाना था तो मैं उनके पास गया और मैंने उनके बोबे पर हाथ रखा, तो उन्होंने कहा – तुम इतना शरमाते क्यूँ हो? मैंने तुम्हे कहा था ना कि तुम मुझे बोल देना, जब भी मन हो।

मैंने कुछ नहीं कहा। तो उन्होंने कहा – अभी नहीं, अभी तुम घर जाओ। हम बाद मे कभी करेंगे!!

तो मैं चल दिया और उसके बाद मैंने अपनी चाची को दो महीने तक लगातार चोदा…

मैंने उन्हें हर स्टाइल हर पोज़ में जम कर चोदा!!

बाद में उन्होंने मुझे मना कर दिया यह कहकर की तुम्हारे चाचा कहते हैं कि तेरी चूत इतनी ढीली कैसे हो गई इसलिए अब वो मुझे अपने साथ सेक्स नहीं करने देती थी!!!

दोस्तो, ये थी मेरी और मेरी चाची की चुदाई की कहानी!!

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