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मौसी और अकटारा को चोदा – देसी कहानी

मेरी गांड मारो सजना

जब मैं 12वीं में थी, तब ट्यूशन भी जाती थी. मुझे रास्ते में रोज ही एक लड़का दिखता था. वो मेरे घर से थोड़ी दूर ही रहता था. वो मुझे रोज देखता था. बाद में मुझे मालूम हुआ कि उसका नाम विक्की था. विक्की बहुत हैंडसम था उसकी हाईट भी काफी मस्त थी.

वो मुझे रोज देखकर स्माइल करता और मेरे पीछे पीछे मेरे घर तक आ जाता. मैं घर में आ जाती, तो वो सीटी की धुन पर कोई न कोई गाना निकालते हुए आगे बढ़ जाता. मुझे उसका यूं मेरे पीछे आना बड़ा अच्छा लगने लगा था.

फिर एक दिन मैं उसे देख कर मुस्कुरा पड़ी तो उसने मेरे करीब आकर मुझे प्रोपोज़ कर दिया.
मैंने कहा- मुझे थोड़ा टाइम चाहिए सोचने के लिए!
उसने कहा- हां मुझे भी लगता है कि तुमको मेरे बारे में जानकारी होनी चाहिए. ऐसा करो, तुम मुझे अपना फोन नम्बर दे दो. इससे हम दोनों एक दूसरे को समझ सकते हैं.

ये कहते हुए उसने मेरा नंबर मांग लिया मैंने भी दे दिया. अब हम दोनों की बातें चालू हो गई थीं.

शाम को चार बजे उसने मुझे कॉल किया.

मैंने- हैलो कौन?
विक्की- क्या कर रही हो.
मैं उसकी आवाज पहचान गई और बोली- मैं बस पढ़ रही थी … अब बस शॉपिंग करने मार्किट जा रही हूँ.
विक्की- मतलब तुम मेरी आवाज से ही मुझे पहचान गईं . … थैंक्स.
मैंने भी हंस कर ओके कह दिया.

फिर विक्की बोला- बाजार किसके साथ जा रही हो?
मैंने कहा- अकेली.
विक्की- मैं आ जाऊं? साथ में चलते हैं.
मैं बोली- हां ठीक है.
वो बोला- निकलने से पहले कॉल कर देना.
मैंने ओके कहा और फोन काट दिया.

फिर मैं तैयार होकर बाहर निकली और उसको कॉल कर दिया. वो मेरे फोन का इन्तजार ही कर रहा था. कुछ ही पलों में वो अपनी कार लेकर आ गया.

मैं उसकी कार में बैठ कर एक मॉल में आ गई. वहां मैंने दो ड्रेस लीं और चेंजिंग रूम में चली गई. अन्दर ड्रेस को ट्राई करके मैं बाहर आ गई.

उसने मुझे तीन ड्रेस और दीं और कहा- ये भी ट्राई करो, तुम पर बहुत अच्छी लगेंगी.

मैं मुस्कुराते हुए ड्रेस लेकर अन्दर चली गई और कुछ ही देर में ट्राई करके बाहर आ गई.

मैंने दो ड्रेस ले लीं, मेरा सब बिल उसी ने पर किया. कुछ देर वहीं रुक कर हम दोनों ने एक एक कॉफ़ी पी और हम दोनों बाहर आ गए. फिर उसने मुझे घर पर छोड़ दिया.

जब हम घर पहुंचे, तब उसने मुझे एक गिफ्ट दिया. मैंने घर जाकर उस गिफ्ट को खोल कर देखा, तो उसने मुझे एक ब्रा पैंटी का सैट गिफ्ट किया था. मैं मुस्कुरा दी.

रात में उसने मुझे कॉल किया- गिफ्ट कैसा लगा?
मैं- अच्छा था, पर साइज छोटा है.
विक्की- हां तुमने कभी अच्छे से दिखाए ही नहीं हैं … तो मुझे साइज़ का कैसे पता चलेगा.
ये कह कर वो हँसने लगा.

मैंने मजा लेते हुए कहा- क्यों रोज ही तो देखते हो?
विक्की- ऐसे देखने से क्या पता चलता है यार … अच्छा मैंने तुम्हें जो गिफ्ट दिया है, तुम उसके बदले में मुझे क्या दोगी?
मैंने कहा- क्या चाहिए?
विक्की- मैं मेरा गिफ्ट तुम्हें पहने हुई देखना चाहता हूँ.

मैंने कहा- पर साइज़ तो छोटा है.
वो बोला- कल दूसरा साइज़ लाकर दे दूँगा. आज इसी को पहन कर दिखा दो.
मैंने कहा- अच्छा ठीक है … कभी मौका मिलेगा, तो दिखा दूंगी.
विक्की- अरे नहीं यार … मुझे जल्दी देखना है.

मैं- अभी कैसे दिखा सकती हूं यार!
विक्की- क्यों बस घर के पीछे गार्डन में आ जाओ, मैं वहां आ जाऊंगा.
मैं- नहीं … उधर कोई देख लेगा.
विक्की- नहीं … कोई नहीं देखेगा, तुम मेरे लिए इतना नहीं कर सकती हो?
मैं- अच्छा ठीक है … मैं तुम्हें रेडी होकर कॉल करती हूं.

फिर मैंने देखा कि सब सो गए हैं … या नहीं.

एक बजे मैंने उसे कॉल किया और कहा- आ जाओ.

मैंने कॉल कट करके अपना गाउन उतार कर उसकी दी हुई ब्रा और पैंटी पहन ली, जो कि बहुत टाइट थी. मगर मैंने पहन ली. फिर ऊपर से गाउन पहन कर गार्डन की तरफ जाने को रेडी होकर उसका वेट करने लगी.

कुछ पल बाद उसका कॉल आया कि मैं आ गया हूँ.

तब मैं बाहर गार्डन में आ गई.

हमारे गार्डन में एक बाथरूम बना है. मैं वहीं अपने पुराने आशिक़ और राहुल से भी मिलती थी. वो आया तो मैं उसे वहां लेकर आ गई.

उसने कहा- आज तुम बहुत अच्छी लग रही हो.
मैं मुस्कुरा दी.

उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया और मेरी कमर को पकड़ लिया. मैंने उसका सहयोग किया, तो वो ब्रा पेंटी देखने के लिए मेरा गाउन ऊपर करने लगा.

उसी वक्त मैं उससे दूर हटी और खुद ही गाउन उतार दिया.
वो मुझे देखता ही रह गया.
मैं दो पल उसको अपना हुस्न दिखाने के बाद बोली- हो गया देखना … अब मैं जाऊँ?

उसने मुझे फिर से अपनी तरफ खींच कर मेरे मम्मों पर हाथ रख दिए.

वो बोला- इतनी जल्दी क्या है … मुझे इनका साइज तो नाप लेने दो … ताकि अगली बार मेरा गिफ्ट ज्यादा टाइट न हो.

ये बोल कर विक्की ने मेरे बूब्स दबा दिए.
मैं- क्यों हमेशा यही गिफ्ट दोगे क्या?
विक्की- तुम बोलो जान … तुम्हें क्या चाहिए.
मैं- जब चाहिए होगा, तब बताऊँगी.

वो मेरे बूब्स दबाए जा रहा था. अब मैं भी गर्म हो रही थी. उसने मुझे जकड़ा और किस करने लगा.

अब मुझे हर हाल में लंड चाहिए था, तो मैं भी उसका साथ देने लगी. पता ही नहीं चला कि कब उसने मेरी ब्रा खोल दी और वो मेरे मम्मों को चूसने लगा.

वो टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहन कर आया था. ये बात शायद उसे पता थी कि आज वो मुझे चोद लेगा. इसलिए उसने अंडरवियर नहीं पहना था.

उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपने शॉर्ट्स में डाल दिया.
उफ्फ्फ … उसका 7 इंच अच्छा खासा मोटा लंड देख कर मैं हैरान हो गई. उसके लंड को हाथ में लेकर मैं एकदम से पागल हो गई थी.

उसने अपने सारे कपड़े उतार कर मुझे लंड चूसने को कहा. मैं नीचे बैठ कर उसका लंड चूसने लगी. फिर उसने मुझे खड़ा किया और मुझसे खेलने लगा. कुछ देर बाद उससे मुझे वेस्ट्रन कमोड पर हाथ रख कर झुकने को बोला, मैं कुतिया बन कर झुक गई. विक्की पीछे से मेरी चुत पर अपना लंड रगड़ने लगा.

उफ्फ्फ … लंड की गर्मी महसूस करके तो जैसे मैं तो पगला गई थी.

उसी वक्त उसने एक धक्का मार दिया और उसका आधा लंड मेरी चूत में घुस गया.
मुझे ज्यादा दर्द तो नहीं हुआ, लेकिन मैं थोड़ा चिल्लाई … ताकि उसे लगे कि मेरी चुत टाइट है.

फिर उसने एक और तेज धक्का मार कर पूरा लंड अन्दर पेल दिया. अब मुझे थोड़ा दर्द हुआ और मैं फिर से चिल्ला दी.
वो रुक गया और मुझे चुप रहने को बोलने लगा.
मैं चुप हो गई.

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