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मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

पूनम की चूत की पहली चुदाई

हेलो, मेरा नाम मनोज है।

मैं जयपुर, राजस्थान का रहने वाला हूँ। मैं आज आपको अपने जीवन की एक बहुत ही खूबसूरत घटना बताने जा रहा हूँ।

मैं एक प्राइवेट कंपनी में सेल्स मैनेजर था, कॉर्पोरेट सेल्स देखता था, तब ही मेरे यहाँ एक नयी लड़की पूनम ने जोइन किया।

कमाल की दिखती थी पूनम। 5 फीट 7 इंच की हाइट, 36 के बूब्स और 38 की गाण्ड होगी। उसकी स्माइल इतनी प्यारी थी की पहले ही दिन घर जाकर मुझे हिलाने की जरूरत पड़ गई।

पूनम रोज़ मुझसे बात तो करती थी पर सिर्फ़ ऑफीस के काम से रिलेटेड ही बस और कुछ नहीं पर धीरे-धीरे मैंने जान बूझकर उससे दोस्ती बढ़ा ली। एक दिन मैंने उससे उसका फोन नंबर ले लिया।


उसने पूछा – क्यूँ? पर मैंने दोस्ती की बात कहते हुए उसे मना लिया और फोन नंबर लेकर ही पीछा छोड़ा।

उसी रात मैंने 10 बजे उसे फोन किया, उसने नहीं उठाया और फिर उसका मैसेज आया कि अभी उसके पापा पास में है और वो अभी बात नहीं कर सकती, तो मैंने भी उसको मैसेज कर दिया कि जब भी फ्री हो जाओ और बात करना चाहो तो बस मुझे एक मिस कॉल मार देना।

मैं रात एक बजे तक जागता रहा पर उसका कोई कॉल नहीं आया, बस सोने ही वाला था कि उसका मैसेज आया कि अगर जाग रहा हूँ तो कॉल कर लो।

मैंने जल्दी से उसे फोन किया, वो फोन उठाते ही सॉरी-सॉरी कहने लगी कि बहुत देर हो गई पर उसने बताया कि उसके जीजाजी आ गये थे, इसलिए देर हो गई। फिर मैंने उससे बातें करना शुरू की तो पता नहीं चार कब बज गये।

उस रात फोन पर ही मैंने उससे काफ़ी अच्छे से दोस्ती कर ली थी और अगले दिन उसे होटेल में कॉफी के लिए बुलाया, पहले तो एक बार उसने माना किया और फिर हाँ कर दिया।

हम अगले दिन ऑफीस से हाफ डे लेकेर एक माल में गये और साथ में कॉफी पी। फिर मैंने उससे मूवी देखने को कहा तो उसने भी हाँ कर दिया, क्यूंकी ऑफीस से तो आ ही गये थे तो टाइम तो पास करना ही था।

उस दिन उसने नीली जीन्स और पीला टॉप पहन रखा था। जैसे ही वो चलना शुरू करती, मेरी आँखे तो उसके जंपिंग बूब्स और मटकती हुई गाण्ड पर जाती थी, मन तो कर रहा था कि आज ही अभी सारा दूध पी जाऊँ इसका और गाण्ड में घुस जाऊँ, पर डर रहा था कि कहीं ये बुरा ना मान जाए।

हम जैसे-तैसे मूवी में गये और किस्मत से कॉर्नर की ही सीट्स मिली थी हमें।

मूवी में ज़्यादा भीड़ नहीं थी क्यूंकि वीकडेस थे तो सब लोग ऑफीस में होते थे, मैंने इस बात का फायदा उठना चाहा।

किस्मत से हमें कोने की ही सीट्स मिली थी हमें। ज़्यादा भीड़ नहीं थी क्यूंकि वीकडेस थे तो सब लोग ऑफीस में होते थे। तो मैंने उस बात का फायदा उठना चाहा।

मैंने पहले तो उसके कंधे पर हाथ रखा तो वो थोड़ा सा डर गई, मैंने उससे पूछा – बुरा लगा हो तो हाथ हटा लेता हूँ। उसने कहा कि अगर बुरा लगता तो मैं यहाँ तुम्हारे साथ आती ही नहीं और वो हंसने लगी।

मैं तब ही समझ गया कि मनोज बेटा आज तेरी लाइन क्लियर है और लड़की पट्ट गई है।

इंटर्वल से पहले मैंने उसे किस करना चाहा तो उसने मना कर दिया, कहने लगी यहाँ नहीं, ये जगह ठीक नहीं है।

मैंने भी पूछ लिया – फिर कहाँ?

उसने कहा – अगर चलना है तो मेरे रूम पर चल सकते हो, वहाँ कोई नहीं होता। मुझे पता था के वो जयपुर की नहीं है और यहाँ अकेले रूम लेकेर रहती है।

अब तो मैं समझ गया था कि आज मेरी किस्मत खुल गई है। मैंने बिना इंतेज़ार किए इंटर्वल में ही उसे उसके रूम पर चलने के लिए कहा।

वो रेडी हो गई और हम उसके रूम पर पहुँच गए, उसने मुझे 2 मिनिट बाहर रुकने को कहा और अंदर चली गई, फिर अंदर से कॉल किया और अंदर बुला लिया।

मैंने बाइक पार्क की और उसके रूम में चला गया। अकेली लड़की का रूम कैसा होता है ये मैं क्या बताऊँ दोस्तो, उसके कपड़े ऐसे पड़े थे जैसे ये उसका रूम नहीं बाथरूम हो। रूम में अंदर जाते ही मेरी तो नज़र ही सबसे पहले उसकी ब्रा पर पड़ी थी जो उसने एक तार पर सूखने को डाली थी।

मेरे आते ही उसने वो उतार कर छुपा दी। उसके दरवाज़ा बंद करते ही मैंने उसे पीछे से पकड़ा और चूमना शुरू कर दिया।

उसे भी ना जाने क्या हुआ, वो मूडी और मेरे किस का जवाब देने लगी।

मैंने उसको उसकी कमर पकड़कर उठाया और उसके बिस्तर पर पटक दिया। और उसको बुरी तरह से चूमना शुरू कर दिया।

मेरा लण्ड जो कॉलेज के बाद से लड़की की चूत और उसके मुँह का इंतेज़ार कर रहा था, मेरे अंडरवियर से बाहर आने क लिए अंदर से उछाल रहा था।

मैंने पहले उपर से ही उसके बूब्स दबाना शुरू किए और वो गरम होने लगी थी। फिर मैंने उसका टॉप उतार दिया और मेरी आँखें फटी की फटी रह गई, उसके बूब्स जो टॉप में से 38 के नज़र आते थे, ब्रा में 42 के लग रहे थे।

मैंने टाइम वेस्ट किए बिना उसकी ब्रा उतार दी और मुझे जन्नत का नज़ारा दिख गया। उसके गुलाबी निपल्स देखकर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसे जानवर की तरह चूसना शुरू कर दिया, वो भी पागलों की तरह मुझे चूम रही थी।

मैंने देर ना करते हुए पहले अपने पूरे कपड़े उतरे और फिर उसको पूरा नंगा कर दिया, मेरा लण्ड अंडरवियर में से बाहर आने को मारा जा रहा था, पर मैंने थोड़ा कंट्रोल रखा और पूनम की गोरी-गोरी जांघों को खोलते हुए चूत पर अपनी ज़बान लगा दी और उसे चाटना शुरू कर दिया।

पूनम तो पागल हुए जा रही थी, उसने ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाना शुरू कर दिया, मैंने मन ही मन सोचा अभी तो सिर्फ़ चाटना शुरू किया है और ये चिल्ला रही है, चुदाई के टाइम क्या होगा, भगवान जाने।

फिर मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने हथोड़े जैसे लण्ड पर रख दिया और लण्ड हाथ में आते ही उसका मुँह खुल गया और वो बोली – ये क्या है?

मेरी तो हँसी ही निकल गई और मैंने बोल दिया – ये तेरी जन्नत है जानेमन और आज ये तुझे मार कर जन्नत में ले जाएगा।

ये सुनते ही उसने मेरे लौड़े को अंडरवियर से आज़ाद कर दिया और उसे चूसना शुरू कर दिया, मुझे ऐसा लगा जैसे जन्नत मिल गई हो।

जैसे ही लण्ड उसकी ज़बान को छूता मुझे बहुत अच्छा लगता।

मैंने फिर से उसकी चूत चाटना शुरू किया पर अब तक वो 2 बार झड़ चुकी थी और वो चुद्ने को मरी जा रही थी,

मैंने टाइम ना लगते हुए, अपने प्यारे लण्ड का सूपड़ा उसकी चूत पर रखा और बिना बोले एक बार में उसकी प्यारी गुलाबी चूत में घुसा दिया।

अचानक गये लण्ड से वो चीख उठी और छटपटाने लगी, पर मैंने उसे पकड़ लिया।

फिर मैंने देखा के उसकी चूत से खून आ रहा था,

मैंने उसे पूछा भी कि क्या तुम पहले नहीं चुदी तो उसने सिर्फ़ सिर हिला कर मना कर दिया।

फिर मैं थोड़ा रुका और धीरे-धीरे अपनी मशीन चालू कर दी, मुझसे और वेट नहीं हो रहा था क्यूंकि मेरा इंजन जल रहा था पर पूनम हिम्मत हार गयी थी, पर जैसे-जैसे धक्के लगने लगे, पूनम को अच्छा लगने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी।

अब मैंने उसे कुतिया बना दिया और कुत्ते की तरह उसे चोदा। वो चीखती और चिल्लाती रही, पर मैं आज कहाँ रुकने वाला था।

कमरे में उहह आहह उहह अयाया… अयाया… की ज़ोर-ज़ोर से आवाज़ आने लगी थी, मुझे डर लग रहा था, कहीं किसी ने सुन लिया तो प्राब्लम हो जाएगी पर मैंने ज़ोर-ज़ोर से चोदना जारी रखा।

फिर मैंने पूनम को उठाया और उसे अपनी गोदी में बिठा कर खड़ा हो गया और खड़े होकर उसकी चुदाई शुरू की और उसे उछाल-उछाल कर खूब चोदा।

अब मेरा पानी छूटने वाला था तो मैंने उसे फिर से बिस्तर पर पटक कर टाँगें चौड़ी कर दी और पूरी ताक़त लगा कर धक्के लगाना शुरू कर दिया,

ऐसा लग रहा था जैसे ट्रेन का पिस्टन आगे-पीछे हो रहा हो, अब तक पूनम पूरी तरह से मेरा साथ दे रही थी।

मैंने अपने दोनों हाथ उसके बड़े-बड़े सॉफ्ट-सॉफ्ट बूब्स पर रख दिए और उन्हें दबाता रहा, जानवरों की तरह और चुदाई करता रहा।

बीच-बीच में मैंने अपने दातों से उसके निप्पल्स को काट लिया था तो उसके बूब्स लाल हो चुके थे।

मैं बस अब किनारे पर था और मैंने अपनी आखरी पूरी ताक़त लगाकर 3-4 धक्के दिए और लण्ड निकालकर उसके मुँह पर अपना मसाला निकाल दिया।

गरम-गरम पानी उसके मुँह पर निकला तो वो एक बार तो डर गई, पर फिर वो सारा पानी पी गई।

फिर उसने मेरा लण्ड चूसा और उसे चाटा, जब तक वो ढीला होकर सो नहीं गया।

फिर मैं और पूनम नंगे लेट गए और मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया। उसके बूब्स मेरे सीने पर लग रहे थे तो स्वर्ग जैसा आनंद आ रहा था।

मैंने फिर से चुदाई करने को कहा तो पूनम ने मना कर दिया।

वो बोली – आज पहली बार के लिए काफ़ी है, बाकी फिर कभी कर लेना। मैं भी मान गया और हम फिर एक साथ नहाने चले गये।

उसके बाद मैंने ना जाने पूनम के साथ कितनी बार चुदाई की, मुझे भी याद नहीं, अब उसकी शादी हो गई है और वो नॉएडा में सेट्ल है।

वो खुश है और शादी के बाद भी जब भी वो जयपुर आती है, मुझसे मिलती है और अपनी चुदाई भी करवा लेती है।

तो दोस्तो ये थी मेरी कॉलेज के बाद पहली चुदाई।

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