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मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

कॉलेज गर्ल ने खुशी से चुत गांड की सील तुड़वाई

यह इंडियन गर्लफ्रेंड की चुदाई स्टोरी मेरी क्लासमेट के साथ पहले सेक्स की है. हमारी दोस्ती कैसे हुई और बार चुदाई तक कैसे पहुंची?

मेरे प्रिय मित्रो, मेरा नाम आशीष है, मैं उत्तर प्रदेश के जौनपुर का रहने वाला हूँ. लेकिन पढ़ाई के चलते मैं प्रयागराज में ज्यादा रहता हूँ.

ये मेरी पहली और सच्ची सेक्स कहानी है.

मैं आपको अपनी इंडियन गर्लफ्रेंड के बारे में बताता हूं.
उसका नाम खुशी है, वो 20 साल की एकदम गोरी मस्त फूली हुई माल है. उसका साइज 32बी-28-36 का है.

मैं जौनपुर में कंप्यूटर का कोर्स कर रहा था.
अचानक से एक दिन मेरी क्लास में खुशी की एंट्री हुई.
मैं तो देखकर खुश हुआ कि चलो कोई तो लड़की इस बैच में है, अब पढ़ने में मजा आएगा.

पढ़ने में मैं बहुत अच्छा हूँ तो इसी के चलते मेरी दोस्ती खुशी से जल्दी हो गयी और उसने एक दिन मेरा नंबर मांग लिया.
फिर हम दोनों की बातें होने लगीं.

बातें करते करते मैंने एक दिन खुशी को प्रपोज़ कर दिया लेकिन उसने उस समय मना कर दिया.

मैंने कहा- मैं हमेशा तुम्हारी प्रतीक्षा करूंगा.

इसके एक हफ्ते के बाद वो दिन आ गया, जिसकी मैं प्रतीक्षा कर रहा था.

मैंने अचानक क्लास में उसके गाल को टच कर दिया, तो वो कुछ बोली नहीं, बस मुस्कुरा दी.
मैं समझ गया कि ये मुझसे पट गयी है.

मैंने खुशी को कहा- तुम्हें देखकर किस करने का मन कर रहा था लेकिन मैंने किस लिया नहीं.
इस पर उसने कहा- लिया क्यों नहीं?
मैंने कह दिया- मैं तुम्हारी हां की प्रतीक्षा कर रहा था.
वो मुझे हां बोलकर मुस्कुरा दी और जब तक मैं कुछ कहता, वो उठ कर चली गयी.

घर जाने के बाद उसने मुझे कॉल किया और बोली- तुम्हारा छूना मुझे बहुत अच्छा लगा.
मैंने कह दिया- अगर तुम चाहो तो हम दोनों मेरे रूम में अकेले मिल सकते हैं. इस समय मेरा घर खाली है. मम्मी पापा बाहर घूमने गए हुए हैं.

उसने हां कर दी और मैंने उसे अगले दिन अपने रूम पर बुला लिया.

वो एक टॉप और स्कर्ट में आई.
दोस्तो मैं तो बस उसे देखता रह गया. ख़ुशी एक मस्त माल लग रही थी. उसको देखते ही मन हो गया कि आज इसको चोदूंगा ज़रूर.

उसके आते ही मैंने उसे गले लगा लिया.
वो भी मेरे गले लगी और हम दोनों एक दूसरे को किस करके अलग हो गए.

फिर मैंने उससे पूछा- क्या लोगी?
उसने कहा- मुझे प्यास लगी है पानी दे दो.

मैं अन्दर गया और फ्रीज से दो कोल्डड्रिंक निकाल लाया. एक उसे दे दी और एक मैं पीने लगा.

फिर उसने आंखें मटका कर कहा- मुझे क्यों बुलाया अकेले में?
मैंने झट से जवाब दिया कि मुझे तुमसे प्यार करना है.

उसने इठलाते हुए कहा- अच्छा जी … बड़ी जल्दी है प्यार करने की.
मैंने कहा- क्या करूं … तुम हो ही इतनी खूबसूरत कि मुझसे रहा ही जाता है.

इतना कहने के बाद मैंने उसके होंठ पर अपना होंठ रख दिए और उसे चूमने लगा.
शायद उसका भी मन था तो वो भी मेरा साथ देने लगी.

थोड़ी देर बाद वो गर्म होने लगी.
मैंने उसके टॉप के अन्दर से ही उसके एक चुचे को पकड़ लिया और मसलने लगा.
इस पर वो शर्मा गयी.

दोस्तो, उसका ये पहली बार का सेक्स था. वो अभी एकदम कुंवारी माल थी.

मैंने उसे प्यार से मना लिया और उसके कपड़ों को एक एक करके उतार दिया.
वो पैंटी और ब्रा में बड़ी गजब की माल लग रही थी. उसको नंगी देखते ही मेरा लंड तो झूमने लगा.

मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और उसके ऊपर चढ़कर उसकी ब्रा को खोलकर उसके गोल गोल रूई से भी अधिक नर्म चुचों को पीना शुरू कर दिया.
उसे अपने दूध चुसवाने में बड़ा मजा आ रहा था.

अब वो एकदम से गर्म हो चुकी थी और उसके मुँह से सिसकारियां निकलने लगी थीं- आहह हहह उहहह!

उसके बाद मैंने उसकी पैंटी को निकाल दिया.
मेरे सामने उसकी नंगी चूत थी, एकदम गुलाबी रंग की.

उसने मेरे पास आने से पहले ही अपनी चुत के बाल साफ किए थे. मैंने उसकी तरफ वासना से देखा तो वो शर्मा गई और उसने अपनी चुत को अपने हाथ से ढक लिया.

मैंने उसके हाथ को हटाया और बड़े प्यार से देखा.
मुझसे उसकी पिंक चुत देख कर रहा नहीं गया और मैंने झट से उसकी चूत पर अपना मुँह रख दिया.

वो मेरे मुँह को अपनी चुत पर पाते ही एकदम से कसमसा उठी और मेरे सर को अपनी चुत पर दबाने लगी.
मैं भी मजे से उसकी चूत का स्वाद लेने लगा.

वो अब इतनी गर्म हो चुकी थी कि उससे रहा नहीं जा रहा था.
उसने वासना से बोल दिया- अब मत तड़पाओ … और अपना अन्दर डाल दो.

मैंने मस्ती की और उससे पूछा- मैं अपना क्या अन्दर डाल दूं?
वो आंखें दिखाते हुए बोली- समझो न यार. मुझे बड़ी आग लगी है.

मैंने कहा- किधर आग लगी है, जब तक तुम बताओगी नहीं मैं कैसे आग बुझा पाऊंगा.
वो बिंदास बोली- अपने लंड को मेरी बुर में डाल दो.

मैंने अपना लंड खोला और उससे कहा- वो तो आज अन्दर जाएगा ही बेबी … मगर पहले इसे थोड़ा प्यार तो करो.
वो बोली- कैसे प्यार करूं?

मैंने उससे लंड चूसने के लिए बोला तो उसने मना कर दिया.

मैं भी मान गया कि अभी इसे पहले लंड का मजा दे दूँ फिर बाद में इससे लंड चुसवाने का मजा ले ही लूंगा.

उसके बाद मैंने जैसे ही उसकी चूत पर लंड लगाकर अन्दर डालना चाहा, तो मेरा लंड फिसल गया.
जैसा कि मैं पहले ही बता चुका हूँ कि ये उसका पहली बार का सेक्स था तो लंड को अन्दर जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी.

फिर इसके दो बार प्रयास करने के बाद जब लंड चुत में नहीं गया तो मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधे तक उठाया और अपना लंड चुत कि फांकों में सैट कर दिया.

वो लंड चुत में लेने के लिए बड़ी मचल रही थी. लेकिन उसे नहीं पता था कि लंड क्या करने वाला है. चुत में पहली बार जब लंड लेगी, तो साली रो देगी.

मैंने बिना सोचे समझे एक जोर का धक्का दे दिया.

इस बार मेरा आधा लंड चुत के अन्दर चला गया और उसकी जोर से चीख निकल गयी.
उसकी आंखों में आंसू आ गए.

मैं थोड़ा रुकते हुए उसके होंठों को चूमने लगा और उसके चुचों को दबाने लगा.

थोड़ी देर के बाद जब उसका दर्द कम हुआ, तो वो अपनी गांड को उठाने लगी. मैं समझ गया कि इसका दर्द कम कम हो गया है.

मैंने फिर से एक जोर का धक्का लगा दिया.
इस बार मेरा पूरा लंड उसकी कुंवारी बुर को चीरता हुआ अन्दर तक चला गया और उसकी बुर से खून की धार निकल आयी.
उसकी सील टूट चुकी थी. इससे उसको दर्द होने लगा.

वो दर्द से कराहते हुए बोली- रहने दो यार … बहुत दर्द हो रहा है … छोड़ दो प्लीज … मुझे कुछ नहीं करना है बहुत दर्द हो रहा है.
मैंने उसे समझाया- जान, ये पहली बार है … थोड़ा दर्द तो होगा ही. तुम थोड़ी देर सह लो, उसके बाद मजे ही मजे हैं.

उसने हिम्मत करते हुए बिस्तर को कसकर पकड़ लिया और मैं धीरे धीरे अपने लंड को चुत के अन्दर बाहर करने लगा.
कुछ ही धक्कों में उसकी उंह आंह बंद हो गई और मुझे ये सिग्नल मिल गया कि उसकी चुत का दर्द कम हो गया है.

मैंने झटके देना तेज कर दिया और लगभग 10 मिनट के बाद वो झड़ गयी. लेकिन मैं झटकों पर झटके देता रहा.

अब वो भी मेरे लंड का मजा बड़े मन से ले रही थी और बोल रही थी- आह और जोर से चोदो मेरे राजा … आह आज मेरी बुर को फाड़ दो … आहह उफ्फ बहुत अच्छा लग रहा है.

लगभग 20 मिनट के बाद मैंने भी उसकी बुर में ही अपना गर्म गर्म पानी छोड़ दिया और उसके ऊपर ही ढेर हो गया.
इस दौरान वो दो बार अपना पानी छोड़ चुकी थी.

लगभग आधे घंटे के बाद वो उठी और इस बार उसने खुद ही मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.
बस देखते ही देखते मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.

इस बार मैंने उसे घोड़ी बना कर जमकर चोदा.

कुछ देर बाद वो मुझसे बोली- मुझे ऊपर आना है.

मैंने उसे अपने लंड पर बिठा लिया और उसकी चूचियों को मसलते हुए चुदाई शुरू कर दी.
वो मस्ती से लौड़े पर चुत पटक रही थी.

काफी देर की चुदाई में मैंने उसकी चुत में ही पानी छोड़ दिया.

उसके कुछ देर बाद मैंने उसकी गांड में उंगली डाली तो वो मना करने लगी.

मैंने कहा- क्यों मना कर रहो हो?
वो बोली- उधर दर्द होगा.

मैंने कहा- वो तो चुत में भी हुआ था. क्या तुमने सनी लियोनी को ब्लूफिल्म में गांड मराते हुए नहीं देखा?
वो बोली- क्या मैं सन्नी लियोनी हूँ?

मैंने उसके दूध मसलते हुए कहा- आज तुझे मैं अपनी सन्नी लियोनी बनाकर ही छोडूंगा.
वो हंस गई.

फिर मैंने तेल से उसकी गांड को ढीला किया अपनी दो उंगलियों से गांड को ढीला रहना सिखाया.

जब वो खुद कहने लगी- हां अब आ जाओ.
मैंने फिर से मस्ती की- किधर आ जाऊं?

तो वो मेरी आंखों में आंखें डालते हुए बोली- भोसड़ी के मेरी गांड मारने आ जा.
मैंने भी उसे गाली दी- मां की लौड़ी तेरी गांड फट जाएगी.
वो बोली- तो तू कौन सा बिना गांड मारे रह जाएगा साले.

मैंने हंस कर अपने लंड पर तेल लगाया और उसे कुतिया बनने के लिए कहा.
वो गांड हिलाते हुए कुतिया बन गई.

मैंने तेल की शीशी अपने हाथ में ली और उसके गांड में ढेर सारा तेल टपका कर लंड लगा दिया.

फिर मैंने उससे कहा- अब गांड ढीली छोड़.

उसने जैसे ही अपनी गांड खोली, मैंने लंड का सुपारा गांड में फंसा दिया और तेल टपकाने लगा.
उसकी गांड में दर्द होने लगा मगर मुझे मालूम था कि गांड मारना कितना कठिन काम होता है.

मैं धीरे धीरे लंड अन्दर करता रहा और वो कुनमुनाती रही.

आखिकार मैंने पूरा लवड़ा गांड में पेल ही दिया. उसकी गांड फट गई थी तो वो थोड़ा चीख रही थी मगर मैंने उसे हचक कर चोदा और दस मिनट तक उसकी गांड मारी.
वो भी गांड मराने के दौरान ही मस्त हो गई थी और गांड हिलाते हुए लंड गांड में लेने लगी थी.

गांड मारने के बाद मैंने वीर्य अन्दर ही छोड़ा और उसकी पीठ पर ही ढेर हो गया.
चुत और गांड चुदवाकर वो मस्त हो गई थी.

कुछ देर बाद वो लंगड़ाते हुए उठ कर बाथरूम में गई और साफ़ होकर बाहर आ गई.

ये उसकी पहली चुदाई थी.

कुछ देर तक वो मेरे साथ लेटी रही मैंने उसे गर्भ और दर्द रोकने की दवाई भी दी जिससे उसका दर्द खत्म हो सके.

आधे घंटे बाद मैंने उसे अपनी बाइक पर बैठाया और उसे उसके घर के पास छोड़ कर आ गया.

उस दिन के बाद से मैंने किराये पर एक अलग मकान ले लिया था. वो जब भी कोचिंग पढ़ने आती थी, तो पहले मुझसे अपनी चूत चुदाई कराकर ही कोचिंग जाती थी.

ये मेरी सच्ची सेक्स कहानी है इंडियन गर्लफ्रेंड के साथ. चूंकि मैंने पहली बार ये कहानी लिखी है, तो जो गलती हो गई हो, उसके लिए माफी चाहता हूँ. आप लोग सेक्स कहानी पर अपनी राय ज़रूर दें.

मेरी ईमेल आईडी है
panditashishmishra143@gmail.com

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